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अफ़ग़ानिस्तान: काबुल के एक स्कूल के नज़दीक बम हमले की कठोर निन्दा

संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारियों ने शनिवार को अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल के एक हाई स्कूल के बाहर हुए घातक बम हमले की निन्दा की है. इस हमले में कम से कम 30 लोगों के मारे जाने की ख़बर है, जिनमें अनेक स्कूली बच्चे भी हैं.  संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की प्रमुख हेनरीएटा फ़ोर ने कड़े शब्दों में कहा है कि स्कूलों में या उसके आस-पास हिंसा को कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता.

जटिल दुनिया में बहुपक्षवाद – सुरक्षा परिषद की महत्वपूर्ण भूमिका

संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष ने सदस्य देशों से आग्रह किया है कि कोविड-19 वैक्सीन को, हर एक स्थान पर, हर किसी के लिये उपलब्ध कराने के लिये पहले  से कहीं ज़्यादा प्रयास किये जाने होंगे. यूएन महासभा प्रमुख वोल्कान बोज़किर ने सचेत किया है कि भलाई की नीयत होने और बाँह में असल में वैक्सीन लगी होने की तुलना नहीं की जा सकती.  

चीन की वैक्सीन को आपदा प्रयोग के लिये WHO की स्वीकृति

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शुक्रवार को घोषणा की है कि चीन में विकसित की गई एक कोविड-19 वैक्सीन को, आपदा प्रयोग की अनुमति दे दी गई है. साइनोफ़ार्म नामक इस वैक्सीन के आपदा प्रयोग को हरी झण्डी मिलने के बाद, इस वैक्सीन का प्रयोग, सम्भवतः उन देशों में किया जा सकेगा जहाँ अभी तक या तो वैक्सीन बिल्कुल भी नहीं पहुँची है या फिर कम मात्रा में पहुँची है.

भारत: जंगल में आग की तरह फैल रहा है संक्रमण, यूनीसेफ़ की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने चिन्ता जताई है कि भारत में कोविड-19 संक्रमण की नई लहर, देश भर में जंगल की आग की तरह फैल रही है. दक्षिण एशिया के अन्य देशों, नेपाल, श्रीलंका और मालदीव में भी कोविड-19 संक्रमण के मामलों में तेज़ बढ़ोत्तरी के कारण, हालात गम्भीर हो गए हैं. यूएन एजेंसी के मुताबिक़ वायरस हर आयु वर्ग के लोगों को संक्रमित कर रहा है जिनमें बच्चे और नवजात शिशु भी हैं. 

इसराइल से, फ़लस्तीनियों की जबरन बेदख़ली तुरन्त रोकने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने इसराइल से, पूर्वी येरूशेलम में, फ़लस्तीनी लोगों को उनके घरों से जबरन बेदख़ल किये जाने की कार्रवाई को तुरन्त रोके जाने का आहवान किया है. साथ ही, शेख़ जर्राह बस्ती और अन्य इलाक़ों में, सुरक्षा व व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिये, बल प्रयोग करने में अधिकतम संयम बरते जाने का भी आग्रह किया है.

तापमान वृद्धि को रोकने में, मीथेन गैस कटौती की अहम भूमिका

संयुक्त राष्ट्र समर्थित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मानव गतिविधि द्वारा उत्पन्न मीथेन गैस का उत्सर्जन, इस दशक में 45 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है, जिससे पेरिस जलवायु समझौते की शर्तों के अनुरूप, वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने में मदद मिलेगी.

भारत: वैक्सीन उत्पादन बढ़ाने की ज़रूरत

भारत में संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की प्रतिनिधि, डॉक्टर यासमीन अली हक़ ने, कोविड-19 संकट के दौरान, सबसे अहम ज़रूरतों पर ध्यान केन्द्रित करते हुए, देश में टीकाकरण जारी रखने पर बल दिया है. उन्होंने यूएन न्यूज़ के साथ एक ख़ास बातचीत में ज़ोर देकर कहा कि वैश्विक महामारी पर जवाबी कार्रवाई के तहत, सभी देशों को एक साथ मिलकर, वैक्सीन उत्पादन का दायरा व स्तर बढ़ाने के लिये रणनीति बनानी चाहिये.

 

जलवायु संकट: नैट शून्य कार्बन उत्सर्जन के संकल्प की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सभी देशों से, वर्ष 2050 तक नैट शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य साकार करने का आहवान किया है, ताकि इस सदी के अन्त तक, वैश्विक तापमान में 2.4 डिग्री सेल्सियस की विनाशकारी बढ़ोत्तरी को टाला जा सके. उन्होंने गुरूवार को जर्मनी के पीटर्सबर्ग में आयोजित उच्चस्तरीय जलवायु बैठक को सम्बोधित करते हुए भरोसा जताया है कि कार्बन उत्सर्जन से उपजे पर्यावरणीय झटकों के सबसे ख़राब प्रभावों की रोकथाम अब भी सम्भव है.

प्राण निछावर करने वाले यूएन कर्मचारियों की स्मृतियों को सहेजने का संकल्प

संयुक्त राष्ट्र ने उन 336 कर्मचारियों को एक स्मरण समारोह में श्रृद्धांजलि अर्पित की है, जिन्होंने वर्ष 2020 में अपने दायित्व का निर्वहन करते समय, अपना सर्वोच्च बलिदान किया. किसी एक वर्ष में अपने कर्तव्य का पालन करते हुए अपने प्राण निछावर करने वालों की यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है. यूएन महासचिव ने गुरूवार को आयोजित एक ऑनलाइन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए, इन सभी कर्मचारियों को सदैव याद रखने का संकल्प लिया है.

कोविड-19: वैक्सीन पेटेण्ट अधिकारों में छूट, 'अभूतपूर्व अमेरिकी समर्थन' का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोविड-19 वैक्सीन के बौद्धिक सम्पदा अधिकारों में छूट के लिये अमेरिकी सरकार द्वारा समर्थन दिये जाने की घोषणा का स्वागत किया है. महासचिव गुटेरेश ने इस निर्णय को अभूतपूर्व क़रार देते हुए कहा है कि यह वैक्सीन उत्पादकों के लिये, ज्ञान व टैक्नॉलॉजी को साझा करने का अवसर है, जिससे स्थानीय स्तर पर वैक्सीन उत्पादन के प्रभावशाली विस्तार की सम्भावना को मूर्त रूप दिया जा सकेगा.