मानवीय सहायता

कोविड-19: साथी हाथ बढ़ाना

कोविड-19 का मुक़ाबला करने के लिए एकजुटता और मानवीय भावना से काम लेने की पुकार लगाई गई है. भारत में भी संयुक्त राष्ट्र के स्वयंसेवक (यूएनवी) अपने-अपने स्तर से मदद का हाथ बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं जिनसे जागरूकता फैलाने में मदद मिल रही है. एक वीडियो...

कोविड-19: धीमे व सावधानी से निकलना होगा लॉकडाउन से

विश्व स्वास्थ्य संगठन कोविड-19 महामारी के प्रकोप का मुक़ाबला करने के लिए अनेक देशों में लागू किए गए लॉकडाउन यानी तालाबंदी को धीरे-धीरे और सुरक्षित तरीक़े से हटाने की रणनीति पर देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है. ध्यान रहे कि तालाबंदी के तहत लोगों को अपने घरों में ही रहने को कहा गया है. एजेंसी के मुखिया टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेबरेयेसेस ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में तालाबंदी को एकदम से हटाने के ख़िलाफ़ आगाह भी किया. 

माली स्थिति पर सुरक्षा परिषद की वर्चुअल मीटिंग

वैश्विक महामारी कोविड-19 ने जैसे-जैसे पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया, ऐसे में माली में संयक्त राष्ट्र शांतिरक्षा मिशन के अध्यक्ष ने सुरक्षा परिषद को बताया है कि मिशन अपना शासनादेश पूरा करने के साथ-साथ देश में महामारी का फैलाव रोकने के लिए भी यथासंभव प्रयास कर रहा है.

'रवांडा जनसंहार से सबक़ सीखें'

रवांडा में 1994 में तुत्सियों के ख़िलाफ़ हुए जनसंहार में केवल 100 दिनों के भीतर दस लाख से ज्यादा लोगों की हत्या कर दी गई थी. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने 7 अप्रैल को इस जनसंहार की वर्षगाँठ पर अपने संदेश में इस दुखद अध्याय से सबक़ लेने और राष्ट्रवाद व ध्रुवीकरण की ताक़तों को नकार देने की पुकार लगाई है...

कोविड-19: भारत में ‘लॉकडाउन’ से प्रवासी कामगारों पर भारी मार

भारत में कोविड-19 का मुक़ाबला करने के प्रयासों के तहत 24 मार्च को घोषित 21 दिन के लॉकडाउन ने प्रवासी मजदूरों और दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं. दिहाड़ी पर काम करने वाले ज़्यादातर मज़दूर लम्बे समय तक तालाबंदी रहने की आशंका में बड़ी संख्या में अपने-अपने गांवों और स्थानों को वापस लौट पड़े. करफ़्यू की स्थिति होने के बावजूद हजारों प्रवासी मज़दूर सड़कों पर आ गए और पैदल ही अपने स्थानों के लिए चल निकले.
 

कोविड-19: घबराएँ नहीं, धैर्य रखें - एक डॉक्टर का अहम संदेश

शियांग लू उन हज़ारों चीनी डॉक्टरों में से एक हैं जिन्हें सबसे ज़्यादा प्रभावित हूबेई प्रान्त में कोविड-19 महामारी का मुक़ाबला करने के लिए भेजा गया था. ये तब जब वहाँ कोविड-19 संक्रमण अपने चरम पर पहुँच गया था. यूएन न्यूज़ ने जब 23 मार्च को शियांग लू से बातचीत की तो उनका कहना था कि वहाँ स्थिति में काफ़ी सुधार आ चुका है और शायद जल्द ही उन्हें अपने घर वापिस लौटने का मौक़ा मिल जाए.

'कोविड-19 हमारी अर्थव्यवस्थाओं की भंगुरता को दर्शाता है', गाय राइडर, आईएलओ

कोविड-19 महामारी के मानवीय जीवन पर परिणाम हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था से कहीं आगे तक पहुँचते है. इससे हमारे भविष्य के आर्थिक, सामाजिक और विकासात्मक सभी पहलू प्रभावित होंगे. हमारी प्रतिक्रिया तत्काल एकजुट और वैश्विक होनी चाहिए, और तुरंत उन लोगों तक मदद पहुंचानी चाहिए जिन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है.

कोविड-19 से कैसे बचें

नए कोरोनावायरस से होने वाले संक्रामक रोग कोविड-19 का अभी तक कोई इलाज तो नहीं है मगर बहुत सावधानी बरतने से इसके संक्रमण से बचा भी जा सकता है. कुछ ऐसे ही नुस्ख़े इस वीडियो में...

कोविड-19: मुक़ाबले के लिए दो अरब डॉलर की मानवीय राहत योजना

संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 से उपजी अभूतपूर्व चुनौती से निपटने के लिए बुधवार को एक व्यापक मानवीय राहत अपील जारी की है. इस मुहिम के ज़रिए कमज़ोर स्वास्थ्य प्रणालियों वाले देशों की सहायता सुनिश्चित करने और लाखों लोगों की ज़िंदगियाँ बचाने का लक्ष्य रखा गया है. अब तक कोविड-19 के संक्रमण के चार लाख से ज़्यादा मामले सामने आ चुके हैं और क़रीब 20 हज़ार लोगों की मौत हुई है. कोरोनावायरस दुनिया के उन इलाक़ों में भी दस्तक दे रहा है जो हिंसक संघर्ष, प्राकृतिक आपदाओं और जलवायु परिवर्तन से जूझ रहे हैं. 

कोविड-19: ज़रूरतमन्दों तक मानवीय सहायता पहुंचाने की ज़िम्मेदारी

कोविड-19 महामारी की विकराल चुनौती से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर व्यापक स्तर पर तेज़ कार्रवाई जारी है. इसके साथ ही यूएन की मानवीय राहत एजेंसियों ने युद्ध प्रभावित क्षेत्रों और आपात हालात में रहने को मजबूर 10 करोड़ से ज़्यादा लोगों तक मदद पहुंचाने का काम भी जारी रखा है. इन प्रयासों के तहत साढ़े आठ करोड़ से ज़्यादा लोगों को भोजन सहित जीवनरक्षक सहायता मुहैया कराई जा रही है.