प्रवासी और शरणार्थी

रोहिंज्या शरणार्थियों को वापस भेजने पर भारत से मांगा गया स्पष्टीकरण

संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी मामलों की एजेंसी (UNHCR) ने रोहिंज्या शरणार्थियों के एक समूह को वापस म्यांमार भेजे जाने के भारत सरकार के निर्णय परअफ़सोस ज़ाहिर किया है. तीन महीनों में यह दूसरी बार है जब भारत सरकार ने शरणार्थियों को म्यांमार भेजा है. 

प्रवासियों की बेहतरी के वैश्विक प्रवासन संधि का अनुमोदन

164 देशों के प्रतिनिधियों ने सोमवार को ग्‍लोबल कम्‍पैक्‍ट फॉर माइग्रेशन नामक संधि का अनुमोदन कर दिया है. संयुक्‍त राष्‍ट्र महासचिव एंतॉनियो गुटेरेश ने इस ऐतिहासिक क़दम को पीड़ा और उथल-पुथल से बचने की राह का निर्माण क़रार दिया. इस सम्मेलन में मुख्य रूप से सरकारों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की. 

रोहिंज्या शरणार्थियों को जबरन वापस न भेजने के बांग्‍लादेश के वक्‍तव्‍य का स्‍वागत

संयुक्‍त राष्‍ट्र बाल कोष, यूनिसेफ ने बांग्‍लादेश सरकार की तरफ़ से इस पुष्टि का स्‍वागत किया कि रोहिंग्‍या शरणार्थियों को उनकी इच्‍छा के बिना म्‍यांमार वापस नहीं भेजा जाएगा जहां से उनके अधिकारों का उल्‍लंघन जारी रहने की खबरें आ रही हैं. 

रोहिंज्या लोगों की वापसी सुरक्षित और उनकी मर्ज़ी से हो

संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थी मामलों के लिए शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि म्याँमार से सुरक्षा के लिए भागने को मजबूर होकर बांग्लादेश पहुँचे रोहिंज्या शरणार्थियों की स्वदेश वापसी उनकी इच्छानुसार ही होनी चाहिए. फिलिपो ग्रैंडी ने कहा कि म्याँमार में रोहिंज्या लोगों के मूल निवास स्थानों पर अब भी हालात सुरक्षित नहीं हैं जिससे कि उनकी सम्मानजक और टिकाऊ तरीक़े से वापसी हो सके.