मानवाधिकार

बच्चों के लिए बेहद घातक साबित हुआ - सदी का दूसरा दशक

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की कार्यकारी निदेशक हेनरीएटा फ़ोर ने कहा है कि विश्व भर में हिंसक संघर्ष पहले से कहीं ज़्यादा अवधि तक खिंच रहे हैं और ज़्यादा संख्या में युवाओं की मौत का कारण बन रहे हैं. यूनीसेफ़ ने सोमवार को बताया कि वर्ष 2010 की शुरुआत से अब तक बच्चों के अधिकार हनन के गंभीर मामलों की संख्या एक लाख 70 हज़ार आंकी गई है यानी पिछले 10 वर्षों में औसतन हर दिन हनन के 45 मामले.

आँग सान सू ची - आईसीजे में

म्याँमार के रख़ाइन प्रान्त में रोहिंज्या आबादी के जनसंहार करने के कथित अपराधों के आरोप में गांबिया ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में मुकदमा दायर किया. इस मुक़दमे पर दिसंबर 2019 में सुनवाई हुई. म्याँमार की राजनैतिक नेता आँग सान सू ची ने न्यायालय में पेश होकर अपने देश का बचाव किया.

आंग सान सू ची ने जनसंहार के आरोपों में किया म्याँमार का बचाव

म्याँमार की राजनैतिक नेता आँग सान सू ची ने संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में पेश होते हुए कहा है कि उनका देश राख़ीन प्रांत में मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों को क़तई बर्दाश्त नहीं करेगा और अगर युद्धापराध हुए हैं तो सेना पर मुक़दमा चलाया जाएगा. ग़ौरतलब है कि गांबिया ने म्याँमार की सेना पर रोहिंज्या लोगों पर बड़े पैमाने पर अत्याचार करने और युद्धापराधों के आरोपों में आईसीजे में मुक़दमा दायर किया है.

मानवाधिकार दिवस: युवाओं की सक्रियता व ऊर्जा पर ध्यान

संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2019 के मानवाधिकार दिवस के मौक़े पर ख़ासतौर से युवाओं की सक्रियता व ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित करते हुए सभी लोगों के लिए एक बेहतर भविष्य के निर्माण की दिशा में युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया है.  मानवाधिकार दिवस हर वर्ष 10 दिसंबर को मनाया जाता है.

मानवाधिकार दिवस: युवाओं पर है ध्यान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने 2019 के मानवाधिकार दिवस पर जीवन में मानवाधिकार सुनिश्चित करने में युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया है.  उन्होंने कहा है...

गन्दगी साफ़ करने का अदम्य साहस

अनेक देशों में अब भी मानव मल व कचरा साफ़ करने के लिए स्वच्छता कर्मचारियों की ही सेवाएँ ली जाती हैं. ये कम लोग ही जानते हैं कि ये काम कितना जोखिम भरा है. कई बार तो स्वच्छता कर्मचारियों की मौत भी हो जाती है. और समाज में उनकी इस महत्वपूर्ण सेवा और बुनियादी कार्य को हिकारत की नज़र से देखा जाता है, ये तो किसी से छुपा नहीं है. ऐसे ही कुछ स्वच्छता कर्मचारियों की कहानी...

यौन हिंसा: कला के ज़रिए तकलीफ़ों की दास्तान

दुनिया भर में करोड़ों महिलाएँ और लड़कियाँ यौन हिंसा का शिकार होती हैं और भयावह तकलीफ़ में जीवन जीती हैं. यौन हिंसा अब भी युद्ध के एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल की जाती है. यौन हिंसा के दंश की तकलीफ़ को बयाँ करती एक प्रदर्शनी. प्रस्तुति शिवानी काला...

कश्मीर: 'स्थिति मुक्त और अधिकार बहाल हों', मानवाधिकार उच्चायुक्त

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त ने कहा है कि भारत प्रशासित कश्मीर में आम लोग अब भी बहुत सी बुनियादी स्वतंत्रताओं से वंचित हैं. मानवाधिकार उच्चायुक्त ने भारत प्रशासित कश्मीर में “स्थिति को मुक्त” करने और लोगों के अधिकार पूरी तरह बहाल किए जाने का आग्रह भी किया.

राष्ट्रविहीनों का सहारा बनने वाला

राष्ट्रविहीनता के शिकार लोगों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे किर्गिस्तान के एक वकील अज़ीज़बेक अशुरोफ़ को संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के ‘2019 नेन्सेन रैफ़्यूजी अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है. अशुरोफ़ ने पूर्व सोवियत संघ के विघटन के बाद 10 हज़ार राष्ट्रविहीन लोगों को किर्गिस्तान की नागरिकता दिलाने में मदद की है.

राजनैतिक प्रक्रिया में जनता की सक्रिय व अर्थपूर्ण हिस्सेदारी पर बल

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस पर सभी सरकारों से अनुरोध किया है कि नागरिकों को राजनैतिक प्रक्रिया में अर्थपूर्ण हिस्सेदारी का अधिकार हासिल है और उसका सम्मान किया जाना चाहिए.