मानवीय सहायता

सुपर सायक्लोन 'अम्फन' की चपेट में पश्चिम बंगाल के सात ज़िले

सुपर सायक्लोन 'अम्फन’ ने भारत के पश्चिम बंगाल राज्य में बुधवार को दस्तक दे दी जहाँ सात ज़िलों में इसका प्रकोप ज़्यादा होने की आशंका है. संयुक्त राष्ट्र के आपदा जोखिम न्यूनीकरण के भारत कार्यालय में विशेषज्ञ रन्जनी मुखर्जी ने यूएन न्यूज़ हिन्दी के साथ एक ख़ास बातचीत में बताया कि प्रदेश की राजधानी कोलकाता में इसका अनुमान से कहीं ज़्यादा असर देखा जा रहा है जहाँ 130 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ़्तार से हवाएँ चल रही हैं और आस-पास के इलाक़ों में भी भारी बारिश हो रही है.

भारत और बांग्लादेश में चक्रवाती तूफ़ान ‘अम्फन’ की आहट

चक्रवाती तूफ़ान ‘अम्फन’ भारत और बांग्लादेश में तटवर्ती घनी आबादी वाले इलाक़ों की तरफ़ बढ़ रहा है. बंगाल की खाड़ी में ‘अम्फन’ की तीव्रता में इज़ाफ़ा हुआ है और अब इसे ‘सुपर सायक्लोन’ कहा जा रहा है. कोरोनावायरस से ऐहतियाती उपायों के कारण क्षेत्र में लागू पाबन्दियों ने आपदा प्रबन्धन कार्य को पहले से कहीं अधिक जटिल बना दिया है. ‘अम्फन’ के 20 मई को तटीय इलाक़ों से टकराने की आशंका है जिस दौरान ख़तरनाक हवाएँ चलेंगी और भारी बारिश के साथ निचले इलाक़ों में बाढ़ का भी जोखिम है.

सीरिया: 'भरोसे और विश्वास की पुनर्बहाली व सहयोग खोल सकते हैं प्रगति का रास्ता'

सीरिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के दूत गियर ओ पैडरसन ने कहा है कि नए भरोसे, विश्वास और अन्तरराष्ट्रीय पक्षों व सीरियाई लोगों के बीच सहयोग से आख़िरकार प्रगति का रास्ता खोला जा सकता है जिससे देश एक टिकाऊ शान्ति की तरफ़ जाने वाले रास्ते पर अग्रसर हो सकता है. विशेष दूत ने सोमवार को एक खुली वीडियो कॉन्फ्रेन्सिन्ग के ज़रिए सुरक्षा परिषद के सामने ये बात रखी.

नगरीय ग़रीबों को भोजन की उपलब्धता बेहद ज़रूरी नहीं तो...

संयुक्त राष्ट्र की खाद्य एजेंसी – खाद्य और कृषि संगठन ने आगाह करते हुए कहा है कि अगर शहरी इलाक़ों में ग़रीबों और कमज़ोर हालात में जीने वाले लोगों के लिए भोजन सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए समय पर ठोस क़दम नहीं उठाए गए तो उन इलाक़ों में भुखमरी और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. लैटिन अमेरिका में मौजूदा तालाबन्दी और आपूर्ति वग़ैरा पर लगे प्रतिबन्धों के बावजूद बहुत से शहर ज़रूरी चीज़ों की आपूर्ति व उपलब्धता जारी रखने के लिए अनेक उपाय कर रहे हैं.

निर्बलतम देशों की मदद के लिए सात अरब डॉलर की अपील

संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता एजेंसियों ने विश्व भर के 60 से ज़्यादा बेहद नाज़ुक देशों में कोविड-19 महामारी का फैलाव रोकने और करोड़ों लोगों की ज़िन्दगियाँ बचाने की मुहिम में लगभग 7 अरब डॉलर की रक़म जुटाने की अपील की है. वैश्विक मानवीय सहायता प्रतिक्रिया योजना गुरूवार को जारी की गई जिसमें समाजों के बेहद निर्बल और वंचित लोगों को सहायता व सुरक्षा मुहैया कराने को प्राथमिकता पर रखा गया है. इनमें वृद्ध लोग, विकलांग व्यक्ति, महिलाएँ और लड़कियाँ शामिल हैं. 

कोविड-19: विशेष टास्कफ़ोर्स करेगी 135 देशों की ख़ास मदद

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 का मुक़ाबला कर रहे कम से मध्य आय वाले 135 देशों में महत्वपूर्ण चिकित्सा सामग्री की आपूर्ति करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में एक बड़ा कार्यक्रम चलाया जा रहा है जिसका नाम कोविड-19 टास्कफ़ोर्स है.

अकाल के मंडराते बादल, सुरक्षा परिषद से जल्द कार्रवाई की पुकार 

दुनिया ना सिर्फ़ एक वैश्विक महामारी के ख़तरे का सामना कर रही है बल्कि मानवीय राहत के मोर्चे पर एक विनाशकारी आपदा से भी जूझ रही है. संयुक्त राष्ट्र की खाद्य राहत एजेंसी (WFP) के प्रमुख डेविड बीज़ली ने मंगलवार को वीडियो लिंक के ज़रिए सुरक्षा परिषद को मौजूदा हालात के बारे में जानकारी देते हुए यह बात कही है और पीड़ितों तक मानवीय राहत पहुँचाने के कार्य में मदद का आहवान किया है.

कोविड-19: ज़िंदगियाँ बचाने के लिए खाद्य आपूर्ति जारी रखना अहम

संयुक्त राष्ट्र, सरकारी और ग़ैर-सरकारी एजेंसियों का एक साझा अध्ययन दर्शाता है कि वर्ष 2019 में 55 देशों में 13 करोड़ से ज़्यादा लोग अस्थाई रूप से खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे थे और उन्हें जीवन-यापन के लिए भोजन, पोषण व आजीविका की तत्काल आवश्यकता थी. रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के कारण हालात और भी गंभीर हो सकते हैं इसलिए खाद्य आपूर्ति श्रृंखला (फ़ूड सप्लाई चेन) की निरंतरता बरक़रार रखनी होगी. 

रोहिंज्या पर समुद्री मुसीबत, हमदर्दी और दयालुता दिखाने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी – UNHCR आश्रय स्थल के ज़रूरतमन्दों के प्रति हमदर्दी और दयालुता दिखाने की पुकार लगाई है. एजेंसी ने ये आहवान उस घटना के बाद किया है जिसमें म्याँमार से सुरक्षा के लिए निकले कम से कम 30 रोहिंज्या लोगों की बंगाल की खाड़ी में डूब जाने से मौत हो गई. ये लोग उस नाव में सवार थे जो लगभग दो महीने से समुद्र में ही ठहरी हुई थी क्योंकि उसे किसी देश में किनारे पर पहुँचने की इजाज़त नहीं मिली थी.

'यमन दो मोर्चों पर युद्ध नहीं लड़ सकता'

यमन में वैश्विक महामारी कोविड-19 के और ज़्यादा गंभीर होते जाने के कारण अब बिल्कुल सही वक़्त है कि युद्धरत पक्ष अपनी अदावत ख़त्म करके लड़ाई बन्द कर दें. यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने गुरूवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के ज़रिए सुरक्षा परिषद की एक अनौपचारिक बैठक में कही.