मानवाधिकार

हिंसक संघर्ष में यौन हिंसा का अंत करने के प्रयासों का दशक

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हिंसक संघर्ष के दौरान होने वाली यौन हिंसा की रोकथाम करने और उससे निपटने के लिए दस वर्ष पहले एक नए कार्यालय की स्थापना की थी. यूएन उपप्रमुख आमिना जे मोहम्मद ने उस मैंडेट के दस साल पूरे होने के अवसर पर मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि ऐसे अपराधों की रोकथाम करने और न्याय सुनिश्चित करने के लिए संकल्प का होना बेहद आवश्यक है.

ऑनलाइन नफ़रत के ऑफ़लाइन दुष्परिणामों को रोकने में 'देश व कंपनियां नाकाम'

अभिव्यक्ति की आज़ादी पर संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ (विशेष रैपोर्टेयर) डेविड काए ने कहा है कि ऑनलाइन माध्यमों पर फैल रही नफ़रत पर रोक लगाने में देश और कंपनियां विफल साबित हो रही हैं. सोमवार को एक रिपोर्ट भी जारी की गई है जिसमें इस विकराल चुनौती से निपटने के लिए इंटरनेट पर क़ानूनी मानकों का सहारा लेने की बात कही गई है.

'लोकतंत्र के लिए ज़हर' है यहूदीवाद-विरोध, शिक्षा में निवेश की अपील

धर्म या आस्था की आज़ादी पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष रैपोर्टेयर अहमद शहीद ने कहा है कि यहूदीवाद-विरोध लोकतंत्र के लिए ज़हरीला है और अगर उससे नहीं निपटा गया तो यह सभी समाजों के लिए एक बड़ा ख़तरा बन जाएगा. न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने शिक्षा में ज़्यादा निवेश किए जाने की अपील भी की ताकि बढ़ते भेदभाव और नफ़रत की रोकथाम हो सके.

दुनिया भर में बिगड़ रही है मानवाधिकारों की स्थिति: मानवाधिकार उच्चायुक्त

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को बताया है कि दुनिया भर में बहुपक्षवाद के लिए चुनौतियाँ बढ़ती जा रही हैं जिन्हें नकारा नहीं जा सकता, अलबत्ता मानवाधिकारों के सार्वभौमिक घोषणा-पत्र में हुई ऐतिहासिक सहमतियों को मज़बूत करने के लिए सदस्य देशों के साथ मिल-जुलकर काम किया जा सकता है. संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष मानवाधिकार पदाधिकारी मिशेल बाशेलेट ने मंगलवार को महासभा की तीसरी कमेटी के सामने वार्षिक रिपोर्ट पेश करते हुए ये बात कही. इस कमेटी पर दुनिया भर में सामाजिक, मानवीय और सांस्कृतिक मुद्दों से निपटने की ज़िम्मेदारी है.

यूएन प्रमुख कैमेरून में विपक्षी नेता की रिहाई पर उत्साहित

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कैमेरून में मुख्य विपक्षी दल के नेता मॉरिस कैम्टो की रिहाई पर प्रसन्नता व्यक्त की है. मॉरिस कैम्टो पिछले 9 महीनों से जेल में बंद थे. उन्हें अक्तूबर 2018 में हुए राष्ट्रपति पद के चुनावों के परिणामों पर सवाल उठाने वाले शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के बाद जेल में बंद कर दिया गया था. वो ख़ुद भी उन चुनावों में एक उम्मीदवार थे.

इराक़ व अन्य देशों में प्रदर्शनों पर बल प्रयोग पर गंभीर चिंता

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने इराक़ सरकार से आग्रह किया है कि नागरिकों को अभिव्यक्ति की आज़ादी के अधिकार का इस्तेमाल करने की इजाज़त दी जाए. ये आग्रह उन घटनाओं के बाद किया गया है जब इस सप्ताह के आरंभ में कुछ सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर सुरक्षा बलों ने गोलियाँ चलाई थीं.