प्रवासी और शरणार्थी

'सबसे घातक समुद्री रास्ते' में हर दिन 6 जानें गईं: यूएन रिपोर्ट

सुरक्षित जीवन की तलाश में भूमध्यसागर  सागर को पार कर यूरोप पहुंचने की कोशिश करना सैकड़ों लोगों के लिए जानलेवा साबित हुआ.  संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने अपनी एक नई रिपोर्ट में इसे दुनिया में सबसे घातक समुद्री रास्ता करार देते हुए कहा है कि पिछले साल हर दिन औसतन 6 लोगों की मौतें हुई.  

वेनेज़्वेला शरणार्थियों पर छिटपुट हमलों के ख़िलाफ़ 'एकजुटता की ज़रूरत'

पड़ोसी देशों में शरण ले रहे वेनेज़्वेला के लोगों के ख़िलाफ हमलों और नफ़रत भरे भाषणों की निंदा एकुजट होकर स्पष्ट और कड़े संदेश के ज़रिए की जानी चाहिए. संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) और यूएन प्रवासन एजेंसी (IOM) के संयुक्त विशेष प्रतिनिधि ने यह बात कही है. 

'सैन्य काल जैसी दमनकारी नीतियां अपना रही है म्यांमार सरकार'

म्यांमार में मानवाधिकारों की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही हैै और निकट भविष्य में रोहिंज्या शरणार्थियों का वापस लौटना मुश्किल है. संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार विशेषज्ञ यैंगही ली ने थाईलैंड और बांग्लादेश के 11 दिनों के दौरे से लौटने के बाद बताया कि सरकार वहां लोकतांत्रिक सुधारों को लाने में विफल रही है.

यूरोपीय नागरिकों की तुलना में विस्थापितों को बीमारियों का ख़तरा अधिक

सुरक्षित देश में शरण लेने के लिए लंबे सफ़र, ख़राब परिस्थितियों में रहने की मजबूरी और जीवनशैली में आए बदलाव से यूरोप में प्रवासियों और शरणार्थियों के स्वास्थ्य को ख़तरे की आशंका बढ़ जाती है. ये निष्कर्ष विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ओर से जारी एक नई रिपोर्ट में सामने आए हैं जिसमें पहली बार यूरोप पहुंचने वाले विस्थापितों के स्वास्थ्य से जुड़ी मुश्किलों को समझने का प्रयास किया गया है. 

लंबी दूरियां तय करते शरणार्थियों के समर्थन में नई मुहिम

नए साल के पहले कुछ हफ़्ते आम तौर पर लोगों के लिए अपनी सेहत सुधारने का संकल्प लेने का अवसर होता है. ऐसे समय में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने  एक नई मुहिम शुरू की है जिसका उद्देश्य ये बताना है कि बेहतर जीवन की तलाश और अत्याचार से बचने के लिए शरणार्थी कितने लंबे रास्तों पर चलने को मजबूर हैं.

रोहिंज्या शरणार्थियों को वापस भेजने पर भारत से मांगा गया स्पष्टीकरण

संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी मामलों की एजेंसी (UNHCR) ने रोहिंज्या शरणार्थियों के एक समूह को वापस म्यांमार भेजे जाने के भारत सरकार के निर्णय परअफ़सोस ज़ाहिर किया है. तीन महीनों में यह दूसरी बार है जब भारत सरकार ने शरणार्थियों को म्यांमार भेजा है.