प्रवासी और शरणार्थी

2020 तक 14 लाख शरणार्थियों को आसरे की ज़रूरत होगी

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी - यूएनएचसीआर ने कहा है कि 60 से अधिक मेज़बान देशों में फैले 14 लाख से अधिक विस्थापितों को साल 2020 तक तत्काल रूप में पुनर्वास की ज़रूरत पड़ेगी. साथ ही यूएनएचसीआर ने अतिसंवेदनशील होने के कारण एलजीबीटीआई (LGBTI) शरणार्थियों को और ज़्यादा सुरक्षा देने की मांग की.

वेनेज़ुएला सरकार से बंदियों को रिहा करने की अपील

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बेशेलेट ने वेनेज़ुएला का दौरा करने के बाद सरकार का आहवान किया है कि उन सभी लोगों को रिहा कर दिया जाए जिन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के लिए गिरफ़्तार किया गया था. संयुक्त राष्ट्र के किसी मानवाधिकार विशेषज्ञ की ये पहली वेनेज़ुएला यात्रा थी. साथ ही उन्होंने कहा है कि देश में मानवाधिकारों की स्थिति पर निगरानी रखने के लिए उनके कार्यालय की एक टीम कराकस में मौजूद रहेगी.

शरणार्थियों को सहारा देने वाले देशों की सराहना

गुरुवार को विश्व शरणार्थी दिवस के अवसर पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने उन देशों की सराहना की है जो आर्थिक चुनौतियों और सुरक्षा चिंताओं से जूझने के बावजूद अपने यहां शरणार्थियों को शरण देते हैं. युद्ध, संघर्ष और उत्पीड़न से बचने के लिए घर छोड़कर अन्य देशों में शरण लेने वाले लोगों की संख्या पिछले 20 साल में दोगुनी हो गई है.

विस्थापितों की रिकॉर्ड संख्या चिंता का सबब

युद्ध, यातना और संघर्ष से जान बचाने के लिए साल 2018 में सात करोड़ से ज़्यादा लोगों को घर छोड़कर भागना पड़ा. संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने अपनी रिपोर्ट में नए आंकड़े जारी करते हुए अपील की है कि विश्व में शांति स्थापना को संभव बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय एकजुटता की ज़रूरत है.

प्रवासियों द्वारा भेजी रक़म से ग़रीबों को बड़ा सहारा

अपने घर, गाँव, शहर और देश छोड़कर रोज़ी रोटी कमाने के लिए निकलने वाले लोग दुनिया में जहाँ भी रहते हैं वहाँ से अपने मूल स्थानों में रहने वाले परिवारों व समुदायों को हर साल भारी रक़म भेजते हैं. प्रवासियों के इस योगदान को महत्व देने के लिये हर वर्ष 16 जून को अंतरराष्ट्रीय दिवस (International Day of Family Remittances) मनाया जाता है. 

श्रीलंका में बम धमाकों के बाद शरणार्थियों में भय का माहौल

‘ईस्टर सन्डे’ पर सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद श्रीलंका में रह रहे शरणार्थियों और शरण की तलाश कर रहे लोगों की सुरक्षा के प्रति चिंताए बनी हुई हैं. बदले की भावना से प्रेरित हमलों के डर से करीब एक हज़ार लोगों ने मस्जिदों और पुलिस स्टेशनों में शरण ली हुई है.

सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता 'ख़ूबी है ख़तरा नहीं'

एक अच्छा संगीत देने वाले ऑर्केस्ट्रा की तरह, सफल और आधुनिक समाजों को भी विविधता और संस्कृति का संतुलन बनाए रखना ज़रूरी है. ऑस्ट्रिया की राजधानी विएना में यूएन की ओर से शांति के संदेशवाहक और मशहूर चेलो वादक यो-यो मा के साथ मिलकर महासचिव अंतोनियो गुटेरेश ने विविधतापूर्ण समाज को सुनिश्चित करने के प्रयासों पर ज़ोर देने की अपील की है. 

अफ़्रीका में शरणार्थी समस्या की बुनियादी वजहों से निपटना ज़रूरी

हिंसा और यातना से बचकर सुरक्षित स्थान पर शरण लेने वाले शरणार्थियों और घरेलू विस्थापितों के लिए अफ़्रीकी देशों ने अपनी सीमाओं, दरवाज़ों और दिलों को खुला रखा है लेकिन इससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है. 'अफ़्रीका संवाद  श्रृंखला' बैठक को संबोधित करते हुए यूएन महासचिव  एंतोनियो गुटेरेश ने लोगों को जबरन घर छोड़ने के लिए मजबूर करने वाले कारणों को दूर करने की अपील की है.

शरणार्थियों के विरूद्ध 'ज़हरीली भाषा का इस्तेमाल' चिंताजनक

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR)  के उच्चायुक्त फ़िलिपो ग्रान्डी ने कहा है कि उनके साढ़े तीन दशक से भी लंबे अनुभव में शरणार्थियों, प्रवासियों और विदेशियों के लिए राजनीति, मीडिया और सोशल मीडिया में इतनी ज़हरीली भाषा का इस्तेमाल पहले कभी नहीं हुआ. सुरक्षा परिषद को जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि शरणार्थी संकट से निपटने के लिए उसके बुनियादी कारणों पर ध्यान केंद्रित करना होगा.

'शरणार्थियों के मुद्दे पर उदाहरण पेश कर रहे हैं अफ़्रीकी देश'

शरणार्थियों के साथ बर्ताव के मामले में अफ़्रीकी देश दुनिया के अमीर देशों के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं. यह बात शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अफ़्रीकी संघ आयोग के प्रमुख से मुलाक़ात के बाद एक मीडिया वार्ता में कही.