कानून और अपराध की रोकथाम

'हराना ही होगा नफ़रत को'

कोविड-19 का मुक़ाबला करने में सारी दुनिया के सामने असाधारण चुनौती है लेकिन फिर भी अनेक देशों में नफ़रत, कुछ ख़ास समूहों पर दोषारोपण या कलंकित करने के मामले भी सामने आए हैं जो बेहद चिन्ताजनक है. महासचिव ने एकजुट होकर नफ़रत को भी हराने का आग्रह किया है, बिल्कुल उसी तरह से जैसे वैश्विक महामारी से निपटने के लिए वैश्विक एकजुटता की ज़रूरत है. नफ़रत का फैलाव भी एक महामारी के रूप में ही सामने आया है. वीडियो सन्देश...

कोविड-19: मानव तस्करी के पीड़ितों के लिए बढ़ा जोखिम

कोविड-19 महामारी का मुक़ाबला करने के लिए तालाबंदी, यात्राओं पर पाबंदियाँ, संसाधनों में कटौती और अन्य तरह के उपायों के कारण मानव तस्करी के शिकार लोग और ज़्यादा शोषण के जोखिम में घिर रहे हैं. मादक पदार्थों व अपराध पर संयुक्त राष्ट्र के कार्यालय (UNODC) का कहना है कि संगठित आपराधिक गुट महामारी से उपजे हालात का फ़ायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं.

कोविड-19: देशों से दासिता का जोखिम रोकने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र के एक मानवाधिकार विशेषज्ञ ने तमाम देशों की सरकारों से उन करोड़ों कामगारों की सुरक्षा बढ़ाने का आग्रह किया है जो कोविड-19 महामारी के कारण शोषक कामकाजी परिस्थितियों में धकेल दिए जाने के ख़तरे का सामना कर रहे हैं, ऐसे हालात जो दासता के समान होते हैं.

प्रैस की आज़ादी व सुरक्षा की पुकार

यूएन महासचिव ने 3 मई को विश्व प्रैस स्वतंत्रता दिवस पर दुनिया भर के देशों से पत्रकारों को काम करने की आज़ादी और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की गारंटी देने की पुकार लगाई है. उन्होंने कहा कि कोविड-19 के माहौल में स्वतंत्र प्रैस की भूमिका और भी ज़्यादा अहम हो जाती है क्योंकि दुष्प्रचार, झूठ और अफ़वाहों के माहौल में पत्रकार ही तथ्यपरक व प्रासंगिक जानकारी सामने ला रहे हैं. वीडियो सन्देश...

यूएन कर्मचारियों द्वारा यौन दुर्व्यवहार के पीड़ितों को ज़्यादा मदद की दरकार

संयुक्त राष्ट्र कर्मचारियों द्वारा यौन शोषण व दुर्व्यवहार का शिकार होने वाले पीड़ितों को मदद देने के लिए उठाए जाने वाले क़दम असरदार साबित हुए हैं लेकिन अभी और ज़्यादा प्रयास करने की ज़रूरत है. संयुक्त राष्ट्र में पीड़ितों के अधिकारों की पैरोकार जेन कॉनर्स ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क में ऐसे मामलों की पड़ताल करने वाली एक ताज़ा रिपोर्ट के ख़ास बिन्दु पेश किए.

 

अफ़ग़ानिस्तान में कथित युद्धापराधों व मानवता के विरुद्ध अपराधों की जांच को हरी झंडी

अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) ने अफ़ग़ानिस्तान और उसकी सीमा के बाहर कथित युद्धापराधों और मानवता के विरुद्ध कथित अपराधों के मामलों की जांच के लिए अनुमति दे दी है. आईसीसी जजों ने इस तरह की जाँच को वीटो करने वाले अपने एक पुराने फ़ैसले को सर्वसहमति से पलटते हुए अफ़ग़ान सुरक्षा बलों, तालिबान और अमेरिकी सैन्यकर्मियों पर लगे युद्धापराधों की जाँच को शुरू करने के पक्ष में फ़ैसला दिया है. 

कम उम्र में शराब व तंबाकू का सेवन है बढ़ती नशाखोरी की वजह

संयुक्त राष्ट्र समर्थित ‘इंटरनेशनल नारकोटिक्स कंट्रोल बोर्ड’ (आईएनसीबी) ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में युवाओं में नशीले पदार्थों के बढ़ते इस्तेमाल पर गहरी चिंता जताई है. रिपोर्ट के मुताबिक 16-19 आयु वर्ग में एल्कोहॉल,  तंबाकू और केनेबिस (भांग) का सेवन बालिग होने पर ग़ैरक़ानूनी नशीली दवाओं के इस्तेमाल की आशंका को बढ़ा देता है.

आईसिल अब भी एक गंभीर आतंकवादी ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र के आतंकवाद निरोधक मामलों के अध्यक्ष व्लादिमीर वोरोन्कॉफ़ ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवादी समूह आईसिल के ख़िलाफ़ लड़ाई में एकजुट रहने का आहवान करते हुए कहा है कि ये गुट अफ्रीका, योरोप और एशिया तक अपनी पहुँच बनाए हुए है. उन्होंने शुक्रवार को आईसिल पर अपनी ताज़ा रिपोर्ट सुरक्षा परिषद में पेश करते हुए ये अपील की.

हथियारों की बेरोक-टोक आपूर्ति और उपलब्धता से होती हैं लाखों मौतें

संयुक्त राष्ट्र की निरस्त्रीकरण प्रमुख इज़ूमी नाकामीत्सू ने कहा है कि दुनिया भर में साल 2010 से 2015 के बीच हिंसक कारणों से जितनी मौतें हुईं उनमें से लगतभग 50 फ़ीसदी मौतों के लिए छोटे हथियारों का इस्तेमाल हुआ. नाकामीत्सू ने बुधवार को सुरक्षा परिषद को बताया कि दुनिया भर में हर साल दो लाख से भी ज़्यादा लोगों की मौत हिंसक कारणों से हो जाती है.

मध्य अफ्रीकी गणराज्य पर लगा शस्त्र प्रतिबंध जुलाई तक बढ़ा

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने शुक्रवार को मध्य अफ्रीकी गणराज्य के विरुद्ध शस्त्र प्रतिबंधों की अवधि बढ़ा दी है, साथ ही इस देश के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को लागू करने में मदद करने वाले विशेषज्ञ पैनल का कार्यकाल भी बढ़ा दिया गया है.