मानवीय सहायता

यमन में दुर्गम इलाक़ों में खाद्य सामग्री पहुँचाने में कामयाबी

यमन में लगातार गहराते जा रहे मानवीय संकट के हालात में संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम विद्रोहियों के क़ब्ज़े वाले उत्तरी इलाक़े निह्म तक पहुँचने में कामयाबी हासिल की है. यमन में 2015 में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब द्वारा समर्थित सरकारी गठबंधन के बीच गृह युद्ध शुरू होने के बाद से ऐसा पहली बार संभव हो सका है.

तूफ़ानों से हुई तबाही से उबरने के लिए मोज़ाम्बिक को 3.2 अरब डॉलर की आवश्यकता

दो चक्रवाती तूफ़ानों से मोज़ाम्बिक में हुई भारी तबाही के बाद मदद जुटाने के उद्देश्य से बेयरा शहर में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संकल्प सम्मेलन शुरू हुआ है. ‘इडाई’ और ‘कैनेथ’ नामक  तूफ़ानों से 18 लाख से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए, सैकड़ों लोगों की मौत हुई और बेयरा सबसे ज़्यादा प्रभावित शहर था. इस बर्बादी से उबरने के लिए 3.2 अरब डॉलर की सहायता राशि का अनुमान लगाया गया है.

सीरिया में तबाही और तकलीफ़ों पर खून क्यों नहीं खौलता?

सीरिया में आठ वर्षों के गृहयुद्ध के दौरान जानलेवा हवाई हमलों और आतंकवादी हमलों ने लाखों लोगों को मौत के घाट उतार दिया और लाखों अन्य को ज़ख़्मी छोड़ दिया. ऐसे हालात में संयुक्त राष्ट्र के आपदा राहत कार्यों की डिपुटी कॉर्डिनेटर उर्सुला मुएलर ने मंगलवार को सुरक्षा परिषद के सामने एक चुभने वाला सवाल रखा – क्या से परिषद ऐसे हालात में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सकती जब स्कूलों और अस्पतालों पर हमलों को युद्ध की एक रणनीति के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है, फिर भी इस पर लोगों का ख़ून क्यों नहीं खौलता?

आम आबादी की सुरक्षा की हालत से गंभीर चिन्ता वाजिब - महासचिव

संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि आम आबादी की सुरक्षा के लिए उठाए गए क़दम तो पर्याप्त हैं मगर उन पर अमल करने करने की मंशा और अनुशासन में गिरावट आई है जो गंभीर चिन्ता का विषय है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बीस वर्ष पहले आम आबादी की सुरक्षा का मुद्दा अपने एजेंडा में शामिल किया था.

यमन में हिंसा का दंश झेल रहे हैं बच्चे

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की प्रमुख हेनरिएटा फ़ोर ने कहा है कि यमन में विकट परिस्थितियों में फंसे डेढ़ करोड़ से ज़्यादा बच्चे जीवन बचाने की गुहार लगा रहे हैं. सुरक्षा परिषद में 15 सदस्य देशों को संबोधित करते हुए उन्होंने चार साल से चली आ रही लड़ाई को समाप्त करने के लिए ठोस प्रयासों की अपील की है.

ग़ाज़ा की नाकाबंदी से राहत सामग्री पर निर्भरता दस गुना बढ़ी

दुनिया भर में मुस्लिम समुदाय के लिए पवित्र रमज़ान के महीने के दौरान ग़ाज़ा में आधे से ज़्यादा संख्या ऐसे लोगों की है जो भोजन के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता पर निर्भर हैं. फ़लीस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी (UNRWA) का कहना है कि नाकाबंदी के बाद से भोजन सामग्री पर निर्भरता में लगभग दस गुना बढ़ोत्तरी देखने को मिली है.

लीबिया में स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले की कड़ी निंदा

लीबिया की राजधानी त्रिपोली में एक एम्बुलेंस पर हमला हुआ है जिसमें आपात सेवाओं के प्रमुख सहित तीन स्वास्थ्यकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं. संयुक्त राष्ट्र मानवीय राहत एजेंसियों ने हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है. परस्पर विरोधी गुटों के बीच लड़ाई में अब तक 400 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, दो हज़ार से ज़्यादा घायल हुए हैं और हज़ारों आम नागरिकों को विस्थापन के लिए मजबूर होना पड़ा है.

 

ओडिशा के पुरी तट से टकराया 'फणी', बांग्लादेश में यूएन एजेंसियां सतर्क

हाल के दशकों में आए सबसे शक्तिशाली चक्रवाती तूफ़ानों में से एक ‘फणी’ ने शुक्रवार सुबह भारत के ओडिशा राज्य के पुरी ज़िले में दस्तक दी जिसके बाद वहां भारी बारिश के साथ 175 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलीं.  ‘फणी’ चौथी श्रेणी का तूफ़ान है जिस पर यूएन एजेंसियां नज़र रख रही हैं और उसके बांग्लादेश पहुंचने से पहले वहां शरणार्थी परिवारों के लिए राहत इंतज़ामों में जुटी हैं. 

उत्तर कोरिया में एक करोड़ लोग खाद्य संकट का शिकार

पिछले दस सालों में पहली बार बड़े पैमाने पर फ़सल उत्पादन में गिरावट होने के चलते उत्तर कोरिया में एक करोड़ से ज़्यादा लोग खाद्य संकट का सामना कर रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र ने उत्तर कोरिया में उपजी खाद्य असुरक्षा का आकंलन करती एक रिपोर्ट को शुक्रवार को जारी किया है.  भोजन की कमी के चलते देश में कुपोषण फैलने का जोखिम बढ़ गया है. 

चक्रवात 'केनेथ' से प्रभावित इलाक़ों तक राहत पहुंचाने में जुटी यूएन एजेंसियां 

उत्तरी मोजाम्बीक में आने वाले दिनों में भारी बारिश की आशंका है. इसके मद्देनजर चक्रवात 'केनेथ' से प्रभावित अधिकतर सुदूर क्षेत्रों तक पहुंच ‘मुश्किल बनी रहेगी’. मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र ने यह चेतावनी दी है.