मानवीय सहायता

दक्षिण एशिया में बारिश से जीवन अस्त-व्यस्त, अनेक की मौत

भारत, नेपाल और बांग्लादेश में मूसलाधार बारिश, भीषण बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में अब तक कम से कम 93 बच्चों की मौत हो चुकी है और लाखों लोगों की ज़िंदगियों पर जोखिम मंडरा रहा है. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने कहा है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावितों तक तत्काल राहत पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है.  साथ ही एहतियाती उपाय करने का आग्रह किया गया है.

मोज़ाम्बीक़ में तूफ़ान प्रभावितों के दृढ़ संकल्प की प्रशंसा

बिना छतों वाली कक्षाओं में मज़बूत संकल्प के साथ पढ़ते बच्चे, बिना औज़ार और कृषि योग्य भूमि के अभाव के बावजूद खेतों में दृढ़ता से डटी महिलाएं और आजीविका गंवाने लेकिन ज़िंदगी बच जाने पर कृतज्ञ लोग. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अपनी मोज़ाम्बीक़ यात्रा के दूसरे दिन शुक्रवार को ऐसे लोगों से मिलकर उनके साहस का प्रत्यक्ष अनुभव किया और खुले दिल से उनके पक्के इरादों की सराहना की.

कॉक्सेस बाज़ार में घातक होते मॉनसून से निपटने की मुस्तैदी

विश्व खाद्य कार्यक्रम ने कहा है कि बांग्लादेश में चार जुलाई से लगातार हो रही बारिश की वजह से कॉक्सेस बाज़ार का शरणार्थी शिविर बुरी तरह प्रभावित हुआ है जिससे भारी ढाँचागत नुक़सान होने के साथ-साथ अनेक लोग हताहत भी हुए हैं. बहुत नाज़ुक हालात का सामना कर रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है जो शिविरों में ही नई ज़मीन पर बनाए गए हैं.

मोज़ाम्बीक़ की मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने गुरुवार को मोज़ाम्बीक़ की यात्रा शुरू करते हुए वहाँ विनाशकारी चक्रवाती तूफ़ानों – इडाई और कैनेथ – से प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता का प्रदर्शन किया. यूएन प्रमुख ने तूफ़ानों से हुई तबाही के बाद पुनर्निर्माण कार्यों में मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से और अधिक प्रयास करने की पुकार लगाई है.

'लौटने के लिए कुछ नहीं बचा': मोज़ाम्बीक़ में तूफ़ान प्रभावितों की दास्तान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश गुरुवार को दो दिवसीय दौरे के लिए दक्षिणी अफ्रीकी देश मोज़ाम्बीक़ पहुंचे हैं जहां वह 2019 के शुरू में आए घातक चक्रवाती तूफ़ानों से हुए नुक़सान का जायज़ा लेंगे. यूएन प्रमुख गुरुवार को राष्ट्रपति फ़िलिपे न्यूसी से मिलकर अपने मिशन की शुरूआत करेंगे जिसके बाद वह प्रभावित क्षेत्रों में यूएन एजेंसियों द्वारा चलाए जा रहे राहत अभियानों का भी आकलन करेंगे. 

भारी बारिश और बाढ़ से रोहिंज्या शरणार्थियों की मुश्किलें बढ़ीं

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ़) ने कहा है कि बांग्लादेश के कॉक्सेज़ बाज़ार शरणार्थी शिविर में रह रहे रोहिंज्या शरणार्थियों के सामने भारी बारिश के बाद बाढ़ का ख़तरा पैदा हो गया है और वहाँ बने हुए स्कूलों और शिक्षा केंद्रों को नुक़सान पहुँचने से हज़ारों बच्चों की शिक्षा भी बाधित हो गई है.

बांग्लादेश में रोहिंज्या शरणार्थी शिविरों पर बारिश का क़हर

बांग्लादेश में भारी बारिश की वजह से कॉक्सेस बाज़ार शरणार्थी शिविर में 273 अस्थाई मकानों को व्यापक नुक़सान पहुंचा है और 11 लोग घायल हुए हैं. मॉनसून से पैदा हुए संकट से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र एजेंसियां राहत अभियान चला रही हैं. कॉक्सेस बाज़ार के शरणार्थी कैंप वाले इलाक़े में तीन दिन से लगातार तेज़ बारिश हो रही है और आने वाले हफ़्ते में भी भारी बारिश होने का अनुमान है.

कॉंगो लोकतांत्रिक गणराज्य में खाद्य सहायता तीन गुना बढ़ाई गई

कॉंगो लोकतांत्रिक गणराज्य का इतुरी प्रांत व्यापक पैमाने पर भुखमरी, अंतरजातीय समूहों में हिंसा और ईबोला वायरस का सामना कर रहा है जिससे वहां चुनौतीपूर्ण हालात पैदा हो गए हैं. प्रभावित लोगों को सहारा देने के उद्देश्य से विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने भोजन सामग्री के रूप में दी जाने वाली सहायता को बढ़ाकर तीन गुना कर दिया है . यूएन एजेंसी के अनुसार यमन के बाद वहां दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा भुखमरी का संकट पैदा हो रहा है.

2020 तक 14 लाख शरणार्थियों को आसरे की ज़रूरत होगी

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी - यूएनएचसीआर ने कहा है कि 60 से अधिक मेज़बान देशों में फैले 14 लाख से अधिक विस्थापितों को साल 2020 तक तत्काल रूप में पुनर्वास की ज़रूरत पड़ेगी. साथ ही यूएनएचसीआर ने अतिसंवेदनशील होने के कारण एलजीबीटीआई (LGBTI) शरणार्थियों को और ज़्यादा सुरक्षा देने की मांग की.

'तबाही के कगार पर' है इदलिब प्रांत

11 वैश्विक मानवीय संगठनों के प्रमुखों ने चेतावनी जारी की है कि सीरिया में विद्रोहियों के नियंत्रण वाला प्रांत इदलिब विनाशकारी हालात से जूझ रहा है और वहां तीस लाख आम नागरिकों की जान ख़तरे में है. इनमें दस लाख बच्चे शामिल हैं. इदलिब में सरकारी सुरक्षा बलों ने विद्रोहियों के विरुद्ध बड़ा अभियान छेड़ा है जिससे हिंसा तेज़ हो गई है.