प्रवासी और शरणार्थी

लीबिया: लगातार लड़ाई से बच्चे 'भयंकर व असहनीय' स्थिति में

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने कहा है कि विश्व को लीबिया में लगातार जारी युद्ध के कारण बच्चों की "भंयकर और असहनीय" स्थिति को क़तई स्वीकार नहीं करना चाहिए. इस बीच लीबिया की स्थिति पर एक महत्वपूर्ण सम्मेलन रविवार को जर्मनी में हो रहा है जिसमें यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश के अलावा लीबिया के अहम प्रतिनिधियों के भी शिरकत करने की संभावना है और कोई शांति समझौता भी होने की उम्मीद जताई गई है.

योरोप में शरणार्थी संरक्षण के लिए नई सिफ़ारिशें

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने योरोपीय संघ से वर्ष 2020 को शरणार्थी संरक्षण की दृष्टि से बदलाव भरा साल बनाने की अपील की है. एजेंसी ने इस संबंध में गुरुवार को नई सिफ़ारिशें जारी की हैं. अगले 12 महीनों के लिए योरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता क्रोएशिया और जर्मनी के पास रहेगी और योरोपीय संघ ने दोनों देशों से नई अनुशंसाओं को अमल में लाने का अनुरोध किया है.

बांग्लादेश में बांस की खेती को बढ़ावा

बांग्लादेश के कॉक्सेस बाज़ार में विशाल शरणार्थी बस्ती की निर्माण परियोजना के लिए 2 करोड़ 40 लाख से अधिक बांसों की कटाई की गई है. अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) के सहयोग से स्थानीय प्रशासन बांसों के लिए देश में एक टिकाऊ बाज़ार को सृजित करने का प्रयास कर रहा है जिससे शरणार्थियों की ज़रूरतों को पूरा करने के साथ-साथ इस क्षेत्र को बांस व्यवसाय के केंद्र के रूप में भी विकसित किया जा सकेगा. 

'समाजों का अटूट हिस्सा हैं प्रवासी'

प्रवासी समाजों का अटूट हिस्सा हैं, वो आपसी समझ बढ़ाने और अपने रहने के स्थान व मूल स्थानों - दोनों ही जगह के टिकाऊ विकास में योगदान करते हैं.

सुरक्षित, व्यवस्थित और नियमित प्रवासन सभी के हित में है. प्रवासन मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर की प्राथमिकताएँ अंतरराष्ट्रीय सहयोग के ज़रिए सर्वश्रेष्ठ तरीक़े से हासिल होती हैं.

सभी प्रवासियों को अपने सभी मानवाधिकारों की हिफ़ाज़त करने का बराबर अधिकार है.

ये सिद्धांत सुरक्षित, व्यवस्थित और नियमित प्रवासन के लिए तैयार किए गए ग्लोबल कॉम्पैक्ट में वर्णित हैं.

फिर भी, हमें प्रवासियों के बारे में ऐसी बातें सुनने को मिलती हैं जो हानिकारक व झूठी होती हैं.

और हम अक्सर देखते हैं कि तथ्यों पर आधारित होने के बजाय डर के प्रभाव में बनाई गई नीतियों की वजह से प्रवासियों को असीम मुश्किलें उठानी पड़ती हैं.

इस अंतरराष्ट्रीय दिवस पर, मैं दुनिया भर में सभी नेताओं और आमजनों से आग्रह करता हूँ कि प्रवासियों के बारे में तैयार किए गए ग्लोबल कॉम्पैक्ट को लागू करें ताकि प्रवासन हम सभी के लिए कारगर साबित हो सके.

सुव्यवस्थित व सुरक्षित प्रवासन के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ‘अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस’ के अवसर पर कहा है कि तथ्यों के बजाय भय से प्रेरित नीतियों के कारण प्रवासियों ने ऐसी पीड़ाएँ सहन की हैं जिन्हें शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता. उन्होंने अपने संदेश अपील की है कि प्रवासन के मुद्दे पर वैश्विक समझौते के लक्ष्यों को वास्तविकता में बदलने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाया जाना चाहिए.

विश्व शरणार्थी फ़ोरम: मदद व्यवस्था में जान फूँकने की पुकार

विश्व को शरणार्थियों की परिस्थितियों का सामना करने के तरीक़ों में बदलाव लाने की ज़रूरत है और उन देशों की मदद करने के लिए ज़्यादा क़दम उठाने होंगे जो अपने यहाँ शरणार्थियों को पनाह देते हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने जिनीवा में विश्व शरणार्थी मंच में मंगलवार को ये पुकार लगाई.

रैफ़्यूजी फ़ोरम: शरणार्थियों व मेज़बान देशों के लिए निडर व नवीन उपायों पर ज़ोर

विश्व में शरणार्थियों की संख्या दो करोड़ 60 लाख के आंकड़े पर पहुंच गई है और इस चुनौती की व्यापकता को ध्यान में रखते हुए संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ राजनयिक, निजी क्षेत्र और नागरिक समाज की बड़ी हस्तियां सोमवार को जिनीवा में शुरू हुए विश्व शरणार्थी फ़ोरम (Global Refugee Forum) में हिस्सा ले रहे हैं. पहली बार आयोजित हो रही इस बैठक के ज़रिए शरणार्थियों व उन्हें शरण देने वाले समुदायों के हितों को ध्यान में रखते हुए समाधानों की तलाश करने पर विचार-विमर्श होगा. 

दुनियाभर में 27 करोड़ प्रवासी घर भेजते हैं सैकड़ों अरब डॉलर

संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019 में अंतरराष्ट्रीय प्रवासियों की संख्या 27 करोड़ पहुंच गई है और सबसे पसंदीदा गंतव्य अब भी अमेरिका है, जहां लगभग 5 करोड़ 10 लाख प्रवासी हैं. ये प्रवासी हर साल लगभग 689 अरब डॉलर की रक़म अपने मूल स्थानों को भेजते हैं.

बेसहारा इटली पहुंचने वाले 60 हज़ार युवाओं को सहारे की दरकार

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों ने एक नई रिपोर्ट में उन बच्चों की ज़रूरतों को रेखांकित किया है जिन्होंने अकेले या अपने परिजनों से बिछुड़ कर ख़तरनाक रास्तों के ज़रिए इटली तक की यात्रा की है. रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2014 से 2018 के बीच 60 हज़ार बच्चे इटली पहुंचे जिनमें 90 फ़ीसदी से ज़्यादा की उम्र 15 से 17 वर्ष तक थी लेकिन किशोरावस्था से बालिग़ होने के चरण में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है.

तुर्की ने पेश की शरणार्थियों की वापसी योजना, यूएन एजेंसी करेगी आकलन

तुर्की के राष्ट्रपति रिसेप तैयप अर्दोगान ने हज़ारों सीरियाई शरणार्थियों के पुनर्वास की एक योजना शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनिय गुटेरेश को पेश की. ये योजना तुर्की द्वारा सीरिया के पूर्वोत्तर इलाक़े में कथित कुर्द लड़ाकों के ख़िलाफ़ अक्तूबर में किए गए हमलों के माहौल में पेश की गई है.