मानवाधिकार

हॉलोकॉस्ट: मानव इतिहास की अभूतपूर्व भयावहता और सुनियोजित क्रूरता के पीड़ितों का स्मरण

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने गुरूवार को हॉलोकॉस्ट स्मरण दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को अपने सम्बोधन के दौरान, यहूदी जनसंहार की अभूतपूर्व भयावहता और क्रूरता के पीड़ितों को श्रृद्धांजलि अर्पित करते हुए, भरोसा दिलाया है कि धार्मिक कट्टरता, भेदभाव और नस्लवाद के सभी रूपों के विरुद्ध लड़ाई में, संयुक्त राष्ट्र अग्रिम मोर्चे पर मौजूद है. 

हॉलोकॉस्ट स्मरण दिवस, 27 जनवरी 2022

हॉलोकॉस्ट स्मरण दिवस पर, यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश का वीडियो सन्देश...

नफ़रत को दूर धकेलना होगा, मिशेल बाशेलेट

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा है कि नस्लभेद और ख़ुद से भिन्न लोगों के लिये नफ़रत का फैलाव (Xenophobia) अपने सिर फिर तेज़ी से उठा रहे हैं. उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान योरोप में यहूदियों के जनसंहार – हॉलोकॉस्ट की याद में, 27 जनवरी को मनाए जाने वाले अन्तरराष्ट्रीय दिवस के इस सन्दर्भ में कहा है कि यहूदियों के स्थलों पर हिंसक हमले हो रहे हैं और अनेक देशों में यहूदी विरोधवाद की घटनाएँ देखी गई हैं.

अफ़ग़ानिस्तान: बच्चों पर बढ़ता स्वास्थ्य संकट

अफ़ग़ानिस्तान में बढ़ते कुपोषण, अभूतपूर्व खाद्य संकट, सूखा, स्वास्थ्य व पोषण केन्द्रों में व्यवधान, पानी एवं स्वच्छता सेवाओं तक पहुँच की कमी व भीषण सर्दी के घातक संयोजन से बच्चे बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं. एक वीडियो रिपोर्ट...

इथियोपिया: मानवाधिकार हनन की जाँच, अन्तरराष्ट्रीय आयोग से

संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार परिषद ने, शुक्रवार को हुए एक मतदान में, इथियोपिया में मानवाधिकार उल्लंघन व दुर्व्यवहार के गम्भीर मामलों की जाँच, किसी अन्तरराष्ट्रीय एजेंसी से कराए जाने का प्रस्ताव मंज़ूर किया है.

'समानता है मानवाधिकारों के केन्द्र में', विषमताओं से निपटने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त (OHCHR) मिशेल बाशेलेट ने कहा है कि कोविड-19 महामारी ने पिछले दो वर्षों में पीड़ादाई ढंग से बढ़ती विषमताओं की असहनीय क़ीमतों को दर्शाया है. उन्होंने शुक्रवार, 10 दिसम्बर, को ‘विश्व मानवाधिकार दिवस’ के अवसर पर जारी अपने वक्तव्य में, समानता व साझा मानवता पर बल देते हुए, बेहतर पुनर्निर्माण के लिये सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित किया है. 

क्योंकि हर बच्चे की अहमियत है...

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने, दुनिया की अनमोल वैश्विक परिसम्पत्तियों की रक्षा और साझा आकांक्षाओं को पूरा करने की ख़ातिर, तत्काल कार्रवाई का आहवान करते हुए, टिकाऊ विकास लक्ष्यों के नए पैरोकारों के नामों की घोषणा की है. ये सभी पैरोकार, जलवायु कार्रवाई, डिजिटल विभाजन, लैंगिक समानता और बाल अधिकारों के मुद्दों पर सक्रिय होंगे. इनमें से एक हैं, भारत से नोबेल शान्ति पुरस्कार विजेता, कैलाश सत्यार्थी. उनके साथ एक वीडियो साक्षात्कार...

डरबन+20 का झरोखा

संयुक्त राष्ट्र महासभा, ऐतिहासिक डरबन सम्मेलन की 20वीं वर्षगाँठ के अवसर पर, बुधवार, 22 सितम्बर को एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन कर रही है. इस बैठक की थीम “मुआवज़ा, नस्लीय न्याय और अफ़्रीकी मूल के लोगों के लिये समानता” रखी गई है. एक नज़र ‘डरबन घोषणापत्र और कार्रवाई कार्यक्रम’ की पृष्ठभूमि पर... (वीडियो फ़ीचर)

एशियाई विरोधी नफ़रत का मुक़ाबला, रचनात्मक रूप में...

कोविड – 19 महामारी शुरू होने के बाद से, अमेरिका में, एशियाई व प्रशान्त द्वीप मूल के लोगों के ख़िलाफ़ नफ़रत के अपराधों में बढ़ोत्तरी देखी गई. इस माहौल ने चित्रकार ऐमैण्डा फ़िंगबोधिपक्किया को, ऐसी जीवन्त कलाकृतियाँ प्रस्तुत करने के लिये प्रेरित किया जिनमें एशियाई मूल के लोग मुख्य विषय हैं. न्यूयॉर्क सिटी में जगह-जगह नज़र आती कलाकृतियों और सन्देशों ने, दुनिया भर में सुर्ख़ियाँ बटोरी हैं. एक वीडियो रिपोर्ट...

नस्लभेद: डरबन घोषणा पत्र के 20 वर्ष बाद भी, गूंज रही है नफ़रत

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार को एक उच्चस्तरीय सम्मेलन में कहा है कि नस्लवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिये 20 वर्ष पहले एक एक ऐतिहासिक घोषणा पत्र  पारित किया गया था, लेकिन भेदभाव आज भी, हर समाज के दैनिक जीवन, संस्थानों और सामाजिक ढाँचे में जड़ें जमाए हुए  है.