मानवाधिकार

प्रगति के लिए ‘दासता की नस्लीय विरासत से टक्कर ज़रूरी’

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार को ‘दासता और पराअटलांटिक दास व्यापार के पीड़ितों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्मरण दिवस’ पर अपने संदेश में नस्लीय तंत्रों और संस्थाओं को तोड़ने का आहवान किया है ताकि दुनिया की प्रगति का रास्ता सुनिश्चित किया जा सके.  

कोविड-19 से निपटने में फ़लस्तीनियों के साथ भेदभाव स्वीकार्य नहीं

संयुक्त राष्ट्र के एक मानवाधिकार विशेषज्ञ ने इसराइल, फ़लस्तीनी प्राधिकरण और हमास से आग्रह किया है कि उन्हें ग़ाज़ा, पश्चिमी तट और पूर्वी येरूशेलम में सभी फ़लस्तीनी लोगों को भी कोविड-19 महामारी का मुक़ाबला करने के लिए उनके स्वास्थ्य का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए अपनी अंतरराष्ट्रीय क़ानूनी ज़िम्मेदारियाँ भली-भाँति तरीक़े से निभाएँ.

कोविड-19: विकलांग व्यक्तियों पर विशेष ध्यान देने की ज़रूरत

विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र की विशेष रैपोर्टेयर कैटालीना डेवन्डस ने आगाह करते हुए कहा है कि बहुत से विकलांग व्यक्ति बहुत नाज़ुक परिस्थितियों का सामना करते हुए जीवन जीते हैं, फिर भी कोविड-19 विश्व महामारी से बचने के उपायों के तहत अभी विकलांग व्यक्तियों को समुचित व पर्याप्त दिशा-निर्देश व सहायता उपलब्ध नहीं कराए गए हैं.

कोविड-19 से निपटने की कार्रवाई में मानवाधिकारों का ध्यान रखने पर ज़ोर

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने सभी देशों से आग्रह किया है कि विश्वव्यापी महामारी कोरोनावायरस यानि कोविड-19 पर क़ाबू पाने के प्रयासों में आपात अधिकारों के ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल से बचना होगा. आपात अधिकारों का इस्तेमाल असहमतियों को कुचलने के लिए नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस बीमारी पर क़ाबू पाने के लिए ऐसे तरीक़े अपनाने होंगे जिनके मूल में मानवाधिकार हैं. 

मानवाधिकार: 'नस्लभेद व नफ़रत भी संक्रामक हत्यारे हैं'

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बाशेलेट ने कहा है कि कोरोनावायरस ने बेशक लाखों लोगों के बीच कुछ दूरियाँ बनाए रखने के लिए मजबूर करते हुए उन्हें सामाजिक रूप से अलगाव की परिस्थितियों में भेज दिया है, मगर ये वायरस लोगों को नस्लभेद के ख़िलाफ़ लड़ाई में एकजुट होने से नहीं रोक सकता. 

म्यांमार में लोकतंत्र है 'ढलान' पर, मानवाधिकार विशेषज्ञ की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र की स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ यैंगही ली ने कहा है कि म्यांमार में हर दिन हो रही लड़ाई, इंटरनेट पर नियंत्रण की घटनाएं और रिपोर्टिंग पर लगी पाबंदियां दर्शाती है कि देश में लोकतांत्रिक शासन ढलान के रास्ते पर है.  

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर सवालिया निशान

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ मिशेल फ़ोर्स्ट ने कहा है कि हिंसक संघर्ष के दौरान और उसके बाद के हालात में काम करने वाले मानवाधिकार पैरोकारों के योगदान को पहचानने और उन्हें सुरक्षा व समर्थन मुहैया कराए जाने की आवश्यकता है. उन्होंने जिनीवा में मानवाधिकार परिषद को अपनी नई रिपोर्ट सौंपते हुए बताया कि मानवाधिकारों की रक्षा कर रहे इन कार्यकर्ताओं को विषम परिस्थितियों में काम करना पड़ रहा है.

दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा पर यूएन मानवाधिकार प्रमुख की चिंता

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने भारत में नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) के बाद उपजे हालात और राजधानी दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा के दौरान हुई मौतों पर गहरी चिंता व्यक्त की है. यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने भी हिंसा में लोगों के मारे जाने पर गहरा दुख जताते हुए अधिकतम संयम बरते जाने और हिंसा से दूर रहने की अपील की है. 

मानवाधिकारों की रक्षा के लिए सात-सूत्री कार्ययोजना का खाका पेश

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को जिनीवा में मानवाधिकार परिषद के उदघाटन सत्र को संबोधित करते हुए सर्वजन के लिए मानवाधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए सात प्रमुख क्षेत्रों में कार्रवाई की पुकार लगाई है. उन्होंने मानवाधिकार परिषद को अंतरराष्ट्रीय संवाद व सहयोग का आधार बताते हुए विश्व भर में मानवाधिकारों पर हो रहे प्रहारों पर चिंता जताई है. 

दक्षिण सूडान: लोगों को जबरन भुखमरी में धकेलना 'हो सकता है युद्धापराध'

दक्षिण सूडान के विभिन्न इलाक़ों में जातीय और राजनैतिक कारणों से लोगों को जानबूझकर भुखमरी का शिकार बनाने और महिलाओं व पुरुषों के ख़िलाफ़ यौन हिंसा के मामले सामने आए हैं. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद द्वारा गठित एक आयोग ने अपनी नई रिपोर्ट में कहा है कि ऐसे मामले युद्धापराध के दायरे में परिभाषित हो सकते हैं, लेकिन गंभीर हालात के बीच दक्षिण सूडान में राजनैतिक कुलीन वर्ग आम लोगों की पीड़ाओं से बेपरवाह है.