मानवाधिकार

बच्चों के लिए बेहद घातक साबित हुआ - सदी का दूसरा दशक

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की कार्यकारी निदेशक हेनरीएटा फ़ोर ने कहा है कि विश्व भर में हिंसक संघर्ष पहले से कहीं ज़्यादा अवधि तक खिंच रहे हैं और ज़्यादा संख्या में युवाओं की मौत का कारण बन रहे हैं. यूनीसेफ़ ने सोमवार को बताया कि वर्ष 2010 की शुरुआत से अब तक बच्चों के अधिकार हनन के गंभीर मामलों की संख्या एक लाख 70 हज़ार आंकी गई है यानी पिछले 10 वर्षों में औसतन हर दिन हनन के 45 मामले.

पाकिस्तान: ईशनिंदा के आरोप में मौत की सज़ा 'न्याय का उपहास है'

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने पाकिस्तान के मुल्तान शहर के एक विश्वविद्यालय शिक्षक जुनैद हफ़ीज़ को ईशनिंदा के आरोप में मौत की सज़ा सुनाए जाने की निंदा की है. उन्होंने इस सज़ा को न्याय का मखौल क़रार देते हुए आशंका जताई है कि मामले की सुनवाई कर रही न्यायिक टीम के सदस्यों में डर का माहौल है.

ख़शोग्जी हत्या मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग

सऊदी अरब मूल के पत्रकार जमाल ख़शोग्जी की हत्या के मामले में रियाद की एक अदालत ने पांच अभियुक्तों को मौत की सज़ा और तीन को जेल भेजे जाने का फ़ैसला सुनाया है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोर्ट के निर्णय के बाद मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराए जाने की आवश्यकता दोहराई है.  

दुनिया भर में शांति और सामंजस्य के लिए एकजुटता की पुकार

उथल-पुथल और मुश्किलों से भरे मौजूदा दौर में विश्व भर के लोगों को शांति व सामंजस्य में एकजुटता दिखाने की ज़रूरत है. ये शब्द हैं यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश के जो उन्होंने शुक्रवार को वेटिकन में रोमक कैथोलिक चर्च के मुखिया पोप फ्रांसिस के साथ मुलाक़ात करने के बाद कहे. महासचिव ने संयुक्त राष्ट्र को समर्थन देने के लिए पोप का शुक्रिया भी अदा किया.

बाल यौन शोषण पर 'गोपनीयता का पर्दा' हटाए जाने का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र की एक स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने कहा है कि वेटिकन स्थित चर्च मुख्यालय को उन लोगों को न्याय दिलाने के लिए ठोस कार्रवाई करनी होगी जो अपने बचपन के दौरान चर्च पादरियों द्वारा यौन शोषण का शिकार हुए.

आँग सान सू ची - आईसीजे में

म्याँमार के रख़ाइन प्रान्त में रोहिंज्या आबादी के जनसंहार करने के कथित अपराधों के आरोप में गांबिया ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में मुकदमा दायर किया. इस मुक़दमे पर दिसंबर 2019 में सुनवाई हुई. म्याँमार की राजनैतिक नेता आँग सान सू ची ने न्यायालय में पेश होकर अपने देश का बचाव किया.

भारतीय नागरिकता संशोधन अधिनियम के 'भेदभावपूर्ण होने की चिंता'

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय ने भारत के नए नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 पर चिंता जताते हुए कहा है कि ये बुनियादी तौर पर भेदभावपूर्ण है. ग़ौरतलब है कि ये अधिनियम भारतीय संसद द्वारा हाल ही में पारित हुआ और राष्ट्रपति की मंज़ूरी मिलने के बाद क़ानून बना है.

तीसरी कमेटी: मानवाधिकार संरक्षण की ज़िम्मेदारी

मादक पदार्थों पर नियंत्रण से लेकर, इंडीजिनस यानी आदिवासी लोगों के अधिकारों और आतंकवाद निरोधक उपायों तक, इन सभी हालात में मानवाधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी है - संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति पर. तीसरी समिति को सामाजिक, मानवीय सहायता और सांस्कृतिक मामलों की समिति भी कहा जाता है. इसके सामने जटिल समस्याओं और चुनौतियों की एक लंबी सूची है जिन पर ये समिति नीतियाँ व कार्यक्रम बनाती है.  हर साल सितंबर में जब विश्व नेता यूएन मुख्यालय में एकत्र होते हैं तो उनके विचारों और संकल्पों को हक़ीक़त में बदलने के लिए क्या-क्या किया जाता है, इस बारे में हमारी श्रंखला की अगली कड़ी में प्रस्तुत है महासभा की तीसरी समिति के बारे में... 

आंग सान सू ची ने जनसंहार के आरोपों में किया म्याँमार का बचाव

म्याँमार की राजनैतिक नेता आँग सान सू ची ने संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में पेश होते हुए कहा है कि उनका देश राख़ीन प्रांत में मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों को क़तई बर्दाश्त नहीं करेगा और अगर युद्धापराध हुए हैं तो सेना पर मुक़दमा चलाया जाएगा. ग़ौरतलब है कि गांबिया ने म्याँमार की सेना पर रोहिंज्या लोगों पर बड़े पैमाने पर अत्याचार करने और युद्धापराधों के आरोपों में आईसीजे में मुक़दमा दायर किया है.

म्याँमार: मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की सुरक्षा की अपील

म्याँमार में संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत यंगी ली ने कहा है कि रोहिंज्या लोगों पर अत्याचारों के आरोप में हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में नवंबर में गांबिया द्वारा दाख़िल किए गए क़ानूनी मुक़दमे के बाद से ही मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ ऑनलाइन मंचों पर विद्वेष यानी शत्रुता का माहौल बढ़ गया है. यंगी ली ने म्याँमार सरकार और सोशल मीडिया कंपनियों से सभी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कार्रवाई करने का आग्रह किया है.