मानवाधिकार

दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा पर यूएन मानवाधिकार प्रमुख की चिंता

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने भारत में नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) के बाद उपजे हालात और राजधानी दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा के दौरान हुई मौतों पर गहरी चिंता व्यक्त की है. यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने भी हिंसा में लोगों के मारे जाने पर गहरा दुख जताते हुए अधिकतम संयम बरते जाने और हिंसा से दूर रहने की अपील की है. 

मानवाधिकारों की रक्षा के लिए सात-सूत्री कार्ययोजना का खाका पेश

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को जिनीवा में मानवाधिकार परिषद के उदघाटन सत्र को संबोधित करते हुए सर्वजन के लिए मानवाधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए सात प्रमुख क्षेत्रों में कार्रवाई की पुकार लगाई है. उन्होंने मानवाधिकार परिषद को अंतरराष्ट्रीय संवाद व सहयोग का आधार बताते हुए विश्व भर में मानवाधिकारों पर हो रहे प्रहारों पर चिंता जताई है. 

दक्षिण सूडान: लोगों को जबरन भुखमरी में धकेलना 'हो सकता है युद्धापराध'

दक्षिण सूडान के विभिन्न इलाक़ों में जातीय और राजनैतिक कारणों से लोगों को जानबूझकर भुखमरी का शिकार बनाने और महिलाओं व पुरुषों के ख़िलाफ़ यौन हिंसा के मामले सामने आए हैं. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद द्वारा गठित एक आयोग ने अपनी नई रिपोर्ट में कहा है कि ऐसे मामले युद्धापराध के दायरे में परिभाषित हो सकते हैं, लेकिन गंभीर हालात के बीच दक्षिण सूडान में राजनैतिक कुलीन वर्ग आम लोगों की पीड़ाओं से बेपरवाह है.

सीरिया: विस्थापितों की दर्दनाक स्थिति पर मानवाधिकार प्रमुख ने जताया क्षोभ

सीरिया के पश्चिमोत्तर इलाक़ों में कंपकंपा देने वाली सर्दी में लाखों लोगों को भारी बमबारी के बीच रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने कहा है कि सरकारी सुरक्षा बल जैसे-जैसे अपने सैन्य अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं, लोगों को मजबूरन सुरक्षित इलाक़ों में शरण लेनी पड़ रही है और ऐसे इलाक़ों का दायरा लगातार सिमट रहा है.

'जम्मू कश्मीर में मानवाधिकारों का सम्मान अति महत्वपूर्ण'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि जम्मू कश्मीर के लोगों की मूलभूत स्वतंत्रताओं और उनके मानवाधिकारों का पूर्ण सम्मान किया जाना बहुत महत्वपूर्ण है.

हिंसक संघर्षों में बाल संरक्षण के लिए और ज़्यादा प्रयासों की दरकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने 'बाल सैनिकों के इस्तेमाल के ख़िलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस' पर बाल संरक्षण को शांति प्रक्रियाओं में शामिल करने की अहमियत पर ज़ोर दिया है. विश्व भर में 25 करोड़ से ज़्यादा युवा हिंसक संघर्ष से प्रभावित देशों में रहने को मजबूर हैं जहां अस्पतालों व स्कूलों पर हमले होते हैं और बच्चों मानवाधिकारों के हनन के मामले लगातार सामने आते हैं.

शरणार्थी पुनर्वास: अभी कम हैं मददगार हाथ!

दुनिया भर में वैसे तो लगभग 14 लाख शरणार्थी ऐसे हैं जिन्हें पुनर्वास की तुरंत ज़रूरत है मगर केवल 63 हज़ार 696 को ही वर्ष 2019 में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के ज़रिए फिर से ज़िन्दगी शुरू करने का मौक़ा मिला. ये शरणार्थियों की कुल संख्या का केवल साढ़े चार प्रतिशत हिस्सा है. कारण है कि दुनिया भर में सरकारों की तरफ़ से इन शरणार्थियों को पुनर्वास की समुचित पेशकश नहीं हो रही है.

बोलीविया में भरोसेमन्द, पारदर्शी व समावेशी चुनाव के लिए भरपूर मदद

बोलीविया के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष दूत ज्याँ अरनॉल्ट ने कहा है कि देश चुनावी प्रक्रिया में इस सप्ताह एक निर्णायक मुक़ाम पर पहुँच रहा है और संयुक्त राष्ट्र ये सुनिश्चित करने में भरपूर मदद करेगा कि देश में मतदान भरोसेमन्द, पारदर्शी और समावेशी हो.

इराक़ के मनोनीत प्रधानमंत्री से 'सुधारों और जवाबदेही' की पुकार

इराक़ में संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अधिकारी जैनीन हेनिस प्लासशर्ट ने देश के नए मनोनीत प्रधानमंत्री का आहवान किया है कि वो सुधारों पर पर जल्द से जल्द काम करें और मौजूदा प्रदर्शनों के मामले में जवाबदेही भी सुनिश्चित करें.  

मैक्सिको में फँसे प्रवासी बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने मैक्सिको सरकार को याद दिलाते हुए कहा है कि जो भी शरणार्थी बच्चे देश की सीमा में दाख़िल होते हैं उनके अधिकारों की रक्षा करना वहाँ के अधिकारियों की ज़िम्मेदारी है.