मानवीय सहायता

कोविड-19: घबराएँ नहीं, धैर्य रखें - एक डॉक्टर का अहम संदेश

शियांग लू उन हज़ारों चीनी डॉक्टरों में से एक हैं जिन्हें सबसे ज़्यादा प्रभावित हूबेई प्रान्त में कोविड-19 महामारी का मुक़ाबला करने के लिए भेजा गया था. ये तब जब वहाँ कोविड-19 संक्रमण अपने चरम पर पहुँच गया था. यूएन न्यूज़ ने जब 23 मार्च को शियांग लू से बातचीत की तो उनका कहना था कि वहाँ स्थिति में काफ़ी सुधार आ चुका है और शायद जल्द ही उन्हें अपने घर वापिस लौटने का मौक़ा मिल जाए.

'कोविड-19 हमारी अर्थव्यवस्थाओं की भंगुरता को दर्शाता है', गाय राइडर, आईएलओ

कोविड-19 महामारी के मानवीय जीवन पर परिणाम हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था से कहीं आगे तक पहुँचते है. इससे हमारे भविष्य के आर्थिक, सामाजिक और विकासात्मक सभी पहलू प्रभावित होंगे. हमारी प्रतिक्रिया तत्काल एकजुट और वैश्विक होनी चाहिए, और तुरंत उन लोगों तक मदद पहुंचानी चाहिए जिन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है.

कोविड-19 से कैसे बचें

नए कोरोनावायरस से होने वाले संक्रामक रोग कोविड-19 का अभी तक कोई इलाज तो नहीं है मगर बहुत सावधानी बरतने से इसके संक्रमण से बचा भी जा सकता है. कुछ ऐसे ही नुस्ख़े इस वीडियो में...

कोविड-19: मुक़ाबले के लिए दो अरब डॉलर की मानवीय राहत योजना

संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 से उपजी अभूतपूर्व चुनौती से निपटने के लिए बुधवार को एक व्यापक मानवीय राहत अपील जारी की है. इस मुहिम के ज़रिए कमज़ोर स्वास्थ्य प्रणालियों वाले देशों की सहायता सुनिश्चित करने और लाखों लोगों की ज़िंदगियाँ बचाने का लक्ष्य रखा गया है. अब तक कोविड-19 के संक्रमण के चार लाख से ज़्यादा मामले सामने आ चुके हैं और क़रीब 20 हज़ार लोगों की मौत हुई है. कोरोनावायरस दुनिया के उन इलाक़ों में भी दस्तक दे रहा है जो हिंसक संघर्ष, प्राकृतिक आपदाओं और जलवायु परिवर्तन से जूझ रहे हैं. 

कोविड-19: ज़रूरतमन्दों तक मानवीय सहायता पहुंचाने की ज़िम्मेदारी

कोविड-19 महामारी की विकराल चुनौती से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर व्यापक स्तर पर तेज़ कार्रवाई जारी है. इसके साथ ही यूएन की मानवीय राहत एजेंसियों ने युद्ध प्रभावित क्षेत्रों और आपात हालात में रहने को मजबूर 10 करोड़ से ज़्यादा लोगों तक मदद पहुंचाने का काम भी जारी रखा है. इन प्रयासों के तहत साढ़े आठ करोड़ से ज़्यादा लोगों को भोजन सहित जीवनरक्षक सहायता मुहैया कराई जा रही है. 

कोविड-19: भ्रान्तियाँ, अफ़वाहें व तथ्य

कोविड-19 महामारी ने दुनिया को हिलाकर रख दिया है. इस बीमारी के वायरस के बारे में सटीक जानकारी व इलाज के अभाव में लोग अक्सर भ्रमित हैं और भ्रान्तियों व अफ़वाहों का भी शिकार हो रहे हैं. इस वीडियो में कुछ भ्रान्तियों व ग़लतफ़हमियों को दूर करने की कोशिश...

सीरिया: मानवीय त्रासदी व बेइंतेहा तकलीफ़ों को रोकने की पुकार

सीरिया में मौजूदा गृहयुद्ध व ख़ून-ख़राबा दसवें वर्ष में दाख़िल हो चुका है और इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत ने इंसानों की भीषण तकलीफ़ों की तरफ़ ध्यान खींचते हुए कहा है कि इदलिब में हाल ही में दस लाख से भी ज़्यादा लोग विस्थापित हुए हैं और मानवीय त्रासदी और ज़्यादा गहराती जा रही है.

यमन: सैन्य गतिविधियाँ तुरंत रोकने की पुकार

यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने यमन के उत्तरी इलाक़े का दौरा करते हुए सैन्य गतिविधियाँ तुरंत रोके जाने की पुकार लगाई है. साथ ही उन्होंने युद्धरत पक्षों से से भी युद्धक गतिविधियों में कमी लाने के लिए साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया है.

घरेलू विस्थापितों की पीड़ा दूर करने के उपायों पर चर्चा

विश्व भर में चार करोड़ से ज़्यादा लोग घरेलू विस्थापन का शिकार है और वर्ष 2020 की शुरुआत से अब तक हज़ारों-लाखों लोगों को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इस स्थिति को अस्वीकार्य क़रार देते हुए घरेलू विस्थापितों की समस्याओं के लिए नए समाधानों की तलाश करने का आग्रह किया है.

यूएन महासचिव के रूप में पहली पाकिस्तान यात्रा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इस हैसियत में अपनी पहली पाकिस्तान यात्रा के पहले दिन रविवार को अफ़ग़ान शरणार्थियों से मुलाक़ात की. उन्होंने जम्मू कश्मीर की स्थिति का शांतिपूर्ण हल निकाले जाने की ज़रूरत भी व्यक्त की.