मानवाधिकार

बच्चों के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने से 'दूर है' दुनिया

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशलेट ने कहा है कि कुछ सदस्य देश बच्चों को बेहतर भविष्य देने में अब भी पूरी तरह सफल नहीं हो पाए हैं. ऐसे देशों में बच्चों की समय से पहले मौतें हो रही हैं या फिर वे ग़रीबी का शिकार हो रहे हैं. 

कथित न्यायेतर हत्याओं के मामलों पर यूएन विशेषज्ञ चिंतित

संयुक्त राष्ट्र के चार मानवाधिकार विशेषज्ञोें ने भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में मार्च 2017 से पुलिस द्वारा 59 लोगों की 'न्यायेतर हत्या' किए जाने के आरोपों पर गहरी चिंता ज़ाहिर की है. 14 जनवरी को इनमें से कईं मामलों पर भारत की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है. 

घर से भागी सऊदी युवती को कनाडा ने शरण दी

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने कहा है कि सऊदी युवती रहाफ़ मोहम्मद अल क़ुनुन को कनाडा सरकार शरणार्थी का दर्जा दिए जाने के लिए राज़ी हो गई है. थाईलैंड में बैंकॉक हवाई अड्डे पर रोकी गई रहाफ़ ने दावा किया था कि उनका परिवार उन्हें जान से मार देने की धमकियां दे रहा है. 

थाईलैंड में शरण मांग रही सऊदी महिला नागरिक अब सुरक्षित

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने कहा है कि 18 वर्षीय सऊदी महिला नागरिक रहाफ़ मोहम्मद अल क़ुनुन अब सुरक्षित स्थान पर पहुंच चुकी हैं. कुवैत में अपने परिवार से भाग कर आई रहाफ़ को थाईलैंड के बैंकॉक हवाई अड्डे पर रोक लिया गया था. रहाफ़ ने दावा किया है कि उन्हें अगर कुवैत वापस भेजा गया तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा. 

मानव तस्करी के पीड़ितों में एक तिहाई बच्चे

संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक़ दुनिया में मानव तस्करी के मामले भयावह रूप से बढ़ते जा रहे हैं जिसके पीछे पीड़ितों का शारीरिक शोषण होना एक बड़ा कारण है. तस्करी का शिकार होने वालों में एक तिहाई से ज़्यादा बच्चे हैं और लड़कों की तुलना में लड़कियां ज़्यादा पीड़ित हैं. 

रोहिंज्या शरणार्थियों को वापस भेजने पर भारत से मांगा गया स्पष्टीकरण

संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी मामलों की एजेंसी (UNHCR) ने रोहिंज्या शरणार्थियों के एक समूह को वापस म्यांमार भेजे जाने के भारत सरकार के निर्णय परअफ़सोस ज़ाहिर किया है. तीन महीनों में यह दूसरी बार है जब भारत सरकार ने शरणार्थियों को म्यांमार भेजा है. 

'हिंसा और डराने धमकाने के लिए ज़िम्मेदार लोगों पर हो कार्रवाई'

बांग्लादेश चुनाव के दौरान और उसके बाद हुई हिंसा से चिंतित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त ने  हिंसा में शामिल और मानवाधिकारों का उल्लंघन करने वाले लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की है. 30 दिसंबर को हुए चुनाव में प्रधानमंत्री शेख़ हसीना की जीत हुई लेकिन मतदान में धांधली के आरोप भी लगे.