मानवाधिकार

बुज़ुर्गों के अधिकारों की रक्षा, पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बाशेलेट ने कहा है कि आज के समय में, वृद्धजन के बुनियादी अधिकारों की हिफ़ाज़त सुनिश्चित करने की ज़रूरत पहले से कहीं ज़्यादा है, मगर मौजूदा क़ानूनी सुरक्षाएँ, बुज़ुर्गों को दरअसल “अदृश्य” बनाती हैं.

यूक्रेन युद्ध: महिलाओं व बच्चों पर गहरा असर, यौन हिंसा व तस्करी का जोखिम

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों ने सोमवार को सुरक्षा परिषद की एक बैठक में सदस्य देशों को आगाह किया है कि यूक्रेन में पिछले छह हफ़्तों से अधिक समय से जारी युद्ध का महिलाओं और लड़कियों पर भीषण असर हुआ है और एक पीढ़ी के बर्बाद हो जाने का जोखिम है. 

सीरिया: हज़ारों लापता लोगों के मुद्दे पर कार्रवाई की अहमियत पर ज़ोर

संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बाशेलेट ने शुक्रवार को यूएन महासभा को बताया है कि सीरिया में 12 वें वर्ष में दाख़िल हो चुकी लड़ाई में, हज़ारों परिवार अपने लापता सम्बन्धियों की मौजूदगी और उनके भाग्य के बारे  “अन्धकार में अटके हुए हैं”. 

आर्थिक संकट से गुज़र रहे श्रीलंका में विरोध प्रदर्शनों के दमन की निन्दा

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने श्रीलंका सरकार से शान्तिपूर्ण ढँग से एकत्र होने और प्रदर्शनों के दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बुनियादी अधिकारों को सुनिश्चित किये जाने का आग्रह किया है. गम्भीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे श्रीलंका में हाल के महीनों में, आमजन में हताशा बढ़ी है जिसके परिणामस्वरूप देश भर में विरोध प्रदर्शन हुए हैं.
 

रवाण्डा जनसंहार: 28 वर्षों बाद भी 'शर्मिन्दगी का धब्बा बरक़रार' 

संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 1994 में रवाण्डा में तुत्सी समुदाय के विरुद्ध अंजाम दिये गए जनसंहार की बरसी पर गुरूवार को लाखों पीड़ितों को श्रृद्धांजलि दी है. केवल 100 दिनों की अवधि में सुनियोजित ढंग से दस लाख से ज़्यादा लोगों की हत्या कर दी गई थी और हुतू, त्वा समेत अन्य समूहों के उन लोगों को भी निशाना बनाया गया, जिन्होंने जनसंहार का विरोध किया था.

सरायेवो घेराबन्दी के 30 वर्ष बाद भी, न्याय और मुआवज़ा अहम

बोसनिया हरज़ेगोविना की राजधानी सरायेवो की घेराबन्दी के 30 वर्ष बाद, देश में यूएन टीम ने पीड़ितों, जीवित बचे लोगों और उनके परिवारों के लिये न्याय और मुआवज़ा सुनिश्चित करने की महत्ता को दोहराया है.

यूएन महासभा: मानवाधिकार परिषद से रूस के निलम्बन के पक्ष में मतदान

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अपने 11वें 'आपात विशेष सत्र' (ESS) के दौरान गुरूवार को एक प्रस्ताव पारित किया है जिसमें यूएन मानवाधिकार परिषद में रूसी महासंघ की सदस्यता को निलम्बित किये जाने की मांग की गई है. 

श्रीलंका: आर्थिक बदहाली के विरोधस्वरूप प्रदर्शनों में मानवाधिकार हनन की चिन्ता

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) ने श्रीलंका सरकार से, देश के गहराते आर्थिक संकट पर बढ़ते प्रदर्शनों के जवाब में घोषित की गई आपात स्थिति के दौरान, तनावों को शान्तिपूर्ण तरीक़े से दूर करने का आग्रह किया है.

यूक्रेन: बूचा जाँच के लिये यूएन प्रमुख की पुकार भी शामिल

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने यूक्रेन के बूचा क़स्बे में आम लोगों की मौतों के मामले में युद्धापराधों की जाँच कराने की बढ़ती अन्तरराष्ट्रीय पुकारों में मंगलवार को अपनी भी आवाज़ शामिल की है.

'बारूदी सुरंगों का अभिशाप सदैव के लिये ख़त्म करना होगा'

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि 160 से ज़्यादा देशों ने बारूदी सुरंगों (Landmines) को प्रतिबन्धित करने वाले ऐतिहासिक कन्वेन्शन पर दस्तख़त किये हैं मगर लोगों को इन अभिशापीय हथियारों से बचाने के लिये और ज़्यादा कार्रवाई किये जाने की आवश्यकता है.