मानवाधिकार

बेलारूस: मानवाधिकारों के बग़ैर टिकाऊ विकास सम्भव नहीं - यूएन प्रतिनिधि का ब्लॉग

बेलारूस में अगस्त 2020 में विवादों में घिरे राष्ट्रपति चुनावों के बाद से ही व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा बलों द्वारा हिंसक दमनात्मक कार्रवाई हुई है. इन चुनावों में राष्ट्रपति एलेक्ज़ैण्डर लुकाशेन्को की सत्ता में फिर वापसी हुई है. इस ब्लॉग में, बेलारूस में संयुक्त राष्ट्र की रैज़िडैण्ट कोऑर्डिनेटर (आर.सी.) योआना कज़ाना-विसनीओवियेस्की ने देश में मौजूदा अशान्ति के दौरान संगठन के कामकाज को कुछ इस तरह बयान किया है.

दक्षिण सूडान: भुखमरी का युद्ध के औज़ार के रूप में इस्तेमाल

संयुक्त राष्ट्र समर्थित मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि दक्षिण सूडान में बर्बर हिंसक संघर्ष में भुखमरी को जानबूझकर एक युद्ध के एक औज़ार के रूप में इस्तेमाल किया गया जिससे खाद्य असुरक्षा व कुपोषण की स्थिति और भी ज़्यादा गम्भीर हुई है. देश में मानवाधिकारों की हालत पर नज़र रखने के लिये गठित मानवाधिकार आयोग ने मंगलवार को अपनी ताज़ा रिपोर्ट जारी की है.

कोविड-19: ऐहतियाती उपायों से प्रभावित समुद्री नाविकों को राहत पहुँचाने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र की संस्थाओं ने वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण लाखों समुद्री नाविकों, चालक दल के सदस्यों व अन्य कर्मचारियों के एक अभूतपूर्व संकट से प्रभावित होने पर चिन्ता ज़ाहिर की है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR), संयुक्त राष्ट्र ग्लोबल कॉम्पैक्ट और व्यवसाय व मानवाधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र के कार्यकारी दल ने मंगलवार को अपने एक साझा बयान में व्यवसाय क्षेत्र और सम्बद्ध पक्षकारों से नाविकों की व्यथा को दूर करने के लिये समुचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है. 

ईरान: मानवाधिकार कार्यकर्ता बन्दियों को, कोविड-19 के जोखिम में, रिहा करने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने ईरान से क़ैद में रखे गए मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, वकीलों और राजनैतिक बन्दियों को रिहा करने की पुकार लगाई है. मानवाधिकार उच्चायुक्त ने इन तमाम बन्दियों की स्वास्थ्य स्थिति पर गहरी चिन्ता व्यक्त करते हुए उनके कोविड-19 के संक्रमण की चपेट में आने की भी आशंका जताई है.

ज़्यादा समावेशी समाज बनाने के लिये बुज़ुर्गों के सुझाव और विचार सुनें, यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के माहौल में, दुनिया ऐसे ग़ैर-आनुपातिक और अत्यन्त गम्भीर प्रभावों का सामना कर रही है जो इस वायरस ने वृद्धजन के स्वास्थ्य, अधिकारों और रहन-सहन पर छोड़े हैं. यूएन महासचिव ने ये विचार हर वर्ष 1 अक्टूबर को मनाए जाने वाले वृद्धजन के लिये अन्तरराष्ट्रीय दिवस के मौक़े पर व्यक्त किये हैं.

मावनवाधिकार परिषद के "आँख और कान" के सामने वित्तीय संकट

संयुक्त राष्ट्र द्वारा नियुक्त स्वतन्त्र मानवाधिकर विशेषज्ञों ने आगाह करते हुए कहा है कि धन की कमी होने के कारण उनका कामकाज जोखिम में पड़ता नज़र आ रहा है. सोमवार को सदस्य देशों को जारी एक अपील में उन्होंने कहा कि उनके कामकाज के लिये समुचित धनराशि की उपलब्धता अनेक वर्षों से चिन्ता का कारण रही है, लेकिन कोविड-19 महामारी के संकट ने उनके कामकाज को और भी ज़्यादा कठिन बना दिया है.

भारत: रेलवे पटरियों के पास रहने वाले लाखों लोगों को घरों से बेदख़ल करने पर चिन्ता

संयुक्त राष्ट्र के एक मानवाधिकार विशेषज्ञ ने भारत की राजधानी दिल्ली में रेलवे पटरियों के किनारे रहने वाले लगभग ढाई लाख लोगों को अपने घरों से बेदख़ल करने के भारतीय सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश पर चिन्ता व्यक्त की है. उन्होंने चेतावनी दी है कि इस तरह के क़दम से प्रमुख अन्तरराष्ट्रीय अधिकार सन्धियों के तहत देशों के दायित्वों का उल्लंघन होगा.

यमन: युद्धरत पक्षों के बीच 1000 बन्दियों की रिहाई के लिये रज़ामन्दी

यमन में युद्धरत पक्ष बन्दियों के पहले समूह की रिहाई की के लिये रज़ामन्द हुए हैं. सप्ताहान्त के दौरान स्विट्ज़रलैण्ड़ में सप्ताह भर चली बैठक के आख़िर में ये रज़ामन्दी हुई जिसे संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत ने “एक बहुत ही महत्वपूर्ण पड़ाव” क़रार दिया है.

समावेश व लोगों की ज़्यादा सहभागिता से शासन नीतियाँ बेहतर होंगी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि ना केवल कोविड-19, बल्कि जलवायु परिवर्तन, ज़्यादा भागीदारी वाली राजनीति व मानवाधिकारो के लिये जद्दोजहद, और कम होता सार्वजनिक अविश्वास, इन सभी चुनौतियों ने समाजों को कड़ी निगरानी के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है जिन्हें सामाजिक व आर्थिक अन्यायों ने अपनी चपेट में ले रखा है.

म्याँमार: राख़ीन प्रान्त में हमलों में बच्चों की मौतों को रोकना होगा - मानवाधिकार विशेषज्ञ

म्याँमार में मानवाधिकारों की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञ थॉमस एण्ड्रयूज़ ने मंगलवार को कहा है कि देश के राख़ीन प्रान्त में गाँवों पर सुरक्षा बलों के हमले तुरन्त रोकने होंगे, और तुरन्त संघर्षविराम घोषित होना चाहिये.