शांति और सुरक्षा

संयुक्त राष्ट्र की म्यांमार में शांतिपूर्ण समाधान की अपील

म्यांमार के राखीन प्रांत में हथियारबंद गुटों और सुरक्षा बलों के बीच छिटपुट झड़पों को छोड़ कर बड़े पैमाने पर लड़ाई अभी शुरू नहीं हुई है लेकिन सुरक्षा बलों का जमावड़ा लगातार बढ़ने से चिंतित संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारी ने समस्या का शांतिपूर्ण ढंग से रास्ता तलाशे जाने की अपील की है.  

 

भ्रष्टाचार विरोधी आयोग बंद करने के निर्णय को यूएन ने ख़ारिज किया

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ग्वाटेमाला सरकार के उस निर्णय को ज़ोरदार तरीक़े से अस्वीकार कर दिया है जिसमें दंड मुक्ति के ख़िलाफ बने अंतरराष्ट्रीय आयोग (CICIG) को एकतरफ़ा रूप से ख़त्म करने की घोषणा की गई थी. इस स्वतंत्र आयोग का गठन संयुक्त राष्ट्र और ग्वाटेमाला सरकार ने मिलकर किया था जिसका काम अवैध ढंग से बने सुरक्षा गुटों और उच्चस्तरीय भ्रष्टाचार की जांच करना है.

सोमालिया के लिए नाज़ुक रहेगा ये साल: सुरक्षा परिषद

सोमालिया सरकार से संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन के प्रमुख निकोलस हेसम को देश छोड़कर जाने का आदेश से मिलने के बाद सुरक्षा परिषद ने आगाह किया है कि दशकों से चले आ रहे संघर्ष से उबरने की कोशिश कर रहे इस पूर्वी अफ़्रीकी देश के लिए साल 2019 एक नाज़ुक समय रहेगा. 

सोमालिया में शांति स्थापना के प्रयासों में प्रगति पर चुनौतियां बरक़रार

सोमालिया में संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष प्रतिनिधि के तौर पर कार्य कर रहे निकोलस हेसम ने कहा है कि स्थायी शांति के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों में अहम प्रगति हुई है लेकिन राजनीतिक सुधारों और बदलाव की प्रक्रिया को पूरी तरह सफल बनाने के लिए सभी को एक ही दिशा में चलना पड़ेगा. 

माली में हुए घातक हमले की जांच करेंगे मानवाधिकार विशेषज्ञ

माली में संयुक्त राष्ट्र स्थिरता मिशन ने कहा है कि एक गांव में हाल ही में हुए हमले की जांच संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार विशेषज्ञों से कराई जाएगी. इस हमले में 37 नागरिकों की मौत हो गई थी जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे.  

यूएन परिसर पर हमला अंतरराष्ट्रीय 'मानवीय क़ानूनों का उल्लंघन माना जाएगा'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मंगलवार को सोमालिया की राजधानी मोगादिशु में संयुक्त राष्ट्र परिसर पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है. गुटेरेश के मुताबिक़ जानबूझकर यूएन कर्मचारियों पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय मानवीय क़ानूनों के उल्लंघन की नज़र से देखा जाएगा.