मानवीय सहायता

2020 तक 14 लाख शरणार्थियों को आसरे की ज़रूरत होगी

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी - यूएनएचसीआर ने कहा है कि 60 से अधिक मेज़बान देशों में फैले 14 लाख से अधिक विस्थापितों को साल 2020 तक तत्काल रूप में पुनर्वास की ज़रूरत पड़ेगी. साथ ही यूएनएचसीआर ने अतिसंवेदनशील होने के कारण एलजीबीटीआई (LGBTI) शरणार्थियों को और ज़्यादा सुरक्षा देने की मांग की.

'तबाही के कगार पर' है इदलिब प्रांत

11 वैश्विक मानवीय संगठनों के प्रमुखों ने चेतावनी जारी की है कि सीरिया में विद्रोहियों के नियंत्रण वाला प्रांत इदलिब विनाशकारी हालात से जूझ रहा है और वहां तीस लाख आम नागरिकों की जान ख़तरे में है. इनमें दस लाख बच्चे शामिल हैं. इदलिब में सरकारी सुरक्षा बलों ने विद्रोहियों के विरुद्ध बड़ा अभियान छेड़ा है जिससे हिंसा तेज़ हो गई है.

निगरानी / सर्वेलेंस तकनीक पर प्रतिबंध लगाने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र द्वारा नियुक्त एक स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने कहा है कि जब तक निगरानी तकनीकों यानी सर्वेलेंस टैक्नोलॉजी के हानिकारक प्रभावों को कम करने के लिए "प्रभावी" राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय नियंत्रण नियम न बन जाएँ, तब तक निगरानी तकनीकों पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए.

फ़लस्तीनी शरणार्थी एजेंसी की उपलब्धियां 'हमारी साझा सफलता'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाना ज़रूरी है कि फ़लस्तीनी शरणार्थियों को राहत पहुंचाने में जुटी यूएन एजेंसी (UNRWA) को अपना काम लगातार जारी रखने के लिए मदद मिलती रहे. उन्होंने कहा कि एजेंसी के प्रयासों को सभी के लिए साझा दायित्व और साझा सफलता के तौर पर देखा जाना चाहिए.

यमन में छीना जा रहा है 'बच्चों के मुंह से निवाला'

संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के प्रमुख डेविड बीज़ली ने क्षोभ व्यक्त करते हुए कहा है कि यमन में हुती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले इलाक़ों में भूखे बच्चों के मुंह से निवाला छीना जा रहा है. सुरक्षा परिषद को जानकारी देते हुए उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि अगर समझौतों का सम्मान नहीं हुआ तो कुछ ही दिनों में भोजन सामग्री की सहायता को रोक दिया जाएगा.

दक्षिण सूडान में भोजन की भारी कमी, अकाल जैसे हालात

दक्षिण सूडान में लगभग 70 लाख लोगों के पास रोज़मर्रा की ज़रूरतें पूरी करने के लिए पर्याप्त भोजन नहीं बचा है और 20 हज़ार से ज़्यादा लोग भुखमरी के कगार पर पहुँच गए हैं. विश्व खाद्य कार्यक्रम ने शुक्रवार को ये चेतावनी जारी की है.

गुमशुदाओं के परिजनों को सही सूचना और जवाब मिलना ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सशस्त्र संघर्षों और लड़ाई-झगड़ों में लापता हुए लोगों के मुद्दे पर पहली बार कोई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया है. मंगलवार को पारित हुए इस प्रस्ताव को सभी 15 सदस्यों ने एकमत से मंज़ूरी दी. इस प्रस्ताव का उद्देश्य तमाम देशों को अपनी मानवीय और क़ानूनी जिम्मेदारियाँ पूरी करने के लिए प्रोत्साहित करना है.

मोज़ाम्बिक के लिए 1.2 अरब डॉलर की मदद का संकल्प

तबाही लाने वाले चक्रवाती तूफ़ानों से प्रभावित मोज़ाम्बिक में पुनर्निर्माण कार्यों के लिए अंतरराष्ट्रीय दानदाताओं ने 1.2 अरब डॉलर की मदद का संकल्प लिया है. बेयरा शहर में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संकल्प सम्मेलन को संबोधित करते हुए यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र मोज़ाम्बिक को नहीं भूलेगा.  

यमन में दुर्गम इलाक़ों में खाद्य सामग्री पहुँचाने में कामयाबी

यमन में लगातार गहराते जा रहे मानवीय संकट के हालात में संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम विद्रोहियों के क़ब्ज़े वाले उत्तरी इलाक़े निह्म तक पहुँचने में कामयाबी हासिल की है. यमन में 2015 में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब द्वारा समर्थित सरकारी गठबंधन के बीच गृह युद्ध शुरू होने के बाद से ऐसा पहली बार संभव हो सका है.

तूफ़ानों से हुई तबाही से उबरने के लिए मोज़ाम्बिक को 3.2 अरब डॉलर की आवश्यकता

दो चक्रवाती तूफ़ानों से मोज़ाम्बिक में हुई भारी तबाही के बाद मदद जुटाने के उद्देश्य से बेयरा शहर में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संकल्प सम्मेलन शुरू हुआ है. ‘इडाई’ और ‘कैनेथ’ नामक  तूफ़ानों से 18 लाख से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए, सैकड़ों लोगों की मौत हुई और बेयरा सबसे ज़्यादा प्रभावित शहर था. इस बर्बादी से उबरने के लिए 3.2 अरब डॉलर की सहायता राशि का अनुमान लगाया गया है.