मानवीय सहायता

सीरिया में तबाही और तकलीफ़ों पर खून क्यों नहीं खौलता?

सीरिया में आठ वर्षों के गृहयुद्ध के दौरान जानलेवा हवाई हमलों और आतंकवादी हमलों ने लाखों लोगों को मौत के घाट उतार दिया और लाखों अन्य को ज़ख़्मी छोड़ दिया. ऐसे हालात में संयुक्त राष्ट्र के आपदा राहत कार्यों की डिपुटी कॉर्डिनेटर उर्सुला मुएलर ने मंगलवार को सुरक्षा परिषद के सामने एक चुभने वाला सवाल रखा – क्या से परिषद ऐसे हालात में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सकती जब स्कूलों और अस्पतालों पर हमलों को युद्ध की एक रणनीति के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है, फिर भी इस पर लोगों का ख़ून क्यों नहीं खौलता?

आम आबादी की सुरक्षा की हालत से गंभीर चिन्ता वाजिब - महासचिव

संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि आम आबादी की सुरक्षा के लिए उठाए गए क़दम तो पर्याप्त हैं मगर उन पर अमल करने करने की मंशा और अनुशासन में गिरावट आई है जो गंभीर चिन्ता का विषय है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बीस वर्ष पहले आम आबादी की सुरक्षा का मुद्दा अपने एजेंडा में शामिल किया था.

यमन में हिंसा का दंश झेल रहे हैं बच्चे

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की प्रमुख हेनरिएटा फ़ोर ने कहा है कि यमन में विकट परिस्थितियों में फंसे डेढ़ करोड़ से ज़्यादा बच्चे जीवन बचाने की गुहार लगा रहे हैं. सुरक्षा परिषद में 15 सदस्य देशों को संबोधित करते हुए उन्होंने चार साल से चली आ रही लड़ाई को समाप्त करने के लिए ठोस प्रयासों की अपील की है.

ग़ाज़ा की नाकाबंदी से राहत सामग्री पर निर्भरता दस गुना बढ़ी

दुनिया भर में मुस्लिम समुदाय के लिए पवित्र रमज़ान के महीने के दौरान ग़ाज़ा में आधे से ज़्यादा संख्या ऐसे लोगों की है जो भोजन के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता पर निर्भर हैं. फ़लीस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी (UNRWA) का कहना है कि नाकाबंदी के बाद से भोजन सामग्री पर निर्भरता में लगभग दस गुना बढ़ोत्तरी देखने को मिली है.

लीबिया में स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले की कड़ी निंदा

लीबिया की राजधानी त्रिपोली में एक एम्बुलेंस पर हमला हुआ है जिसमें आपात सेवाओं के प्रमुख सहित तीन स्वास्थ्यकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं. संयुक्त राष्ट्र मानवीय राहत एजेंसियों ने हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है. परस्पर विरोधी गुटों के बीच लड़ाई में अब तक 400 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, दो हज़ार से ज़्यादा घायल हुए हैं और हज़ारों आम नागरिकों को विस्थापन के लिए मजबूर होना पड़ा है.

 

ओडिशा के पुरी तट से टकराया 'फणी', बांग्लादेश में यूएन एजेंसियां सतर्क

हाल के दशकों में आए सबसे शक्तिशाली चक्रवाती तूफ़ानों में से एक ‘फणी’ ने शुक्रवार सुबह भारत के ओडिशा राज्य के पुरी ज़िले में दस्तक दी जिसके बाद वहां भारी बारिश के साथ 175 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलीं.  ‘फणी’ चौथी श्रेणी का तूफ़ान है जिस पर यूएन एजेंसियां नज़र रख रही हैं और उसके बांग्लादेश पहुंचने से पहले वहां शरणार्थी परिवारों के लिए राहत इंतज़ामों में जुटी हैं. 

उत्तर कोरिया में एक करोड़ लोग खाद्य संकट का शिकार

पिछले दस सालों में पहली बार बड़े पैमाने पर फ़सल उत्पादन में गिरावट होने के चलते उत्तर कोरिया में एक करोड़ से ज़्यादा लोग खाद्य संकट का सामना कर रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र ने उत्तर कोरिया में उपजी खाद्य असुरक्षा का आकंलन करती एक रिपोर्ट को शुक्रवार को जारी किया है.  भोजन की कमी के चलते देश में कुपोषण फैलने का जोखिम बढ़ गया है. 

चक्रवात 'केनेथ' से प्रभावित इलाक़ों तक राहत पहुंचाने में जुटी यूएन एजेंसियां 

उत्तरी मोजाम्बीक में आने वाले दिनों में भारी बारिश की आशंका है. इसके मद्देनजर चक्रवात 'केनेथ' से प्रभावित अधिकतर सुदूर क्षेत्रों तक पहुंच ‘मुश्किल बनी रहेगी’. मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र ने यह चेतावनी दी है. 

मोज़ाम्बीक में विनाशकारी तूफ़ान की फिर आशंका के मद्देनज़र राहत कार्य तेज़

संयुक्त राष्ट्र और उसकी सहभागी संस्थाओं ने मोज़ाम्बीक के उत्तरी तटवर्ती क्षेत्रों में एक और विनाशकारी तूफान की आशंका को देखते हुए गुरूवार को आपातकालीन बचाव व राहत कार्य उपाय शुरू कर दिए हैं.

वेनेज़्वेला में मानवीय स्थिति बदतर, 70 लाख लोगों को मदद की दरकार

वेनेज़्वेला मुद्दे पर परस्पर विरोधी प्रस्तावों के पारित न हो पाने के करीब एक महीने बाद वहां कायम स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में फिर चर्चा हुई है. बुधवार की बैठक में वेनेज़्वेला को एक बड़ी वास्तविक मानवीय समस्या बताया गया है जहां 70 लाख लोगों को सहायता की ज़रूरत है और हर दिन पांच हज़ार लोग देश छोड़कर जाने को मजबूर हैं.