शांति और सुरक्षा

दक्षिण सूडान में सेवा के लिये भारतीय शान्तिरक्षक पुरस्कृत

भारत में महिलाओं के लिये सेना का हिस्सा होना आम बात नहीं है. यही बात मालाकाल में तैनात शान्तिरक्षकों की टुकड़ी पर भी खरी उतरती है, जहाँ हाल ही में आठ सौ से अधिक शान्तिरक्षकों को दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन में सेवा के लिये पदक से सम्मानित किया गया.

डीआरसी: राजनैतिक तनाव, सशस्त्र हमले, विस्थापन और कोविड चुनौतियाँ दरपेश

काँगो लोकतान्त्रिक गणराज्य (डीआरसी) में यूएन मिशन की अध्यक्ष लैला ज़ैरूगुई ने सोमवार को सुरक्षा परिषद को बताया है कि देश में, अनेक तरह के ख़तरों और जोखिमों का सामना कर रहे नागरिकों को, सरकारी संस्थानों द्वारा, स्थिरता और सुरक्षा मुहैया कराए जाने की सख़्त ज़रूरत है.

इथियोपिया: टिगरे क्षेत्र में सहायता पहुँचाने के लिये यूएन की पूरी तैयारियाँ

संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता एजेंसी ने शुक्रवार को कहा है कि वो इथियोपिया के टिगरे क्षेत्र तक सहायता सामग्री पहुँचाने की भरसक कोशिश कर रहा है. संघीय और क्षेत्रीय बलों के बीच कई सप्ताहों तक चली लड़ाई के बाद, विस्थापित हुए लोगों तक पहुँचने के बारे में हुए समझौते के तहत सहायता पहुँचाना सम्भव हो रहा है. 

यमन: 'अन्धाधुन्ध मानवाधिकार उल्लंघन, युद्धापराध के दायरे में आ सकते हैं'

संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने सुरक्षा परिषद और व्यापक अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से युद्धग्रस्त देश यमन में मानवाधिकार उल्लंघन के अतार्किक और निर्बाध उल्लंघन के मामलों पर यह कहते हुए रोक लगाने का आहवान किया है कि अत्याचारों ने पूरे देश को अपनी चपेट में ले लिया है.

'रसायनिक हथियारों को इतिहास के पन्नों में समेट दिया जाए'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व से रसायनिक हथियारों का बिल्कुल ख़ात्मा करने के लिये संकल्प दोहराए जाने का आहवान किया है. यूएन प्रमुख ने सोमवार को, रसायनिक हथियारों के इस्तेमाल के भुक्तभोगियों की याद में मनाए जाने वाले दिवस पर अपने सन्देश में कहा कि दुनिया भर में कहीं भी, किसी भी द्वारा और किन्हीं भी परिस्थितियों में, रसायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया जाना, बिल्कुल असहनीय और अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का गम्भीर उल्लंघन है.

क्लस्टर बमों के बढ़ते उपयोग पर चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र समर्थित नागरिक समाज की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया भर में अब भी पुराने और नए संघर्षों में घातक क्लस्टर बम व गोला-बारूद का उपयोग किया जा रहा है, और इनमें सीरिया से लीबिया, नागोर्नो-काराबाख़ तक के इलाक़े शामिल हैं.

सीरिया: कड़ी सर्दी का सामना करने के लिये ज़्यादा सहायता की सख़्त ज़रूरत

संयुक्त राष्ट्र के आपदा राहत मामलों के कार्यवाहक उप संयोजक रमेश राजसिंघम ने सुरक्षा परिषद को बताया है कि सीरिया में आगामी सम्भवतः बहुत कड़ी सर्दियों के मौसम में 3 लाख से ज़्यादा लोगों को मदद की ज़रूरत पड़ेगी. उन्होंने कहा कि विस्थापित लोगों की हालत ख़ासतौर पर, बहुत गम्भीर है.

इराक़: तूफ़ानों के बीच, अन्तरराष्ट्रीय सहायता बहुत अहम

इराक़ के लिये संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि जिनीन हैनिस प्लैस्शाएर्ट ने सुरक्षा परिषद को बताया है कि देश में सरकार और प्रशासन अनेक तूफ़ानों के बीच काम जारी रखने की कोशिश कर रहे हैं, ऐसे में, मौजूदा राजनैतिक, सुरक्षा, आर्थिक और सामाजिक संकटों को हल करने के लिये अन्तरराष्ट्रीय सहायता की बहुत ज़रूरत है.

अफ़ग़ानिस्तान के लिये चन्दे के वादे और टिकाऊ युद्धविराम की पुकार

अन्तरराष्ट्रीय दानदाताओं ने जिनावा में हुए सम्मेलन में अफ़ग़ानिस्तान शान्ति प्रक्रिया के लिये वित्तीय और राजनैतिक समर्थन व सहायता का संकल्प व्यक्त किया है. मंगलवार को सम्पन्न हुए इस 2020 अफ़ग़ानिस्तान सम्मेलन में ये भी उम्मीद नज़र आई कि एक टिकाऊ युद्धविराम से देश को दशकों के संघर्ष की तबाही से निकालकर पुनर्निर्माण करने और घावों पर मरहम लगाने में मदद मिलेगी.

अफ़ग़ानिस्तान: सहायता सम्मेलन में टिकाऊ युद्धविराम लागू करने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र के दो वरिष्ठ उच्चायुक्तों ने अफ़ग़ानिस्तान में बहुत लम्बे समय से चले आ रहे संघर्ष और अशान्ति को ख़त्म किये जाने का आहवान किया है. उन्होंने सोमवार को जिनीवा में हुए एक प्रमुख सम्मेलन में कहा कि देश में सामान्य स्थिति तभी लौट सकती है जब एक टिकाऊ युद्धविराम लागू किया जाए.