मानवाधिकार

अफ़्रीकी मूल के लोगों के लिये, पहला यूएन अन्तरराष्ट्रीय दिवस

संयुक्त राष्ट्र ने, जीवन व मानवता के क्षेत्र में, अफ़्रीकी मूल के लोगों द्वारा किये गए असीम योगदान को पहचान देने के लिये, मंगलवार, 31 अगस्त को, अफ़्रीकी मूल के लोगों का पहला अन्तरराष्ट्रीय दिवस मनाया है.

राष्ट्रीयता का अधिकार, पहले से कहीं ज़्यादा अहम - UNHCR

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने कहा है कि राष्ट्रीयता के अधिकार को सुनिश्चित किया जाना और राष्ट्रविहीनता का उन्मूलन पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है. 

अन्तरराष्ट्रीय दिवस - जबरन गुमशुदगी पर विराम लगाने के लिये कार्रवाई की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सदस्य देशों से जबरन गुमशुदगी की घटनाओं की रोकथाम करने और ऐसे मामलों में अदालती कार्रवाई के लिये तय दायित्वों को पूरा किये जाने का आग्रह किया है. यूएन प्रमुख ने सचेत किया है कि कोविड-19 महामारी ने इन ‘कायरतापूर्ण’ कृत्यों से निपटने की कार्रवाई को और भी मुश्किल बना दिया है. 

यूनीसेफ़: अभूतपूर्व संख्या में, लड़के-लड़कियाँ प्रवासी या विस्थापित

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने शुक्रवार को प्रकाशित एक नई रिपोर्ट में कहा है कि अभूतपूर्व रूप से, ज़्यादा संख्या में लड़के और लड़कियाँ अपने रहने के स्थाई ठिकानों से विस्थापित हैं और वर्ष 2020 में, लगभग 3 करोड़ 55 लाख लड़के-लड़कियाँ, अपने जन्म वाले देश के बाहर जीवन जी रहे थे.

मानवाधिकार परिषद में अफ़ग़ानिस्तान पर चर्चा - महिला अधिकारों के हनन पर चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार मामलों की प्रमुख मिशेल बाशेलेट ने तालेबान नेताओं से अफ़ग़ानिस्तान में सभी व्यक्तियों के अधिकारों का सम्मान करने की पुकार लगाई है. उन्होंने आगाह किया है कि महिलाओं व लड़कियों के साथ किये जाने वाला बर्ताव एक ऐसी ‘लाल रेखा’ है, जिसे लाँघा नहीं जाना चाहिए.  

संघर्षों में फँसे बच्चों की जीवनरक्षक संरक्षा के लिये उपाय ज़रूरी

बाल अधिकारों के लिये काम करने वाली, संयुक्त राष्ट्र की एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को कहा है कि युद्धक परिस्थितियों में फँस गए बच्चों को सुरक्षा व संरक्षा मुहैया कराना, अन्तरराष्ट्रीय एजेण्डा के केन्द्र में होना चाहिये, और इसमें कोविड-19 का मुक़ाबला करने के प्रयास भी शामिल हैं. 

आतंकवाद के पीड़ितों को यूएन का भरोसा: 'आप अकेले नहीं हैं'

आतंकवाद के प्रभावितों की याद में और अपना जीवन गँवा चुके लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करने वाले चौथे वार्षिक दिवस के अन्तर्गत, शुक्रवार को, संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में, एक उच्च स्तरीय वार्षिक कार्यक्रम वर्चुअली आयोजित किया गया, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों के साथ-साथ, आतंकवाद से प्रभावित कुछ जीवितों ने भी शिरकत की. इस कार्यक्रम में, दुनिया भर में आतंकवाद के लगातार रूप बदलते ख़तरे के ख़िलाफ़, निकट सम्पर्क रखने, एकजुटता और लगातार चौकसी बरते जाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया गया.

यूनीसेफ़ - जलवायु परिवर्तन है बाल अधिकारों का भी संकट

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि मध्य अफ़्रीका गणराज्य, चाड, नाइजीरिया, गिनी और गिनी-बिसाउ सहित 33 देशों में बच्चों पर जलवायु परिवर्तन से व्यापक रूप से प्रभावित होने का ख़तरा मंडरा रहा है. 

अफ़ग़ानिस्तान: अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान व पत्रकारों की सुरक्षा बेहद अहम

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवँ सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने, अफ़ग़ानिस्तान में मौजूदा घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में, अफ़ग़ान नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित किये जाने का आहवान किया है.

जैव विविधता के संरक्षण की ख़ातिर, अल्पसंख्यकों के अधिकारों की अनदेखी ना हो

संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ मानवाधिकार विशेषज्ञ डेविड बोयड ने गुरूवार को कहा है कि पृथ्वी ग्रह की ज़मीन पर जैव विविधता और पानी की बचत करने के लिये चलाए जाने वाले वैश्विक कार्यक्रम को, दुनिया के निर्बल लोगों के लिये जोखिम उत्पन्न करने की इजाज़त नहीं दी जा सकती है.