मानवाधिकार

अटलांटिक पार दास व्यापार के पीड़ितों को श्रृद्धांजलि

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ‘दासता एवं परा-अटलांटिक दास व्यापार के पीड़ितों के स्मरण के अंतरराष्ट्रीय दिवस’ पर करोड़ों पीड़ितों को श्रृद्धांजलि अर्पित की है. अटलांटिक पार दास व्यापार को इतिहास में मासूम लोगों की ख़रीद-फ़रोख़्त और उनके जबरन विस्थापन के सबसे बड़े अध्याय के रूप में जाना जाता है. 

बढ़ते नस्लीय भेदभाव के उन्मूलन का आह्वान

नस्लीय भेदभाव के उन्मूलन के अंतरराष्ट्रीय दिवस पर यूएन अधिकारियों और मानवाधिकार विशेषज्ञों ने नफ़रत और भेदभाव की उफ़नती लहरों और उभरते जातीय-राष्ट्रवाद पर लगाम कसने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की है. न्यूज़ीलैंड की मस्जिदों में गोलीबारी जैसी घटनाओं के लिए नस्लीय भेदभाव और वर्चस्ववादी विचारधाराओं को ज़िम्मेदार ठहराया गया है.

कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य: हिंसा की नई लहर उठने की आशंका

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने चेतावनी भरे अंदाज़ में कहा है कि कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के पश्चिमी हिस्से में हिंसा की नई लहर कभी भी उठ सकती है. साथ ही सरकार से अनुरोध किया गया है कि हिंसा प्रभावित क्षेत्र में दो समुदायों के बीच तनाव और द्वेष को कम करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए.

असमानता से निपटे बिना बड़ी समस्याओं को सुलझाना कठिन

दुनिया में फैली असमानता, मानवाधिकारों के उल्लंघन के मामलों का सबसे बड़ा कारण बनी हुई है लेकिन कई देशों ने इस समस्या पर लगाम कसने में उल्लेखनीय सफलता भी दर्ज की है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त (OHCHR) मिशेल बाशलेट ने बुधवार को कहा कि महिलाओं के अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में भी प्रगति हो रही है.

मानवाधिकार उच्चायुक्त ने बुरुंडी में कार्यालय बंद होने पर अफ़सोस जताया

मंगलवार को जारी एक वक्तव्य में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशलेट ने बुरुंडी में यूएन मानवाधिकार कार्यालय के बंद होने पर अफ़सोस ज़ाहिर किया है. बुरुंडी की सरकार के निर्णय के चलते दो दशकों पहले शुरू हुए इस कार्यालय को बंद करना पड़ा है. 

लाख़ों विकलांग बच्चे झेल रहे हैं पीछे छूट जाने का ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशलेट ने कहा है कि विकलांगता का दंश झेल रहे 90 लाख से ज़्यादा बच्चों की सहायता के लिए देशों को और प्रयास करने होंगे. जिनिवा में मानवाधिकार परिषद के एक कार्यक्रम में उन्होंने चिंता जताई कि विकलांग बच्चों की आवाज़ नहीं सुनी जा रही है और ऐसे में उनके पीछे रह जाने की संभावना है.