मानवीय सहायता

छह महीने में पहली बार पश्चिमी यमन में मदद पहुंची

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) को यमन में हिंसक संघर्ष से प्रभावित हज़ारों परिवारों तक राशन और अन्य राहत सामग्री पहुंचाने में सफलता मिल गई है. पिछले साल जुलाई के बाद यह पहली बार है जब लोगों को सहायता दी जा रही है जो शांति के लिए हो रहे प्रयासों का नतीजा है. 

विनाशकारी भूकंप के 9 साल बाद क्या हैती में आपदा प्रबंधन बेहतर हुआ है?

​हैती में 9 साल पहले 12 जनवरी 2010 को आए विनाशकारी भूकंप में राजधानी पोर्त-ओ-प्रांस आधे से ज़्यादा ध्वस्त हो गई थी, दो लाख से ज़्यादा मौतें हुई थीं जबकि दस लाख से अधिक लोग विस्थापित होने को मजबूर हो गए थे. लेकिन सवाल यह है कि क्या स्थानीय प्रशासन इस तरह की आपदाओं को सामना करने के लिए अब पहले से बेहतर ढंग से तैयार है? 

सीरिया: इस्लामिक स्टेट के आख़िरी गढ़ में लड़ाई तेज़, हज़ारों का पलायन

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) का कहना है कि सीरिया के दाएर-एज़-ज़ोर गवर्नरेट में इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों के ख़िलाफ़ तेज़ होते अभियान का शिकार बड़ी संख्या में आम लोग हो रहे हैं. मृतकों का आंकड़ा बढ़ रहा है और बड़े पैमाने पर लोग विस्थापन को मजबूर हैं. 

'यमन शांति प्रक्रिया में ढिलाई नहीं बरत सकते'

संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने सुरक्षा परिषद को यमन में हालात की जानकारी देते हुए बताया कि शांति स्थापना के प्रयासों के तहत स्थायी राजनीतिक सहमति बनाने  का मुश्किल काम अभी अधूरा है. उन्होंने सुरक्षा परिषद से मुख्य बंदरगाह शहर हुदायदाह में  संघर्षविराम को बनाए रखने के लिए पूरा समर्थन देने का आग्रह किया. 

स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए मिलजुलकर काम करने की अपील

कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में चुनाव से ठीक पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सभी राजनीतिक पक्षों से मिलजुलकर काम करने की अपील की है जिससे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संपन्न हो सकें. कांगो में रविवार को चुनाव होने हैं. 

इंडोनेशिया में सूनामी से तबाही के बाद राहत कार्य तेज़

इंडोनेशिया के जावा और सुमात्रा द्वीपों में सूनामी से आई आपदा के बाद सरकार के नेतृत्व में स्थानीय एजेंसियां राहत अभियान में जुट गईं हैं.  संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता मामलों की एजेंसी (OCHA) ने इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी का हवाला देता हुए कहा है कि अब तक 430 लोगों की मौत हो चुकी है, 1,494 लोग घायल हुए हैं जबकि 159 लोग अब भी लापता हैं. 

प्रवासियों के लिए ‘ग्लोबल कॉम्पैक्ट’

दुनिया भर में प्रवासियों की समस्याओं को जानने-समझने और उनका हल निकालने के लिए एक समझौते पर विचार करने के लिए विश्व नेताओं ने बुधवार को सयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक अहम बैठक की.