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कोविड-19: तत्काल कार्रवाई के अभाव में 'अकल्पनीय तबाही' का ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने चेतावनी भरे अन्दाज़ में कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के ख़िलाफ़ देशों ने साथ मिलकर अभी प्रयास नहीं किए तो यह सँकट दुनिया भर में अकल्पनीय तबाही और पीड़ा का कारण बन जाएगा. यूएन प्रमुख ने टिकाऊ विकास के लिए वित्तीय पोषण पर गुरुवार को आयोजित एक वर्चुअल उच्चस्तरीय कार्यक्रम में छह महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तत्काल सामूहिक कार्रवाई की पुकार लगाई है.

शान्तिरक्षा अभियानों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का आहवान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश शुक्रवार को ‘अन्तरराष्ट्रीय यूएन शान्तिरक्षक दिवस’ के अवसर पर संयुक्त राष्ट्र के उन सभी शान्तिरक्षकों को अपने श्रृद्धासुमन अर्पित करेंगे जिन्होंने वर्ष 1948 से विश्व शान्ति व सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है. इस वर्ष यूएन शान्तिरक्षक दिवस पर शान्तिरक्षा अभियानों में महिलाओं के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करते हुए उनकी भागीदारी बढ़ाने पर ज़ोर दिया जा रहा है.

समुद्र में फँसे रोहिंज्या समुदाय के लोगों को बचाने की पुकार

सुपर सायक्लोन ‘अम्फन’ ने बंगाल की खाड़ी और अन्डमान सागर में चक्रवाती तूफ़ानों के उग्र मौसम के आगमन का संकेत दे दिया है. आने वाले दिनों में मौसम की चुनौतियों के मद्देनज़र अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने समुद्र में फँसे सैकड़ों रोहिंज्या शरणार्थियों की व्यथा पर चिन्ता ज़ाहिर की है. यूएन एजेंसी का अनुमान है कि 500 लोग अब भी समुद्री मार्ग में फँसे हुए हैं और अपने नियत गंतव्य स्थान तक नहीं पहुँच पा रहे हैं.  

भुखमरी को टालने की कोशिश

सीरिया में बड़ी संख्या में मौजूद शरणार्थियों के सामने कोविड-19 का मुक़ाबला करने के माहौल में खाने-पीने के सामान की भी क़िल्लत पैदा होने का डर है. ऐसे में विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) वहाँ खाद्य सामग्री वितरित करके भुखमरी को टालने की कोशिश कर रहा है...

वैश्विक स्वास्थ्य में निवेश के लिए यूएन एजेंसी की नई फ़ाउन्डेशन

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के लिए धनराशि जुटाने के लक्ष्य से बुधवार को एक नई फ़ाउन्डेशन (WHO Foundation) की स्थापना की गई है जिसके ज़रिये ग़ैर-पारम्परिक स्रोतों से फ़ंडिंग का इन्तज़ाम किया जाएगा. एक स्वतन्त्र इकाई के रूप में यह फ़ाउन्डेशन दानदाताओं से मिलने वाली सहायता की बुनियाद को मज़बूत बनाने के लिए रणनीति का अहम हिस्सा होगी.

कोविड-19: हिन्साग्रस्त क्षेत्रों में आम लोगों के समक्ष एक नया ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार को सुरक्षा परिषद को सम्बोधित करते हुए कहा कि हिन्सा में फँसे मासूम लोगों के सामने कोविड-19 के रूप में अब एक नया और घातक ख़तरा पैदा हो गया है. उन्होंने चेतावनी जारी करते हुए बताया कि कोरोनावायरस विश्व में पहले से मौजूद भंगुरताओं को और भी गम्भीर बना रहा है.  यूएन प्रमुक ने हिन्सक सन्घर्षों में आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक योजना भी पेश की है.

कोविड-19 के बाद की दुनिया में विकास की डगर पर एक नज़र

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की रेज़िडेंट रिप्रेज़ेन्टेटिव शोको नाडा ने कहा है कि कोविड-19 से उपजा सँकट उन सभी महत्वपूर्ण विकास लाभों को पीछे धकेल सकता है जिन्हें कड़ी मेहनत से अर्जित किया गया है. इस चुनौती पर पार पाने और कोरोनावायरस के बाद सतत विकास प्रक्रिया और एक टिकाऊ दुनिया के निर्माण के लिए उन्होंने असरदार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और हरित विकास में निवेश पर बल दिया है.  

कोविड-19: युवाओं के लिए रोज़गार, शिक्षा व ट्रेनिंग के अवसरों पर भारी असर

वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण दुनिया में 16 फ़ीसदी से ज़्यादा युवाओं का रोज़गार छिन गया है और जिनके पास काम है उनके भी कामकाजी घण्टों में 23 फ़ीसदी की कटौती हुई है. अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के नए अपडेट के मुताबिक कोरोनावायरस से युवाओँ पर तिहरी मार पड़ी है और उनके लिए रोज़गार के साथ-साथ शिक्षा व ट्रेनिंग के अवसरों पर भी संकट खड़ा हो गया है. 

कोविड-19: क़ानून-व्यवस्था और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए प्रयासरत है यूएन पुलिस

सशस्त्र सन्घर्ष से प्रभावित कई देशों में संयुक्त राष्ट्र क़ानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सहायता प्रदान करता है और इनमें पुलिस बल भी शामिल हैं. वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान यूएन के पुलिस अधिकारियों के काम में जिस तरह चुनौतियाँ पेश आई हैं वैसा पहले कभी नहीं देखा गया. यूएन न्यूज़ के साथ एक इन्टरव्यू में यूएन की पुलिस डिविज़न के प्रमुख लुइस कैरिल्हो ने बताया कि कोरोनावायरस की वजह से शान्ति बनाए के उनके सहकर्मियों के प्रयास किस तरह प्रभावित हुए हैं.

कोविड-19: प्रवासियों के मानवाधिकारों की रक्षा की पुकार

संयुक्त राष्ट्र के स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञों नें सभी देशों से प्रवासियों और उनके परिवारों के अधिकारों की रक्षा करने का आहवान किया है. उन्होंने ध्यान दिलाया कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान और उसके बाद भी प्रवासियों के दर्जे की परवाह किए बग़ैर उनके मानवाधिकार सुनिश्चित किए जाने होंगे.