प्रवासी और शरणार्थी

'म्याँमार की तरफ़ से रोहिंज्या शरणार्थियों की वापसी के लिए समुचित प्रयास नहीं'

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त फ़िलिपो ग्रैंडी ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों व साझेदार ग़ैर-सरकारी संगठनों ने रोहिंज्या मानवीय संकट से निपटने के प्रयासों के तहत वर्ष ‘2020 साझा कार्रवाई योजना’ (2020 ज्वाइंट रिस्पॉन्स प्लान) पेश किया है. इस अपील में 87 करोड़ डॉलर की रक़म जुटाने का लक्ष्य रखा गया है ताकि म्यांमार से आए आठ लाख 55 हज़ार से ज़्यादा रोहिंज्या शरणार्थियों और उन्हें शरण दे रहे बांग्लादेश में चार लाख स्थानीय लोगों की ज़रूरतें भी पूरी की जा सकें.

प्रवासी प्रजातियों पर कॉप-13 सम्मेलन गाँधीनगर में

दुनिया भर में जीव-जन्तुओं और पशु-पक्षियों की लाखों प्रवासी प्रजातियाँ हैं जो अपने अस्तित्व के लिए देशों की सीमाओं से भी परे तक का सफ़र करती हैं. इनमें से बहुत सी प्रजातियों के वजूद के लिए ही ख़तरा पैदा हो गया है. इन प्रजातियों का वजूद बचाने और इनका जीवन आसान बनाने के मुद्दों पर चर्चा के लिए भारतीय गुजरात के गाँधीनगर में हो रहा है अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन कॉप-13.

शरणार्थियों के लिए 'पाकिस्तानी हमदर्दी का अनुकरण करे दुनिया'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि अफ़ग़ान शरणार्थियों को शरण देने के लिए पाकिस्तानी एकजुटता और करुणा बाक़ी दुनिया के लिए अनुकरणीय उदाहरण है. उन्होंने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सोमवार को शरणार्थियों के मुद्दे पर आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए अफ़ग़ानिस्तान में शांति स्थापना के लिए नए सिरे से प्रयासों को मज़बूती देने की बात भी कही.

यूएन महासचिव के रूप में पहली पाकिस्तान यात्रा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इस हैसियत में अपनी पहली पाकिस्तान यात्रा के पहले दिन रविवार को अफ़ग़ान शरणार्थियों से मुलाक़ात की. उन्होंने जम्मू कश्मीर की स्थिति का शांतिपूर्ण हल निकाले जाने की ज़रूरत भी व्यक्त की.

लीबिया: लगातार लड़ाई से बच्चे 'भयंकर व असहनीय' स्थिति में

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने कहा है कि विश्व को लीबिया में लगातार जारी युद्ध के कारण बच्चों की "भंयकर और असहनीय" स्थिति को क़तई स्वीकार नहीं करना चाहिए. इस बीच लीबिया की स्थिति पर एक महत्वपूर्ण सम्मेलन रविवार को जर्मनी में हो रहा है जिसमें यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश के अलावा लीबिया के अहम प्रतिनिधियों के भी शिरकत करने की संभावना है और कोई शांति समझौता भी होने की उम्मीद जताई गई है.

योरोप में शरणार्थी संरक्षण के लिए नई सिफ़ारिशें

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने योरोपीय संघ से वर्ष 2020 को शरणार्थी संरक्षण की दृष्टि से बदलाव भरा साल बनाने की अपील की है. एजेंसी ने इस संबंध में गुरुवार को नई सिफ़ारिशें जारी की हैं. अगले 12 महीनों के लिए योरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता क्रोएशिया और जर्मनी के पास रहेगी और योरोपीय संघ ने दोनों देशों से नई अनुशंसाओं को अमल में लाने का अनुरोध किया है.

बांग्लादेश में बांस की खेती को बढ़ावा

बांग्लादेश के कॉक्सेस बाज़ार में विशाल शरणार्थी बस्ती की निर्माण परियोजना के लिए 2 करोड़ 40 लाख से अधिक बांसों की कटाई की गई है. अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) के सहयोग से स्थानीय प्रशासन बांसों के लिए देश में एक टिकाऊ बाज़ार को सृजित करने का प्रयास कर रहा है जिससे शरणार्थियों की ज़रूरतों को पूरा करने के साथ-साथ इस क्षेत्र को बांस व्यवसाय के केंद्र के रूप में भी विकसित किया जा सकेगा. 

'समाजों का अटूट हिस्सा हैं प्रवासी'

प्रवासी समाजों का अटूट हिस्सा हैं, वो आपसी समझ बढ़ाने और अपने रहने के स्थान व मूल स्थानों - दोनों ही जगह के टिकाऊ विकास में योगदान करते हैं.

सुरक्षित, व्यवस्थित और नियमित प्रवासन सभी के हित में है. प्रवासन मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर की प्राथमिकताएँ अंतरराष्ट्रीय सहयोग के ज़रिए सर्वश्रेष्ठ तरीक़े से हासिल होती हैं.

सभी प्रवासियों को अपने सभी मानवाधिकारों की हिफ़ाज़त करने का बराबर अधिकार है.

ये सिद्धांत सुरक्षित, व्यवस्थित और नियमित प्रवासन के लिए तैयार किए गए ग्लोबल कॉम्पैक्ट में वर्णित हैं.

फिर भी, हमें प्रवासियों के बारे में ऐसी बातें सुनने को मिलती हैं जो हानिकारक व झूठी होती हैं.

और हम अक्सर देखते हैं कि तथ्यों पर आधारित होने के बजाय डर के प्रभाव में बनाई गई नीतियों की वजह से प्रवासियों को असीम मुश्किलें उठानी पड़ती हैं.

इस अंतरराष्ट्रीय दिवस पर, मैं दुनिया भर में सभी नेताओं और आमजनों से आग्रह करता हूँ कि प्रवासियों के बारे में तैयार किए गए ग्लोबल कॉम्पैक्ट को लागू करें ताकि प्रवासन हम सभी के लिए कारगर साबित हो सके.

सुव्यवस्थित व सुरक्षित प्रवासन के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ‘अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस’ के अवसर पर कहा है कि तथ्यों के बजाय भय से प्रेरित नीतियों के कारण प्रवासियों ने ऐसी पीड़ाएँ सहन की हैं जिन्हें शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता. उन्होंने अपने संदेश अपील की है कि प्रवासन के मुद्दे पर वैश्विक समझौते के लक्ष्यों को वास्तविकता में बदलने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाया जाना चाहिए.

विश्व शरणार्थी फ़ोरम: मदद व्यवस्था में जान फूँकने की पुकार

विश्व को शरणार्थियों की परिस्थितियों का सामना करने के तरीक़ों में बदलाव लाने की ज़रूरत है और उन देशों की मदद करने के लिए ज़्यादा क़दम उठाने होंगे जो अपने यहाँ शरणार्थियों को पनाह देते हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने जिनीवा में विश्व शरणार्थी मंच में मंगलवार को ये पुकार लगाई.