मानवाधिकार

अन्तरराष्ट्रीय ऐल्बीनिज़्म जागरूकता दिवस: यूएन महासचिव का सन्देश

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने 'अन्तरराष्ट्रीय ऐल्बीनिज़्म जागरूकता दिवस' पर, सभी राष्ट्रों और समुदायों से रंगहीनता की स्थिति वाले व्यक्तियों के मानवाधिकारों की रक्षा करने और उन्हें आवश्यक सहायता व देखभाल प्रदान करने का आग्रह किया है...

रंगहीनता वाले लोगों के साथ भेदभाव का अन्त हो – यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने रविवार, 13 जून, को ‘अन्तरराष्ट्रीय ऐल्बीनिज़्म जागरूकता दिवस' पर, ऐल्बीनिज़्म यानि रंगहीनता की स्थिति वाले लोगों के साथ अपनी एकजुटता दोहराई है. उन्होंने कहा कि यह अन्तरराष्ट्रीय दिवस, अपने जीवन में बहुत से अवरोधों और चुनौतियों का सामना कर रहे, रंगहीनता वाले लोगों के लिये समर्थन जुटाने का एक अवसर है.

 

बाल श्रम उन्मूलन के प्रयासों को गहरा झटका

संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, दो दशकों में पहली बार, दुनिया भर में बाल मज़दूरी के शिकार बच्चों की संख्या बढ़कर 16 करोड़ तक पहुँच गई है. पिछले चार वर्षों में इस आँकड़े में 84 लाख की वृद्धि हुई है., अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष द्वारा जारी इस रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि कोविड-19 महामारी के परिणामस्वरूप, वर्ष 2022 के अन्त तक, वैश्विक स्तर पर, 90 लाख अतिरिक्त बच्चों को बाल श्रम में धकेल दिये जाने का ख़तरा है...

'शरीर मेरा है, मगर फ़ैसला मेरा नहीं' महिला सशक्तिकरण पर यूएन रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 57 विकासशील देशों की लगभग आधी महिलाओं को गर्भनिरोधक का उपयोग करने, स्वास्थ्य देखभाल की मांग करने या फिर अपनी कामुकता सहित अपने शरीर के बारे में निर्णय लेने का अधिकार नहीं है.

रवाण्डा की जनता के साथ एकजुटता – नफ़रत भरे भाषणों से निपटने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने रवाण्डा में तुत्सी समुदाय के जनसंहार की बरसी पर नफ़रत फैलाने वाली मुहिमों को पराजित करने और इतिहास को फिर दोहराए जाने से रोकने के लिये समन्वित प्रयासों की पुकार लगाई है. वर्ष 1994 में इस जनसंहार को अंजाम दिया गया, जिसमें तुत्सी समुदाय के साथ-साथ हुतू और अन्य समूहों के उन लोगों को भी निशाना बनाया गया, जिन्होंने जनसंहार का विरोध किया था.

दक्षिण अफ़्रीका: शार्पविल नरसंहार में जीवित बचे पीड़ितों की आपबीती

21 मार्च, 1960 को, दक्षिण अफ्रीका के शार्पविल में, रंगभेद के ख़िलाफ़ शान्तिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे, 69 प्रदर्शनकारियों को गोलियों से भून दिया गया था. इसीलिये, 21 मार्च का दिन, अब नस्लभेद के उन्मूलन के अन्तरराष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस नरसंहार में जीवित बचे कुछ पीडितों ने अपनी व्यथा बयान की है. एक वीडियो रिपोर्ट...
 

नस्लभेद ख़त्म करने की पुकार

21 मार्च का दिन, नस्लभेद के उन्मूलन के अन्तरराष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है. युवाओं से, मानवाधिकारों के लिये आवाज़ उठाने की ख़ातिर, संयुक्त राष्ट्र महासचिव की पुकार... (वीडियो सन्देश).

कोविड-19 से मृत्यु संख्या 20 लाख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि हमारी दुनिया एक हृदय विदारक पड़ाव पर पहुँच गई है: कोविड19 महामारी ने अब 20 लाख ज़िन्दगियाँ ख़त्म कर दी हैं.इस दहला देने वाली संख्या के पीछे नाम और चेहरे हैं: एक ऐसी मुस्कान, जो अब केवल यादें बनकर रह गई है, खाने की मेज़ पर अब कोई कुर्सी हमेशा के लिये ख़ाली हो गई है, एक ऐसी जगह जहाँ प्रियजनों की ख़ामोशियाँ गूँजती हैं...

मानवाधिकार दिवस: महामारी पर जवाबी कार्रवाई में मानवाधिकारों पर बल 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने गुरुवार को 'मानवाधिकार दिवस' के अवसर पर अपने सन्देश में एक अपील जारी करते हुए कहा है कि कोविड-19 पर जवाबी कार्रवाई और महामारी से उबरने के प्रयासों के केन्द्र में मानवाधिकारों को रखना होगा. महासचिव गुटेरेश के मुताबिक हर जगह, हर एक व्यक्ति के लिये, एक बेहतर भविष्य हासिल करने के लिये यह बेहद अहम है. 

बेहतर उबरें: मानवाधिकारों के लिये खड़ें हों

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने 10 दिसम्बर को मनाए जाने वाले मानवाधिकार दिवस पर एक वीडियो सन्देश में कहा है कि कोविड महामारी का मुक़ाबला करने के प्रयासों, लैंगिक समानता, जन-भागीदारी, जलवायु न्याय और टिकाऊ विकास में - मानवाधिकारों को केन्द्रीय महत्व दिये जाने की ज़रूरत झलकती है. (वीडियो)...