शांति और सुरक्षा

सीरिया के भविष्य पर वार्ता 'मध्यस्थता की सफलता' का परिचायक

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने  मध्यस्थता को हिंसक संघर्ष समाप्त करने के महत्वपूर्ण ज़रियों में से एक बताया है. तुर्की के इस्तांबुल शहर में आयोजित 'छठे इस्तांबुल मध्यस्थता सम्मेलन' को संबोधित करते हुए यूएन महासचिव ने कहा कि सीरिया में परस्पर विरोधी पक्षों का आमने-सामने बैठकर वार्ता में शामिल होना मध्यस्थता की सफलता को दर्शाता है.

सीरिया पर ऐतिहासिक बातचीत शुरू, नागरिकों को राहत पर ज़ोर

अनेक वर्षों से हिंसक संघर्ष से त्रस्त सीरिया के लिए नए संविधान का मसौदा तैयार करने पर संयुक्त राष्ट्र के जिनीवा कार्यालय में बुधवार को काम शुरू हो गया. सीरियाई सरकार और विपक्ष के प्रतिनिधि नौ साल में पहली बार आमने-सामने बैठकर देश के भविष्य पर विचार-विमर्श करेंगे. सीरिया के लिए यूएन के विशेष दूत ने कहा है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य वर्षों से पीड़ा झेल रहे नागरिकों को राहत प्रदान करना है. 

इराक़ में हिंसा के चक्र को तोड़ने के लिए राष्ट्रीय संवाद की पुकार

इराक़ में संयुक्त राष्ट्र महासचिव की विशेष दूत ने बुधवार को बग़दाद के केंद्रीय इलाक़े में प्रदर्शनकारियों से मुलाक़ात करने के बाद राष्ट्रीय संवाद क़ायम करने की अपील की है ताकि हिंसा के चक्र को तोड़ने के लिए त्वरित और अर्थपूर्ण कार्रवाई की पहचान हो सके. इराक़ में हाल के दिनों में भारी विरोध प्रदर्शन हुए हैं और सुरक्षा बलों की कार्रवाई में बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की रिपोर्टें हैं.

महिलाओं व लड़कियों के लिए 'बदलाव की रफ़्तार धीमी'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि महिलाएँ, शांति व सुरक्षा पर आधारित एजेंडा यूएन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में बने रहना चाहिए. उन्होंने सुरक्षा परिषद में मंगलवार को एक खुली बहस के दौरान दुख ज़ाहिर करते हुए कहा कि संकल्पों के बावजूद दुनिया भर में वास्तविक बदलाव अभी नहीं दिखाई दे रहा है और परिवर्तन की गति धीमी है.

इसराइल व फ़लस्तीन संघर्ष है - 'कई पीढ़ियों के लिए त्रासदी'

मध्य पूर्व के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत निकोलाय म्लादेनोफ़ ने कहा है कि इसराइली-फ़लस्तीनी संघर्ष में ज़मीनी स्तर पर ख़राब हालात से विवाद का दो-राष्ट्र समाधान दूर होता जा रहा है. उन्होंने दुख जताया कि समाधान के अभाव में दोनों पक्षों के बीच यह विवाद कई पीढ़ियों को प्रभावित करने वाली एक त्रासदी बन गया है. 

राजनैतिक व्यवस्था में टूटते भरोसे को बहाल करने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि हाल के दिनों में दुनिया के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन दिखाते हैं कि लोग पीड़ा में हैं और अपनी आवाज़ों को सुनाना चाहते हैं. उन्होंने विश्व नेताओं से आग्रह किया है कि जनता और राजनैतिक व्यवस्था के बीच घटते भरोसे को बहाल करने और असमानता दूर करने के लिए तत्काल उचित प्रयासों की आवश्यकता है.

हज़ारों सीरियाई लोग असुरक्षा के बीच इराक़ पहुँचने को मजबूर

संयुक्त राष्ट्र ने शुक्रवार को बताया है कि तुर्की की सेनाओं और सीरिया समर्थित कुर्दिश मिलिटरी के बीच युद्धक गतिविधियाँ रोकने का समझौता होने के बावजूद - सीरिया के उत्तरी हिस्से में तुर्की की सीमा से सटे इलाक़ों में बमबारी और युद्धक झड़पें जारी हैं जिनकी वजह से हज़ारों लोग शांति व सुरक्षा की तलाश में वहाँ से जा रहे हैं.

यमन: हिंसा में कमी और सहायता राशि में वृद्धि से उम्मीदें बंधी

यमन में संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने कहा है कि देश में हिंसा में कमी आने के बाद वहां बदहाल हालात में जीवन गुज़ार रहे आम लोगों के लिए आशा बंधने के संकेत मिले हैं. ज़रूरतमंदों के लिए सहायता राशि में 20 फ़ीसदी का इज़ाफ़ा हुआ है जिसके बाद बंद पड़े मानवीय राहत कार्यक्रम फिर से शुरू कर दिए गए हैं लेकिन हिंसा पर पूर्ण विराम लगाने के लिए अभी और ज़्यादा प्रयास करने होंगे.

प्रथम कमेटी: निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे

हर साल सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक सत्र में हिस्सा लेने के लिए दुनिया भर के नेता एकत्र होते हैं और लगभग एक सप्ताह के लिए दुनिया की नज़रें इस पर टिक जाती हैं. इस सत्र में अगले वर्ष के लिए एजेंडा तय किया जाता है जिस पर काम भी इसी वक़्त शुरू हो जाता है. लेकिन फ़ैसलों को किस तरह एक्शन में बदला जाए, उसके लिए सदस्य देशों के प्रतिनिधि छह प्रमुख कमेटियों के रूप में अपना कामकाज आगे बढ़ाते हैं. महासभा की छह कमेटियों के परिचय की इस श्रंखला में पेश है प्रथम कमेटी के बारे में कुछ जानकारी. प्रथम कमेटी पर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और निरस्त्रीकरण से संबंधित मुद्दों की ज़िम्मेदारी है.

दक्षिण सूडान: डर के माहौल में चुनौतियों को समझने की कोशिश

दक्षिण सूडान के लासू में हिंसक वारदातों के बढ़ने से स्थानीय जनता के सामने पेश आ रही चुनौतियों को समझने और उनके समाधान तलाश करने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल ने इलाक़े का दौरा किया है. इस प्रतिनिधिमंडल में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNMISS) के फ़ोर्स कमांडर ब्रिगेडियर शैलेश तिनाइकर और दक्षिण सूडान में भारत के राजदूत एसडी मूर्ति शामिल थे.