मानवाधिकार

कोविड-19 पर कार्रवाई में मानवाधिकारों की महती भूमिका

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने नीतिगत उपायों के लिए गुरुवार को एक नई रिपोर्ट जारी की है जिसमें विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 से निपटने के लिए मानवाधिकारों पर आधारित एक प्रभावी व समावेशी कार्रवाई पर ज़ोर दिया गया है. महासचिव गुटेरेश ने कहा है कि कोविड-19 महामारी सिर्फ़ एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपदा नहीं है बल्कि एक मानवीय, आर्थिक और सामाजिक संकट है और यह तेज़ी से मानवाधिकारों का संकट भी बनता जा रहा है. 

कोविड-19: बढ़ती असहिष्णुता व धार्मिक नफ़रत के ख़िलाफ़ चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ अहमद शहीद ने कहा है कि कोविड-19 के फैलाव के मद्देनज़र सरकारों को यह ध्यान रखना होगा कि ऐहतियाती उपायों का इस्तेमाल राजनैतिक या आर्थिक लाभ उठाने के लिए ना किया जाए. साथ ही इस संकट का दोष धार्मिक व जातीय समूहों पर मढ़ने वाले नफ़रत भरे संदेशों पर लगाम लगानी होगी. 

'रवांडा जनसंहार से सबक़ सीखें'

रवांडा में 1994 में तुत्सियों के ख़िलाफ़ हुए जनसंहार में केवल 100 दिनों के भीतर दस लाख से ज्यादा लोगों की हत्या कर दी गई थी. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने 7 अप्रैल को इस जनसंहार की वर्षगाँठ पर अपने संदेश में इस दुखद अध्याय से सबक़ लेने और राष्ट्रवाद व ध्रुवीकरण की ताक़तों को नकार देने की पुकार लगाई है...

'जम्मू कश्मीर में मानवाधिकारों का सम्मान अति महत्वपूर्ण'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि जम्मू कश्मीर के लोगों की मूलभूत स्वतंत्रताओं और उनके मानवाधिकारों का पूर्ण सम्मान किया जाना बहुत महत्वपूर्ण है.

हॉलोकॉस्ट जैसी घटना फिर ना हो, 'इतिहास से सबक़ ज़रूरी'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि बढ़ती नफ़रत और यहूदी-विरोधी हमलों में तेज़ी के इस दौर में दुनिया को इतिहास से सबक़ लेना होगा ताकि यहूदी जनसंहार – हॉलोकॉस्ट – जैसी भयवाह घटना फिर ना दोहराई जा सके. यूएन प्रमुख ने पोलैंड में आउशवित्ज़-बर्केनाउ यातना शिविर को मुक्त कराए जाने के 75 साल पूरे होने और 60 लाख से ज़्यादा यहूदियों और अन्य लोगों के जनसंहार की याद में न्यूयॉर्क में आयोजित एक स्मरण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही.

रोहिंज्या मामले पर आईसीजे का म्याँमार को 'अस्थाई आदेश'

संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) ने  म्याँमार से देश में अल्पसंख्यक रोहिंज्या समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव क़दम उठाने को कहा है.  कोर्ट ने गुरूवार को एक 'अस्थाई आदेश' जारी करके जनसंहार के अपराधों से संबंधित तथ्यों को नष्ट होने से बचाने की व्यवस्था करने का भी आग्रह किया. उन उपायों के बारे में पहली रिपोर्ट चार महीने के भीतर और फिर इस मामले में कोर्ट का अंतिम फ़ैसला आने तक हर छह महीने में रिपोर्ट जारी करके इन उपायों का ब्यौरा कोर्ट को देने का भी आदेश दिया गया है...

रोहिंज्या: म्याँमार को समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश

संयुक्त राष्ट्र की क़ानूनी संस्था अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) ने  म्याँमार से देश में अल्पसंख्यक रोहिंज्या समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव क़दम उठाने को कहा है.  कोर्ट ने गुरूवार को एक 'अस्थाई आदेश' जारी करके जनसंहार के अपराधों से संबंधित तथ्यों को नष्ट होने से बचाने की व्यवस्था करने का भी आग्रह किया है.