मानवाधिकार

बांग्लादेश: हिरासत में रखे गए लेखक की मौत की पारदर्शी जाँच की माँग 

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने बांग्लादेश में अदालती कार्रवाई शुरू होने से पहले, 9 महीने तक हिरासत में रखे गए एक लेखक मुश्ताक़ अहमद की मौत की पारदर्शी जाँच कराए जाने की मांग की है. लेखक मुश्ताक़ अहमद को कोविड-19 पर सरकार की जवाबी कार्रवाई की आलोचनात्मक टिप्पणियाँ, सोशल मीडिया पर साझा करने और एक लेख प्रकाशित करने के लिये हिरासत में लिया गया था. 

म्याँमार: प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ हिंसा की निन्दा, 'बुनियादी अधिकारों का सम्मान हो'

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) ने म्याँमार में बढ़ती हिंसा की कड़े शब्दों में निन्दा की है और बल प्रयोग पर तत्काल रोक लगाए जाने की माँग की है. म्याँमार में सेना द्वारा सत्ता पर क़ब्ज़ा किये जाने के बाद, विरोध-प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 18 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है.  

मलेशिया: प्रवासियों को म्याँमार वापिस भेजे जाने के फ़ैसले की आलोचना

संयुक्त राष्ट्र के स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने, हिरासत में रखे गए, एक हज़ार से ज़्यादा प्रवासियों को, संकटग्रस्त म्याँमार वापिस भेजे जाने के मलेशियाई सरकार के फ़ैसले की आलोचना की है. मलेशिया की एक अदालत ने न्यायिक समीक्षा होने तक, प्रवासियों को देश वापिस भेजे जाने रोक लगाई थी, लेकिन इसके बावजूद इन प्रवासियों को निर्वासित किया गया है. 

कोविड-19: पुनर्बहाली सर्वजन के लिये मानवाधिकार सुनिश्चित करने का ‘ऐतिहासिक अवसर’

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सचेत किया है कि कोविड-19 महामारी के दौरान दुनिया भर में मानवाधिकारों को नुक़सान पहुँचा है, लेकिन महामारी से पुनर्बहाली की प्रक्रिया, यथास्थितिवाद को पीछे छोड़ने और सर्वजन के लिये गरिमा सुनिश्चित करने का एक अवसर है. यूएन प्रमुख ने वर्ष 2020 में मानवाधिकारों को बढ़ावा देने के लिये कार्रवाई किये जाने की पुकार लगाई, जिसके एक वर्ष बाद महासभा में, उन्होंने देशों के प्रतिनिधियों को सम्बोधित किया है.

ग्वान्तनामो बन्दीगृह में मानवाधिकार हनन के मामलों पर ध्यान देने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र के स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने कहा है कि अमेरिका सरकार द्वारा, क्यूबा में कुख्यात ग्वान्तनामो बे बन्दीगृह को बन्द करने पर विचार किये जाने की घोषणा के बाद, यह भी ज़रूरी है कि वहाँ अब भी बन्द लगभग 40 क़ैदियों के ख़िलाफ़ हो रहे मानवाधिकार हनन के मामलों पर ध्यान दिया जाय. 

अफ़ग़ानिस्तान में, शान्ति वार्ता शुरू होने के बाद से, हताहतों की संख्या बढ़ी

संयुक्त राष्ट्र की मंगलवार को जारी एक मानवाधिकार रिपोर्ट में कहा गया है कि अफ़ग़ानिस्तान में, सितम्बर 2020 में, शान्ति वार्ता शुरू होने के बाद से, देश में हताहत हुए आम लोगों की संख्या में तीव्र बढ़ोत्तरी हुई है. अलबत्ता, पूरे वर्ष 2020 के दौरान, हताहतों की संख्या में, उससे पहले के वर्ष की तुलना में, कुछ कमी दर्ज की गई है.

यूएन प्रमुख का म्याँमार की सेना को सन्देश - आज की दुनिया में तख़्तालट के लिये 'कोई जगह नहीं'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को मानवाधिकार परिषद का नया सत्र शुरू होने के अवसर पर, म्याँमार के लोगों को अपना पूरा समर्थन दोहराया है. ध्यान रहे कि म्याँमार में, लगभग तीन सप्ताह पहले, सेना ने देश की सत्ता पर क़ब्ज़ा कर लिया था, जिसके बाद वहाँ अनेक स्थानों पर जन प्रदर्शन हुए हैं जिनमें हज़ारों लोगों शिरकत की है.

म्याँमार: यूएन प्रमुख ने प्रदर्शनों पर घातक हिंसा के प्रयोग की निन्दा की

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने म्याँमार में, प्रदर्शनकारियों पर घातक बल प्रयोग किये जाने की निन्दा की है. ध्यान रहे कि म्याँमार में, सेना द्वारा, 1 फ़रवरी 2021 को, सरकार अपने हाथों में लेने के विरोध में, प्रदर्शनों का सिलसिला बढ़ता जा रहा है.

काँगो: 30 लाख बच्चों का जीवन और भविष्य जोखिम में, यूनीसेफ़ की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने काँगो लोकतान्त्रिक गणराज्य (डीआरसी) में, विस्थापित लगभग 30 लाख बच्चों की गम्भीर स्थिति की तरफ़ ध्यान आकर्षित किया है जिन्हें लड़ाकों की क्रूर हिंसा और अत्यन्त गम्भीर भुखमरी का सामना करना पड़ रहा है.

महामारी के बाद की दुनिया - असमानता व नस्लवाद के ख़ात्मे का आहवान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 ने नस्लवाद, भेदभाव, और विदेशियों के प्रति नापसन्दगी व डर से उपजी सामाजिक व आर्थिक विषमताओं को उजागर किया है. यूएन प्रमुख ने गुरुवार को सदस्य देशों को सम्बोधित करते हुए महामारी से पुनर्बहाली में ज़्यादा समावेशी समाज बनाए जाने का आहवान किया है.