मानवाधिकार

म्याँमार: स्थानीय जनता के लिये, 2022 में 'अभूतपू्र्व' संकट पैदा होने की आशंका

संयुक्त राष्ट्र का एक विश्लेषण दर्शाता है कि म्याँमार की जनता के लिये, वर्ष 2022 में एक अभूतपूर्व राजनैतिक, सामाजिक-आर्थिक, मानवाधिकार व मानवीय संकट पैदा हो सकता है. यूएन के मुताबिक़, कोविड-19 की गम्भीर तीसरी लहर और सैन्त तख़्तापलट के बाद से ज़रूरतमन्दों की संख्या बढ़ी है. 

 

हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में बचपन: व्यथा को बयाँ कर पाना मुश्किल

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने आगाह किया है कि विश्व के अनेक देशों में हिंसक संघर्ष, अन्तर-सामुदायिक हिंसा और असुरक्षा के कारण बच्चों के लिये विनाशकारी हालात, वर्ष 2021 में भी बने रहे.

म्याँमार: सुरक्षा परिषद ने हमले में आम लोगों के मारे जाने की निन्दा की

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों ने म्याँमार के कायाह प्रान्त में हमले में कम से कम 35 लोगों के मारे जाने की निन्दा करते हुए कहा है कि इस घटना के दोषियों की जवाबदेही तय की जानी होगी. मृतकों में चार बच्चे, और ‘सेव द चिल्ड्रन’ नामक संगठन के दो कर्मचारी भी हैं.   

म्याँमार: हमले में बच्चों, राहतकर्मियों व आम नागरिकों के मारे जाने की कड़ी निन्दा

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने म्याँमार में कम से कम 35 लोगों को मार दिये जाने के बाद, उनके शवों को कथित रूप से जलाये जाने की घटना को स्तब्धकारी बताया है. मृतकों में चार बच्चे और एक मानवीय राहत संगठन के दो कर्मचारी भी हैं. 

म्याँमार: हिंसक घटनाओं में बढ़ोत्तरी पर चिन्ता, नए साल में युद्धविराम की पुकार

म्याँमार पर संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत नोइलीन हेइज़र ने कई हफ़्तों से देश में बढ़ती हिंसा के मद्देनज़र, नए वर्ष में युद्धविराम की अपील की है. इससे पहले, संयुक्त राष्ट्र में आपात राहत समन्वयक मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने कायाह प्रान्त में आम नागरिकों के विरुद्ध किये गए घातक हमलों की जाँच कराये जाने का आग्रह किया था.

म्याँमार: आम नागरिकों पर दुखद हमलों की पारदर्शी जाँच कराये जाने की माँग

संयुक्त राष्ट्र में मानवीय राहत मामलों के प्रमुख मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने म्याँमार के कायाह प्रान्त में आम नागरिकों के विरुद्ध हाल के दिनों में किये गए घातक हमलों की जाँच कराये जाने का आग्रह किया है.

यूएन प्रमुख ने 'शान्ति व न्याय के प्रतीक', आर्चबिशप टूटू के निधन पर जताया शोक

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश और यूएन के अन्य शीर्ष अधिकारियों ने आर्चबिशप डेसमण्ड टूटू के निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हुए, उन्हें बेआवाज़ के पक्ष में उठने वाली एक अविचल आवाज़ क़रार देते हुए अपने श्रृद्धासुमन अर्पित किये हैं. 

अफ़ग़ानिस्तान: मानवीय संकट गहराने से रोकने के लिये तत्काल कार्रवाई की माँग   

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से अफ़ग़ानिस्तान में ज़रूरतमन्दों तक मानवीय राहत पहुँचाने का मार्ग स्पष्ट करने के लिये, हरसम्भव उपाय किये जाने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा है कि सर्दी के मौसम के दौरान, मानवीय आपदा के गहराने का ख़तरा है और इसकी रोकथाम करनी होगी.

भारत: कश्मीरी मानवाधिकार कार्यकर्ता की तत्काल रिहाई की माँग

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने भारत सरकार से, कश्मीरी मानवाधिकार कार्यकर्ता ख़ुर्रम परवेज़ को निशाना ना बनाये जाने का आग्रह करते हुए, उन्हें जल्द से जल्द हिरासत से रिहा किये जाने की माँग की है. 

पोलैण्ड-बेलारूस सीमा पर प्रवासी व शरणार्थी संकट सुलझाने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने पोलैण्ड और बेलारूस की सीमा पर जारी प्रवासी व शरणार्थी संकट पर चिन्ता जताते हुए, दोनों देशों से इसे सुलझाने का आग्रह किया है. यूएन एजेंसी ने कठिन हालात में फँसे शरणार्थियों और प्रवासियों के मानवाधिकारों की रक्षा किये जाने का आहवान किया है.