मानवाधिकार

'समानता है मानवाधिकारों के केन्द्र में', विषमताओं से निपटने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त (OHCHR) मिशेल बाशेलेट ने कहा है कि कोविड-19 महामारी ने पिछले दो वर्षों में पीड़ादाई ढंग से बढ़ती विषमताओं की असहनीय क़ीमतों को दर्शाया है. उन्होंने शुक्रवार, 10 दिसम्बर, को ‘विश्व मानवाधिकार दिवस’ के अवसर पर जारी अपने वक्तव्य में, समानता व साझा मानवता पर बल देते हुए, बेहतर पुनर्निर्माण के लिये सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित किया है. 

सांसदों का उत्पीड़न रिकॉर्ड उच्च स्तर पर, आईपीयू

संयुक्त राष्ट्र के एक साझीदार संगठन – अन्तर-संसदीय संघ – (IPU) ने गुरूवार को जारी वार्षिक आँकड़ों में राजनैतिक अस्थिरता को रेखांकित करते हुए कहा है कि दुनिया भर में संसद सदस्यों का उत्पीड़न रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुँच गया है. ये रिपोर्ट 10 दिसम्बर को मनाए जाने वाले मानवाधिकार दिवस के अवसर पर जारी की गई है.

जनसंहार की रोकथाम के लिये, सम्पूर्ण समाज की भागीदारी पर बल

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि जनसंहारों की रोकथाम करने का दायित्व मुख्य रूप से राज्यसत्ताओं पर है, मगर सम्पूर्ण समाज की भागीदारी के बिना ये सुनिश्चित नहीं किया जा सकता. 

नस्लवाद पर बेबाकी: कोविड संकट और 'हेट स्पीच' के बावजूद, आशा की किरण

ई टैण्डाई ऐश्यूम बेबाक हैं, अपनी बात ईमानदारी और मज़बूती से कहती हैं, और सत्ता के सामने सच बोलती हैं. वह, सरकारों को यह बताने के लिये मशहूर हैं कि उन्हें ज़ेनोफ़ोबिया, नस्लभेद और असहिष्णुता के तमाम रूपों पर अपना कामकाज और व्यवहार कैसे बेहतर बनाना होगा.

लेबनान के संकट ने घरेलू कामकाजियों की तकलीफ़ें बढ़ाई हैं

बीस वर्ष पहले, नस्लवाद के ख़िलाफ़ आवाज़ बुलन्द करने के लिये, दक्षिण अफ़्रीका के डरबन में अपनाए गए कार्रवाई कार्यक्रम व घोषणा-पत्र (DDPA) के दो दशक गुज़र जाने के बाद भी, नस्लभेद अपने सभी रूपों में आज भी मौजूद है, बल्कि कुछ स्थानों पर तो ये और बदतर हुआ है. संक्षिप्त में इसे डरबन घोषणा-पत्र कहा जाता है.

म्याँमार: आंग सान सू ची को कारावास की सज़ा के निर्णय की निन्दा

संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष मानवाधिकार पदाधिकारी मिशेल बाशेलेट ने म्याँमार में स्टेट काउंसलर आंग सान सू ची को, एक सैन्य अदालत द्वारा कारावास के दण्ड की निन्दा की है, और उनकी तुरन्त रिहाई का आहवान भी किया है.

एक अरब विकलांगजन के लिये, कोविड-19 ने बढ़ाई मुश्किलें

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शुक्रवार, 3 दिसम्बर, को ‘अन्तरराष्ट्रीय विकलांगजन दिवस’ के अवसर पर जारी अपने सन्देश में, वैश्विक महामारी पर जवाबी कार्रवाई और उससे पुनर्बहाली की प्रक्रिया को विकलांगों के लिये समावेशी बनाने पर बल दिया है.

‘बॉडीराइट’: ऑनलाइन माध्यमों पर लिंग-आधारित हिंसा की रोकथाम के लिये मुहिम

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) ने ऑनलाइन हिंसा की बढ़ती घटनाओं पर लगाम कसने और साइबर हिंसा से व्यक्तियों की रक्षा के लिये, कॉपीराइट की तर्ज़ पर, ‘बॉडीराइट’ नामक एक मुहिम की शुरुआत की है. 

कश्मीरी मानवाधिकार कार्यकर्ता की गिरफ़्तारी पर, यूएन मानवाधिकार कार्यालय की चिन्ता

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने एक कश्मीरी मानवाधिकार कार्यकर्ता ख़ुर्रम परवेज़ की गिरफ़्तारी और भारत-प्रशासित कश्मीर में सशस्त्र गुटों द्वारा आम नागरिकों की हत्या किये जाने की घटनाओं पर गहरी चिन्ता व्यक्त की है. 

एचआईवी-एड्स से संक्रमित कामकाजी लोग अब भी कलंक व भेदभाव के शिकार

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने मंगलवार को कहा है कि एचआईवी और एड्स के बारे में व्याप्त भ्रान्तियों और ग़लतफ़हमियों के कारण, कामकाज के स्थानों पर अब भी कलंक की मानसिकता और भेदभाव जारी हैं.