शांति और सुरक्षा

कोविड-19: विश्व शान्ति और सुरक्षा पर ख़तरा बरक़रार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोविड-19 महामारी से वैश्विक शान्ति और सुरक्षा पर गहरा असर पड़ा है और दुनिया अनेक मोर्चों पर संकट का सामना कर रही है. उन्होंने कोविड-19 से उपजे हालात के बारे में गुरूवार को सुरक्षा परिषद को अवगत कराते हुए कहा कि आज लोगों की ज़िन्दगियाँ बचाना और भविष्य के लिए सुरक्षा के स्तम्भों को मज़बूती से खड़ा करना असल चुनौती है.

अफ़ग़ानिस्तान: शान्ति वार्ता से पहले हिंसा पर रोक व आम लोगों की रक्षा का आहवान 

अफ़ग़ान सरकार और तालिबान वार्ताकारों में शान्ति वार्ता की सम्भावनाओ के बीच अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) ने सभी पक्षों से आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रयास दोगुना करने का आग्रह किया है. यूएन मिशन ने कहा है कि इससे लोगों की ज़िन्दगियों की रक्षा करने और शान्ति वार्ता के लिए मददगार माहौल बनाना सम्भव होगा. यह शान्ति वार्ता क़तर की राजधानी दोहा में होनी है. 

पाकिस्तान: कराची स्टॉक एक्सचेंज पर हमले की कड़ी निन्दा 

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पाकिस्तान के कराची शेयर बाज़ार में 29 जून को हुए आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निन्दा की है. परिषद ने इस हमले में मारे गए लोगों के प्रति अपनी सम्वेदनाएँ प्रकट करते हुए इसे जघन्य और कायराना हरकत क़रार दिया है. 

वैश्विक युद्धविराम की अपील के समर्थन में सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव पारित 

सुरक्षा परिषद ने यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश की वैश्विक युद्धविराम की पुकार को बुधवार को अपना समर्थन देते हुए एकमत से प्रस्ताव पारित किया है जिसमें युद्धरत पक्षों से कम से कम 90 दिनों के लिए हिंसा रोकने का आहवान किया गया है ताकि प्रभावितों तक जीवनदाई मदद पहुँचाई जा सके.  यूएन प्रमुख ने इस वर्ष मार्च महीने में एक अपील जारी करके सभी से लड़ाई-झगड़े छोड़कर अपनी ऊर्जा कोरोनावायरस संकट से निपटने के प्रयासों में लगाने का आग्रह किया था जिससे अब तक पाँच लाख से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.  

ईरान परमाणु समझौता - शान्ति सुनिश्चित करने का सबसे कारगर उपाय 

संयुक्त राष्ट्र में राजनैतिक और शान्ति निर्माण मामलों की प्रभारी और अवर महासचिव रोज़मैरी डिकार्लो ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर हुए समझौते – साझा व्यापक कार्ययोजना (Joint Comprehensive Plan of Action) - के भविष्य पर मँडराते सन्देह पर खेद जताया है. लेकिन उन्होंने ध्यान दिलाया कि मौजूदा चुनौतियों के बावजूद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को शान्तिपूर्ण बनाए रखने के लिए यही सर्वश्रेष्ठ रास्ता है. 

मध्य पूर्व के लिए 'विनाशकारी' है फ़लस्तीनी इलाक़ों को छीनने की इसराइली योजना

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त (OHCHR) मिशेल बाशेलेट ने इसराइल द्वारा क़ाबिज़ फ़लस्तीनी इलाक़ों को ग़ैरक़ानूनी ढंग से छीनने की योजना से पीछे हटने को कहा है. यूएन मानवाधिकार प्रमुख ने इसराइल की इस कार्रवाई का फ़लस्तीनियों और पूरे क्षेत्र के लिए चेतावनी भरे शब्दों में विनाशकारी असर होने की आशंका जताई है. इससे पहले यूएन महासचिव ने भी स्पष्ट शब्दों में कहा था कि ऐसी कोई भी एकतरफ़ा कार्रवाई अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का गम्भीर उल्लंघन होगी. 

कोविड-19 जैसे संकट में ही संयुक्त राष्ट्र की प्रासंगिकता निहित - रेनाटा डेज़ालिएन

संयुक्त राष्ट्र चार्टर की स्थापना को 75 वर्ष पूरे हो चुके हैं. 26 जून 1945 को संयुक्त राष्ट्र चार्टर पर हस्ताक्षर करने वाले 50 देशों में से एक भारत भी था. तब से लेकर आज तक,  संयुक्त राष्ट्र और भारत – दोनों ही बहुपक्षवाद में भागीदार रहे हैं और संयुक्त राष्ट्र में भारत अहम योगदान देता रहा है. वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र की प्रासंगिकता को लेकर कई सवाल उठे हैं. संयुक्त राष्ट्र की उपयोगिकता और यूएन में भारत के योगदान पर भारत में संयुक्त राष्ट्र की रेज़ीडेंट कोऑर्डिनेटर, रेनाटा डेज़ालिएन का ब्लॉग. 

यूएन चार्टर: रहनुमा

 विश्व में मौजूद चुनौतियों के सामने डटकर खड़ा होना तो ज़रूरी है, मगर समस्याओं का हल निकलाना भी उतना ही ज़रूरी है. और ये रहनुमाई मुहैया कराता है संयुक्त राष्ट्र चार्टर जिस पर 75 वर्ष पहले दस्तख़त किये गए थे. यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने 26 जून को यूएन चार्टर दिवस के मौक़े पर वीडियो सन्देश में कहा है कि चार्टर के सिद्धान्त आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं...

इसराइल से फ़लस्तीनी इलाक़े छीनने की योजना से पीछे हटने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इसराइल से फ़लस्तीन में क़ब्ज़ाग्रस्त पश्चिमी तट के हिस्सों को हड़प लेने की योजना छोड़ने का आग्रह किया है. ऐसी आशंका जताई गई है कि इसराइल द्वारा इन फ़लस्तीनी इलाक़ों को छीन लेने की कार्रवाई इसराइल द्वारा अगले हफ़्ते तक की जा सकती है. यूएन के विशेष दूत निकोलाय म्लादेनॉफ़ ने सुरक्षा परिषद को सम्बोधित करते हुए आगाह किया है कि कई दशकों की शान्ति प्रक्रिया दाँव पर लगी है.

अफ़ग़ानिस्तान में कोविड-19 के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं पर हमले घोर निन्दनीय

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) ने कहा है कि देश में कोविड-19 महामारी फैलने के दो महीने के भीतर स्वास्थ्य सेवाओं पर 15 हमले किए गए. रविवार को प्रकाशित एक ताज़ा रिपोर्ट में दिखाया गया है कि 11 मार्च और 23 मई के बीच हुए हमलों में किस तरह से स्वास्थ्यकर्मियों को निशाना बनाया गया और किस हद तक स्वास्थ्य सेवाओं को नुक़सान पहुँचा.