मानवाधिकार

अफ़ग़ानिस्तान में बंदियों के साथ दुर्व्यवहार किए जाने के मामलों पर चिंता

अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान चरमपंथियों द्वारा बंदियों के साथ बुरा बर्ताव किए जाने की जानकारी मिलने के बाद संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNAMA) ने गहरी चिंता ज़ाहिर की है. यूएन मिशन को विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि कुछ मामलों में बंदियों को यातना दिए जाने की भी बात सामने आई है.  

यौन और लिंग आधारित हिंसा से निपटने के लिए करोड़ों डॉलर की मदद

यौन और लिंग आधारित हिंसा एक वैश्विक समस्या है जिससे बड़ी संख्या में लोगों और समुदायों का जीवन प्रभावित हो रहा है. हिंसा और प्राकृतिक आपदाओं से उपजे मानवीय संकटों के दौरान ऐसे मामले विशेष रूप से सामने आते हैं. शुक्रवार को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में आयोजित एक सम्मेलन में 21 अंतरराष्ट्रीय दानदाताओं ने इन अपराधों की रोकथाम और उपायों के लिए 36.3 करोड़ डॉलर मुहैया कराने की घोषणा की है.

कोलंबिया में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की मौतों का सिलसिला 'भयावह'

कोलंबिया में बड़ी संख्या में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के मारे जाने और उन्हें प्रताड़ित किए जाने के मामले सामने आने पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) ने चिंता जताई है. मानवाधिकार कार्यालय ने कहा है कि ऐसी घटनाओं को किसी तरह की सज़ा के डर के बिना अंजाम दिया जा रहा है जिससे सख़्ती से निपटा जाना होगा.

म्यांमार: जेल में बंद पत्रकारों की रिहाई का यूएन ने स्वागत किया

म्यांमार में रॉयटर्स न्यूज़ एजेंसी के दो पुलित्ज़र पुरस्कार विजेता पत्रकारों को जेल से रिहा किए जाने के निर्णय का संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) ने स्वागत किया है लेकिन प्रेस आज़ादी पर मंडराते संकट पर चिंता भी जताई है. 500 दिनों तक जेल में बंद रहने वाले इन दो पत्रकारों ने रोहिंज्या मुस्लिमों पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई की रिपोर्टिंग की थी.  

संघर्ष और हिंसक चरमपंथ की रोकथाम के लिए सांस्कृतिक संवाद ज़रूरी

दुनिया भर में उपासना स्थलों पर नफ़रत से प्रेरित हमलों पर चिंता जताते हुए  एलायंस ऑफ सिविलाइज़ेशन्स (UNAOC) के उच्च प्रतिनिधि मिगेल एन्गेल मोराटिनोस ने कहा है कि वह भारी मन से अज़रबेजान की राजधानी बाकू में वार्षिक फ़ॉरम का उद्घाटन कर रहे हैं. इस मंच से मानवीय एकजुटता कायम करने और हिंसा की रोकथाम करने के लिए सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा दिया जाता है.   

“विद्वेषपूर्ण अभिव्यक्तियों को बल देने वाला राजनैतिक अवसरवाद समाप्त हो”

धार्मिक संस्थाओं के खिलाफ जानलेवा हमलों के मद्देनजर विश्व के नेताओं को उस ‘राजनैतिक अवसरवाद’ और नीतियों को समाप्त करने की आवश्यकता है जिनके कारण नफरत भरी अभिव्यक्तियों और हिंसक अतिवाद को बढ़ावा मिलता है. नरसंहार की रोकथाम पर संयुक्त राष्ट्र विशेष सलाहकार एडमा डिआंग ने यह वक्तव्य दिया है.