मानवीय सहायता

म्याँमार: हिंसा, विरोध प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा परिषद की दृढ़ता व एकजुटता पर बल

म्याँमार के लिये संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत क्रिस्टीना श्रेनर बर्गनर ने आगाह किया है कि देश में राजनैतिक संकट के बीच स्थानीय लोगों ने सुरक्षा परिषद और यूएन के सदस्य देशों से, तख़्तापलट के लिये ज़िम्मेदार सैन्य नेतृत्व के ख़िलाफ़ कार्रवाई का इन्तज़ार है, लेकिन यह उम्मीद धूमिल होती जा रही है. उन्होंने शुक्रवार को सुरक्षा परिषद की बैठक को सम्बोधित करते हुए ज़ोर देकर कहा कि म्याँमार के मुद्दे पर सुरक्षा परिषद की एकता और दृढ़ता पहले से कहीं ज़्यादा अहम है.

नाइजीरिया में अपहृत लड़कियाँ रिहा – पूर्वोत्तर क्षेत्र एक और हमले से दहला

संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने क्षोभ जताते हुए कहा है कि नाइजीरिया के पूर्वोत्तर इलाक़े में आम नागरिकों व राहत एजेंसियों के परिसरों पर हुए ताज़ा हमले, वर्षों की हिंसा व असुरक्षा में घिरे लोगों की व्यथा को दर्शाते हैं. इस बीच, देश के पश्चिमोत्तर क्षेत्र में स्थित एक स्कूल से हाल ही में अगवा की गई 200 से ज़्यादा लड़कियों को रिहा कर दिया गया है, जिसका यूएन ने स्वागत किया है.

यमन: मानवीय सहायता के लिये धनराशि का वादा ‘निराशाजनक’ 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने यमन के लिये मानवीय राहत का इन्तज़ाम करने के लिये आयोजित 'सहायता राशि संकल्प सम्मेलन' के नतीजे को निराशाजनक क़रार दिया है. यूएन प्रमुख ने बताया कि पिछले वर्ष की मानवीय राहत कार्रवाई की तुलना में आधी संख्या में ही संकल्प व्यक्त किये गए हैं और संकल्प की धनराशि, वर्ष 2019 के आँकड़े की तुलना में एक अरब डॉलर कम है. 

सीरियाई शिविर में आग लगने की घटना चिन्ताजनक – बच्चों की स्वदेश वापसी का आग्रह 

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने आग्रह किया है कि सीरिया में विस्थापितों के लिये बनाए गए सबसे बड़े शिविर में रह रहे बच्चों को, उनकी राष्ट्रीयता वाले देशों में सुरक्षित व गरिमामय ढँग से वापिस भेजा जाना होगा. अल-होल शिविर में इस सप्ताहान्त आग लगने की घटना में कम से कम तीन बच्चों की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हुए हैं.

कोविड-19: 'ऐतिहासिक' चरण – कोवैक्स के तहत भारत से वैक्सीन ख़ुराकें रवाना 

संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व वाली ‘कोवैक्स पहल’ के तहत, भारत से कोरोनावायरस वैक्सीनों की खेप, घाना सहित अन्य ज़रूरतमन्द देशों के लिये, रवाना किये जाने का सिलसिला शुरू हो गया है. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की भारत में प्रतिनिधि डॉक्टर यासमीन अली हक़ ने कोवैक्स वैक्सीन वितरण की शुरुआत को ऐतिहासिक क़रार देते हुए इसे, कोविड-19 महामारी पर क़ाबू पाने की दिशा में लिया गया एक बड़ा क़दम बताया है. 

सीरिया: आर्थिक बदहाली, फैलती भुखमरी, बढ़ती मानवीय राहत ज़रूरतें

सीरिया की अर्थव्यवस्था एक बेहद कठिन दौर से गुज़र रही है और पिछले डेढ़ वर्षों में, देश ने आर्थिक मोर्चे पर अनेक झटकों का सामना किया है. संयुक्त राष्ट्र में आपात राहत मामलों के समन्वयक मार्क लोकॉक ने गुरुवार को सुरक्षा परिषद को, हालात से अवगत कराते हुए बताया कि सीरियाई मुद्रा के लुड़कने और बेरोज़गारी बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिये बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करना संघर्षपूर्ण साबित हो रहा है. 

कोविड-19: स्कूली आहार कार्यक्रमों में 'ऐतिहासिक प्रगति' पर मंडराता संकट

संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने आगाह किया है कि स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले सेहतमन्द आहार सम्बन्धी कार्यक्रमों पर, कोरोनावायरस संकट और उसके प्रभावों की वजह से जोखिम मँडरा रहा है.  यूएन एजेंसी ने बुधवार को एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें बच्चों का बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के लिये ऐसे कार्यक्रमों में निवेश किये जाने की पुकार लगाई है.     

कोविड-19: कोवैक्स के तहत वैक्सीन की ऐतिहासिक खेप पहुँची घाना

कोविड-19 महामारी पर क़ाबू पाने के प्रयासों के तहत, जीवनरक्षक कोरोनावायरस वैक्सीन की छह लाख ख़ुराकों की खेप, घाना पहुँच गई है. ऑक्सफ़र्ड यूनिवर्सिटी और ऐस्ट्राज़ेनेका द्वारा विकसित वैक्सीन के इन टीकों की आपूर्ति, संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में कोवैक्स पहल के अन्तर्गत पहली बार किसी देश में की गई है. इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया गया है. इस पहल का लक्ष्य, सभी ज़रूरतमन्द देशों तक, कोविड-19 वैक्सीन का न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित करना है.

कोविड-19: कोवैक्स के टीका अनुबन्धों को प्राथमिकता देने का आग्रह

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख ने औषधि निर्माताओं से, संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व वाली समान वैक्सीन पहल, कोवैक्स के साथ अनुबन्ध को प्राथमिकता दिये जाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि यह “मुद्दा दान का नहीं है, यह मुद्दा महामारी विज्ञान का है."

अंडमान समुद्र में मुसीबत में फँसे रोहिंज्या शरणार्थियों की तुरन्त मदद की अपील

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने उन रोहिंज्या शरणार्थियों के समूह की खोजबीन करने का आहवान किया है जो अंडमान समुद्र में, लगभग एक सप्ताह से फँसे हुए हैं यानि वो सुरक्षित ठिकाने की तलाश में भटक रहे हैं.