मानवीय सहायता

‘भारत के महावीर’... और मदद करने वालों का कारवाँ बनता गया

भारत में, संयुक्त राष्ट्र, नीति आयोग और डिस्कवरी चैनल के संयुक्त टैलीविज़न कार्यक्रम 'भारत के महावीर' का दूसरा भाग.

भारत: महामारी के दौरान निस्‍वार्थ सेवा से दिल जीतने वाले महावीर

भारत में संयुक्‍त राष्‍ट्र और नीति आयोग द्वारा डिस्‍कवरी चैनल की भागीदारी, और दीया मिर्ज़ा व सोनू सूद की मेज़बानी में, तीन हिस्‍सों वाली एक श्रृँखला, 'भारत के महावीर' शुरू की गई है, जिसमें कोविड-19 के दौरान ज़रूरतमन्दों की मदद करने के लिये, अपनी सीमाओं से परे जाकर काम करने वाले, देश भर के 12 चैम्पियन प्रस्‍तुत किये जा रहे हैं.

 

करोड़ों को भरपेट भोजन मयस्सर नहीं, कोविड-19 बना मुसीबतों का पहाड़

वर्ष 2020 के दौरान भी दुनिया भर में करोड़ों लोगों को जीने के लिये काफ़ी बुनियादी भोजन ख़ुराक भी मयस्सर नहीं है क्योंकि जलवायु परिवर्तन और आर्थिक समस्याओं ने विश्व भर में भुखमरी का स्तर बढ़ा दिया है, और कोविड-19 महामारी ने तो ग़रीबी में मुसीबतों का पहाड़ ही खड़ा कर दिया है. विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) की एक ताज़ा रिपोर्ट में ये चिन्ता ज़ाहिर की गई है.

कोविड-19: निस्वार्थ सेवा और दयालुता की प्रेरक कहानियाँ : ‘भारत के महावीर’

भारत में संयुक्त राष्ट्र, भारत सरकार का नीति आयोग और डिस्कवरी इंडिया चैनल ने मिलकर 'भारत के महावीर’ नामक एक टेलीवीज़न सीरिज़ शुरू की है, जिसके तहत भारत के उन नायकों की कहानियाँ प्रसारित की जाएँगी, जिन्होंने कोविड-19 के ख़िलाफ़ जंग में निस्वार्थ भावना से सहयोग दिया है.  

यूएन खाद्य एजेंसी WFP को नोबेल पुरस्कार, महासचिव का बधाई सन्देश

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अपने वीडियो सन्देश में नोबेल पुरस्कार समिति के निर्णय पर प्रसन्नता ज़ाहिर करते हुए विश्व खाद्य कार्यक्रम को खाद्य असुरक्षा के मोर्चे पर विश्व की पहली खाद्य संस्था के रूप में बयाँ किया है. ये संगठन दुनिया भर में करोड़ों लोगों को जीवनदायी खाद्य सहायता मुहैया कराता है, अक्सर बेहद ख़तरनाक और दुर्लभ परिस्थितियों में भी.

यूएन विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) को 2020 का नोबेल शान्ति पुरस्कार

संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) को वर्ष 2020 का नोबेल शान्ति पुरस्कार विजेता घोषित किया गया है. ये संगठन दुनिया भर में करोड़ों लोगों को जीवनदायी खाद्य सहायता मुहैया कराता है, अक्सर बेहद ख़तरनाक और दुर्लभ परिस्थितियों में भी.

कोविड-19: शरणार्थी बच्चों की शिक्षा पर विनाशकारी प्रभाव

शरणार्थी मामलों की संयुक्त राष्ट्र एजेंसी (UNHCR) ने अपनी एक नई रिपोर्ट ‘Coming Together for Refugee Education’ में आशंका जताई है कि स्कूल बन्द होने, ज़्यादा फ़ीस होने या दूरस्थ शिक्षा के लिए तकनीक तक पहुँच ना होने के कारण बड़ी संख्या में शरणार्थी बच्चे अपनी पढ़ाई जारी रखने में असमर्थ होंगे. एक वीडियो रिपोर्ट...
 

विश्व मानवीय दिवस 2020

महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व मानवीय दिवस पर अपने सन्देश में कहा है कि संयुक्त राष्ट्र उन सहायताकर्मियों के कार्य के प्रति आभार व्यक्त करता है जो विशाल चुनौतियों को पराजित कर लाखों-करोड़ों लोगों की ज़िंदगियों को बचाते और बेहतर बनाते हैं.

अभूतपूर्व समय में असाधारण परिस्थितियों में काम कर रहे राहतकर्मियों की सराहना

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ‘विश्व मानवीय दिवस’ पर अपने सन्देश में उन राहतकर्मियों के प्रति आभार जताया है जो विकराल चुनौतियों के बावजूद कोविड-19 और अन्य संकटों से जूझ रहे लाखों-करोड़ों लोगों की ज़िंदगियों को बचाने और बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं. यूएन प्रमुख ने ध्यान दिलाया है कि ख़ामोशी से काम कर रहे सहायताकर्मी  एक बेहद मुश्किल दौर में असाधारण कार्य कर रहे हैं. 

अफ़ग़ानिस्तान - 40 वर्षों के संघर्ष की मार

अफ़ग़ानिस्तान के लोग 40 से अधिक वर्षों से भीषण संघर्ष से जूझ रहे हैं. इससे अब तक 46 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं. 

संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी यूएनएचसीआर अफ़ग़ानिस्तान में विश्व बैंक, पाकिस्तान व ईरान जैसे पड़ोसी देशों के साथ मिलकर लाखों विस्थापितों की मदद करने में जुटी है.  एक वीडियो फ़ीचर...