मानवीय सहायता

समुद्री नाविकों को महामारी के दौरान 'अहम कामगार' घोषित करने की अपील

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने देशों की सरकारों से एक बार फिर अपील की है कि वो उन सैकड़ों-हज़ारों नाविकों और अन्य समुद्री कामगारों की मदद के लिये काम करें जो कोविड-19 महामारी के कारण महीनों से समुद्रों में फँसे हुए हैं. कुछ मामलों तो इन लोगों को समुद्रों में फँसे हुए साल भर से भी ज़्यादा हो गया है.

लेबनान में नेताओं को राजनीति से हटकर लोगों की बेहतरी को महत्व देना होगा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि लेबनान में तमाम नेताओं को अगस्त में बेरूत बन्दरगाह पर हुए भीषण विस्फोट के बाद की चुनौतियों का सामना करने के लिये राजनीति को पीछे छोड़कर आम लोगों की भलाई को ऊपर रखना होगा.

कोविड-19: शरणार्थी बच्चों की शिक्षा पर विनाशकारी प्रभाव

शरणार्थी मामलों की संयुक्त राष्ट्र एजेंसी (UNHCR) ने अपनी एक नई रिपोर्ट ‘Coming Together for Refugee Education’ में आशंका जताई है कि स्कूल बन्द होने, ज़्यादा फ़ीस होने या दूरस्थ शिक्षा के लिए तकनीक तक पहुँच ना होने के कारण बड़ी संख्या में शरणार्थी बच्चे अपनी पढ़ाई जारी रखने में असमर्थ होंगे. एक वीडियो रिपोर्ट...
 

युद्धग्रस्त यमन में ईंधन संकट का तत्काल हल ज़रूरी

यमन के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने सभी पक्षों तुरन्त उनके कार्यालय से सम्पर्क करके एक ऐसा समाधान तलाश करने के लिये साथ मिलकर काम करने का आहवान किया है जिसके ज़रिये युद्धग्रस्त देश के लोगों की ईंधन की बुनियादी ज़रूरतें पूरी सकें. अन्सार अल्लाह गुट के नियन्त्रण वाले इलाक़ों में ईंधन की भारी क़िल्लत हो गई है.

इसराइल-यूएई समझौते से निकल सकती है अमन की राह

मध्य पूर्व शान्ति प्रक्रिया के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत निकोलय म्लैदेनॉफ़ ने कहा है कि इसराइल और संयुक्त अरब अमीरात के बीच हाल ही में हुए समझौता में पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र के समीकरण बदलने की क्षमता है. विशेष दूत ने मंगलवार को सुरक्षा परिषद के साथ अपनी मासिक बैठक में फ़लस्तीनी और इसराइली नेतृत्व से आग्रह किया कि वो अपने लम्बे समय से चले आ रहे संघर्ष को हल करने के लिये फिर से एक दूसरे की तरफ़ सुलह-सफ़ाई का हाथ बढ़ाएँ. 

विश्व मानवीय दिवस 2020

महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व मानवीय दिवस पर अपने सन्देश में कहा है कि संयुक्त राष्ट्र उन सहायताकर्मियों के कार्य के प्रति आभार व्यक्त करता है जो विशाल चुनौतियों को पराजित कर लाखों-करोड़ों लोगों की ज़िंदगियों को बचाते और बेहतर बनाते हैं.

कोरोनावायरस: संकट काल में ज़रूरतमन्दों की सहायता का संकल्प

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के कारण यह वर्ष दुनिया भर में मानवीय राहत कार्यों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है. अनेक  प्रकार की सेवाओं तक पहुँच ना हो पाने और तालाबंदी से प्रभावित लोगों की मदद के लिए स्थानीय समुदाय, नागरिक समाज और गैर-सरकारी संगठन आगे आए हैं. बुधवार, 19 अगस्त को, विश्व मानवीय दिवस पर भारत के पूर्वी राज्य ओडिषा उन सहायताकर्मियों की चुनिंदा कहानियाँ जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) की मदद से महामारी के दौरान लोगों की सहायता के लिये हाथ आगे बढ़ाया.

अभूतपूर्व समय में असाधारण परिस्थितियों में काम कर रहे राहतकर्मियों की सराहना

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ‘विश्व मानवीय दिवस’ पर अपने सन्देश में उन राहतकर्मियों के प्रति आभार जताया है जो विकराल चुनौतियों के बावजूद कोविड-19 और अन्य संकटों से जूझ रहे लाखों-करोड़ों लोगों की ज़िंदगियों को बचाने और बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं. यूएन प्रमुख ने ध्यान दिलाया है कि ख़ामोशी से काम कर रहे सहायताकर्मी  एक बेहद मुश्किल दौर में असाधारण कार्य कर रहे हैं. 

लेबनान: विस्फोट प्रभावित समुदायों व शरणार्थियों की सहायता 'सर्वोपरि प्राथमिकता'

लेबनान का दौरा कर रहे संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) के प्रमुख फ़िलिपो ग्रैन्डी ने बेरूत बन्दरगाह पर हुए विस्फोट से प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता जताई है. यूएन एजेंसी प्रमुख ने कहा है कि लेबनान की जनता के साथ-साथ देश में शरण लेने वाले शरणार्थियों व प्रवासियों की सहायता सुनिश्चित करना उनकी शीर्ष प्राथमिकता है. 4 अगस्त 2020 को बेरूत बन्दरगाह पर भीषण विस्फोट में 180 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई थी और हज़ारों लोग घायल और बेघर हो गए थे. 

बेरूत विस्फोट: 40 हज़ार इमारतें क्षतिग्रस्त, 70 हज़ार लोग बेरोज़गार

लेबनान की राजधानी बेरूत में बन्दरगाह पर विस्फोट से हुई भारी तबाही के बाद संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ और साझीदार संगठन प्रभावितों तक मानवीय राहत पहुँचाने के लिए प्रयासरत हैं. एक अनुमान के मुताबिक बेरूत में 40 हज़ार से ज़्यादा इमारतों को नुक़सान पहुँचा है और हज़ारों लोग बेरोज़गार हो गए हैं.