मानवीय सहायता

कुवैत में प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा: रेज़िडेंट कोऑर्डिनेटर का ब्लॉग

कुवैत में, संयुक्त राष्ट्र ने उस ज़ैनोफ़ोबिक बयानबाज़ी का मुक़ाबला करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसमें प्रवासी श्रमिकों पर कोविड-19 फैलाने का झूठा आरोप लगा था. कुवैत में संयुक्त राष्ट्र के रेज़िडेंट कोऑर्डिनेटर  तारेक अलशेख ने इस ब्लॉग में विदेशी निवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए किये जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला है.

15 लाख अफ़ग़ान ख़ानाबदोशों पर मुसीबत

अफ़ग़ानिस्तान में तालाबन्दी तीन महीनों के लिए और बढ़ा दी गई है, जिससे वहाँ के ख़ानाबदोश लोगों के स्वास्थ्य और आजीविका के लिए एक बड़ा ख़तरा पैदा हो गया है. आवाजाही पर प्रतिबन्ध लगने के कारण वो शहरों के बाज़ारों में अपने उत्पाद बेचने के लिये नहीं जा पा रहे हैं. ऐसे में कृषि विकास के लिए अन्तरराष्ट्रीय कोष (आईएफ़एडी) और सामुदायिक पशुधन व कृषि परियोजना (सीएलएपी) की एक संयुक्त परियोजना के तहत घी जैसे भण्डार योग्य उत्पादों का उत्पादन बढ़ाने में मदद कर रही है, जिसे बाज़ार खुलने पर ज़्यादा बेचा जा सकता है. इसके अलावा कोविड-19 की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं और परिवारों को मास्क व साबुन सहित स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा किट भी प्रदान किए गए हैं...

भोजन है अराजकता के ख़िलाफ़ ‘सर्वश्रेष्ठ वैक्सीन’

वैश्विक महामारी कोविड-19 अब निर्धन देशों में भी लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है जिसके कारण करोड़ों लोगों के इस वर्ष भुखमरी के गर्त में धँसने की आशंका है. विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने 83 देशों में प्रभावित लोगों तक सहायता पहुँचाने और वैश्विक राहत अभियान का दायरा और ज़्यादा व्यापक करने के लिए 4 अरब 90 करोड़ डॉलर की रक़म जुटाने की अपील जारी की है.

विश्व शरणार्थी दिवस

दुनिया भर में लगभग आठ करोड़ ऐसे लोग हैं जिन्हें संघर्षों, हिंसा व अन्य कारणों से बेघर व विस्थापित होना पड़ा है. महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व शरणार्थी दिवस पर तमाम देशों को विस्थापितों व शरणार्थियों की हिफ़ाज़त करने की ज़िम्मेदारी याद दिलाई है. महासचिव का वीडियो सन्देश...

शरणार्थियों और विस्थापितों के साथ हमदर्दी दिखाने की ज़रूरत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने तमाम देशों को संघर्षों, उत्पीणन और अन्य कारणों से बेघर और विस्थापित हुए लोगों को सुरक्षा मुहैया कराने की अपनी बुनियादी ज़िम्मेदारी की तरफ़ ध्यान दिलाया है. दुनिया भर में इन कारणों से लगभग 8 करोड़ लोग विस्थापित या शरणार्थी हैं. 

चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने में सक्रिय भारतीय शान्तिरक्षक

कोविड-19 संकट कारण बहुत सी आवश्यक सेवाएँ प्रभावित हुई हैं, जिससे दुनियाभर में संयुक्त राष्ट्र के शान्तिरक्षकों के सामने नई चुनौतियाँ खड़ी हो गई हैं. लेबनान में संयुक्त राष्ट्र के अन्तरिम बल यानि यूनीफ़िल की भारतीय टुकड़ी ने इलाक़े में ज़रूरी दवाओं और पशु चिकित्सा सेवाओं के अभाव को देखते हुए, आसपास के गाँवों के लिए मेडिकल राहत सामग्री मुहैया कराई है. 

कोविड-19: भीषण तबाही रोकने के लिए मानवीय सहायता में निवेश की दरकार

संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक व सामाजिक परिषद (ECOSOC) में मंगलवार को ऐसी ज़ोरदार अपीलें पेश की गईं कि कोविड-19 महामारी का मुक़ाबला करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक मानवीय प्रतिक्रिया योजना के लिए और ज़्यादा धन सुनिश्चित किया जाना चाहिए. परिषद का वार्षिक मानवीय मामलों का दौर मंगलवार को वीडियो टैली-कान्फ्रेन्सिंग के ज़रिये शुरू हुआ, जोकि इसके इतिहास में पहली बार है.

यमन में धन की कमी के कारण लाखों महिलाओं व लड़कियों पर जोखिम

युद्धग्रस्त देश यमन में मध्य मई में जब कोविड-19 महामारी पहुँची तो लगभग उसी समय प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष के पास धनराशि भी ख़त्म हो गई. इस कारण एजेंसी को देश के 180 स्वास्थ्य केन्द्रों व अस्पतालों में से 140 में प्रजनन स्वास्थ्य सम्बन्धी सेवाएँ स्थगित करनी पड़ी हैं.

चिकित्सा सामग्री से भरा यूनीसेफ़ का विमान यमन पहुँचा

संयुक्त राष्ट्र बालकोष – यूनीसेफ़ ने युद्धग्रस्त देश यमन में कोविड-19 का फैलाव रोकने में मदद के लिए जीवनदाई सामग्री के साथ एक विमान भेजा है जो शनिवार को राजधानी सना पहुँच गया है.

भुखमरी को टालने की कोशिश

सीरिया में बड़ी संख्या में मौजूद शरणार्थियों के सामने कोविड-19 का मुक़ाबला करने के माहौल में खाने-पीने के सामान की भी क़िल्लत पैदा होने का डर है. ऐसे में विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) वहाँ खाद्य सामग्री वितरित करके भुखमरी को टालने की कोशिश कर रहा है...