मानवाधिकार

यमन: मारे गए या अपंग हुए बच्चों की संख्या पहुँची - दस हज़ार से ऊपर

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने मंगलवार को कहा है कि यमन में मार्च 2015 में भड़के गृहयुद्ध में एक और शर्मनाक पड़ाव पार हो गया है जब इस लड़ाई में मारे गए या अपंग हुए बच्चों की संख्या 10 हज़ार को पार कर गई है.

'लिंगभेद और स्त्री-द्वेष' में वृद्धि; महिलाओं की आज़ादी का दमन

संयुक्त राष्ट्र की एक स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने यूएन महासभा को बताया है कि महिलाओं की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दमन या उस पर नियंत्रण बढ़ाने के लिये लिंग आधारित हिंसा, अभद्र भाषा और दुष्प्रचार का व्यापक रूप से, ऑनलाइन व ऑफलाइन प्रयोग किया जा रहा है.

मानवाधिकार परिषद के 18 नए सदस्यों का चुनाव

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने गुरूवार को जिनीवा स्थित मानवाधिकार परिषद (Human Rights Council) के लिये 18 नए सदस्य देश निर्वाचित किये हैं, जिनमें भारत, अमेरिका, मलेशिया, कैमरून, क़तर, फ़िनलैण्ड, मॉन्टीनेग्रो और अर्जेण्टीना भी शामिल हैं. ये नए सदस्य, अपना तीन वर्षीय कार्यकार, एक जनवरी 2022 को शुरू करेंगे.

लीबिया में प्रवासियों पर बल प्रयोग के अभियानों में बढ़ोत्तरी पर चिन्ता

संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने कहा है कि लीबिया में प्रवासी और पनाह मांगने वाले लोगों को सुरक्षा अभियानों के तहत बहुत सख़्ती का सामना करना पड़ रहा है और इस तरह के अभियानों में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई है. साथ ही, हिरासत में लिये गए लोगों की संख्या में बहुत बढ़ोत्तरी हुई है.

स्वच्छ व स्वस्थ वातावरण की उपलब्धता, अब एक मानवाधिकार

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने, शुक्रवार को पहली बार ये पहचान दी है कि स्वच्छ, स्वस्थ और टिकाऊ पर्यावरण की उपलब्धता, एक मानवाधिकार है.

क्योंकि हर बच्चे की अहमियत है...

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने, दुनिया की अनमोल वैश्विक परिसम्पत्तियों की रक्षा और साझा आकांक्षाओं को पूरा करने की ख़ातिर, तत्काल कार्रवाई का आहवान करते हुए, टिकाऊ विकास लक्ष्यों के नए पैरोकारों के नामों की घोषणा की है. ये सभी पैरोकार, जलवायु कार्रवाई, डिजिटल विभाजन, लैंगिक समानता और बाल अधिकारों के मुद्दों पर सक्रिय होंगे. इनमें से एक हैं, भारत से नोबेल शान्ति पुरस्कार विजेता, कैलाश सत्यार्थी. उनके साथ एक वीडियो साक्षात्कार...

‘सत्ता के सामने सच कहने वाले’ दो पत्रकार, नोबेल शान्ति पुरस्कार से सम्मानित

रूस और फ़िलीपीन्स के दो पत्रकारों को वर्ष 2021 के नोबेल शान्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है जिस पर, यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि ये पुरस्कार, इस सच्चाई को मान्यता देता है कि एक स्वतंत्र प्रैस “शान्ति, न्याय, टिकाऊ विकास और मानवाधिकारों के लिये अनिवार्य है – स्वतंत्र व निष्पक्ष संस्थान निर्माण की एक बुनियाद भी है.”

कोविड से उपजी असमानताओं के मद्देनज़र - 'नए सामाजिक अनुबन्ध' की ज़रूरत

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने कहा कि कोविड-19 से हर जगह "गहरी संरचनात्मक असमानताएँ उजागर हुई हैं", जिससे देशों के भीतर व उनके बीच की खाई और ज़्यादा चौड़ी हो गई है.

लीबिया: सभी पक्षों द्वारा मानवता के ख़िलाफ़ अपराध करने की शंका

संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार परिषद द्वारा नियुक्त एक लीबिया जाँच मिशन ने सोमवार को कहा है कि ऐसी बहुत सम्भावना है कि देश में वर्ष 2016 से ही, युद्ध से सम्बद्ध सभी पक्षों द्वारा, युद्धापराध और मानवता के ख़िलाफ़ अपराधों को अंजाम दिया गया है, और इन अपराधों में बाहरी तत्वों का भी हाथ रहा है.

'नफ़रत फैलाव का मुक़ाबला करने में, शिक्षा है एक शक्तिशाली औज़ार'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने गुरूवार को कहा है कि बढ़ते ध्रुवीकरण व असहिष्णुता से, दुनिया भर में नफ़रत को ईंधन मिल रहा है. उन्होंने इस “वैश्विक अग्नि तूफ़ान” का सामना, शिक्षा की ताक़त से करने के लिये आयोजित एक ऑनलाइन मंच का उदघाटन करते हुए ये बात कही.