मानवाधिकार

सीरिया: हवाई हमले में 7 बच्चों सहित 20 की मौत

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) के अनुसार, पश्चिमोत्तर सीरिया में शनिवार को विस्थापितों के ख़िलाफ हवाई हमले में कम से कम सात बच्चे मारे गए हैं.

'कश्मीर' में मानवाधिकार उल्लंघन की अंतरराष्ट्रीय जाँच का अनुरोध

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संगठन की एक ताज़ा रिपोर्ट में मानवाधिकार परिषद के 47 सदस्य देशों से 'कश्मीर' में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों की जाँच के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्वतंत्र जाँच आयोग गठित करने की संभावना पर विचार करने का अनुरोध किया गया है.

संवाद से ही निकलेगा वेनेज़ुएला संकट का समाधान

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त ने कहा है कि वेनेज़ुएला में क़ायम संकट को दूर करने का एकमात्र रास्ता आपसी संवाद ही है. शुक्रवार को जिनीवा में मानवाधिकार परिषद को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब सरकार को तय करना है कि लोगों के मानवाधिकारों को सर्वोपरि माना जाए या फिर फिर निजी, वैचारिक और राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को.

असम में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर में बदलावों पर गंभीर चिंता

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने भारत के असम राज्य में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) में लगातार किए जा रहे बदलावों और लाखों लोगों पर इनसे होने वाले भारी नुक़सान की संभावनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की है. प्रभावित होने वाले ज़्यादातर लोग अल्पसंख्यक समुदायों से हैं. इन मानवाधिकार विशेषज्ञों ने इन अल्पसंख्यक समुदायों के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे नफ़रत भरे माहौल पर भी गंभीर चिंता जताई है.

लीबिया में हिरासत केंद्र पर मिसाइल का गिरना हो सकता है 'युद्धापराध' - यूएन

 लीबिया की राजधानी त्रिपोली में एक हिरासत केंद्र के युद्धक गतिविधियों की चपेट में आने से अनेक लोग हताहत हुए हैं जिनमें अनेक प्रवासी और शरणार्थी भी थे. संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने कहा है कि इस युद्धक गतिविधि को युद्धापराध माना जा सकता है और इसके लिए निंदा से आगे बढ़कर क़दम उठाए जाने का आहवान किया है.

गरिमा और मानवाधिकार के पलड़े में सभी मनुष्य ‘स्वतंत्र और बराबर'

"सभी लोग स्वतंत्र और समान हैं और उन्हें गरिमा और मानव अधिकारों के साथ जीने का अधिकार है” – न्यूयॉर्क की विश्व प्राइड परेड में भाग लेने वाले संयुक्त राष्ट्र-ग्लोब (GLOBE) के सदस्यों ने रविवार को मानव अधिकारों के सार्वभौमिक घोषणापत्र (UDHR) के इस सशक्त संदेश को एक बार फिर दोहराया. 

यातना पर हर हाल में प्रतिबंध ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अफ़सोस ज़ाहिर करते हुए कहा कि निसंदेह यातना पर हर हाल में रोक लगनी ज़रूरी है, मगर फिर भी दिन-ब-दिन इस मूल सिद्धांत का उल्लंघन होता देखा जा सकता है - ख़ासतौर पर बंदीगृहों, जेलों, पुलिस थानों, मनोरोग संस्थानों और दूसरे ऐसे स्थानों पर जहाँ क़ैद करने वाले लोग, बंदियों पर अत्याचार करने की हैसियत रखते हों.

नफ़रत की सूनामी से तत्काल निपटना होगा: यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने नफ़रत और असहिष्णुता को एक ऐसा दैत्य बताया है जिसके कई सिर हैं और जिसमें से नफ़रत और हिंसा भरी सूनामी लहरें उफ़ान पर हैं. डिजिटल माध्यमों पर कट्टरता और नफ़रत के प्रसार पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इससे लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक स्थिरता को ख़तरा पैदा हो रहा है.

महिलाओं की स्थिति: परिवारों में ही है बदलाव की बुनियाद

महिलाओं की अधिकारों की स्थिति में हाल के दशकों के दौरान अलबत्ता काफ़ी सुधार देखा गया है लेकिन पुरुषों और महिलाओं के बीच असमानता (लिंग भेद) और परिवारो में ही महिलाओं के अन्य बुनियादी अधिकारों के उल्लंघन के गंभीर मामले अब भी सामने आते हैं.

म्यांमार में इंटरनेट पर लगी पाबंदी को तत्काल हटाने की अपील

म्यांमार के कुछ इलाक़ों में मीडिया की पहुंच नहीं होने और मानवाधिकार संगठनों पर गंभीर पाबंदियां लगाए जाने की ख़बरें मिली हैं. इसके बाद संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत यैंगही ली ने म्यांमार सरकार से अपना फ़ैसला बदलने और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बहाल करने का अनुरोध किया है.