मानवाधिकार

शान्तिपूर्ण सभा करने का अधिकार: नई व्याख्या

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समिति ने शान्तिपूर्ण ढँग से एकत्र होने के अधिकार की व्याख्या करते हुए स्पष्ट किया है कि यह दायरा व्यक्तिगत मौजूदगी वाली बैठकों के साथ-साथ वर्चुअल और ऑनलाइन सभाओं के लिये भी लागू होता है. मानवाधिकार समिति के वरिष्ठ विशेषज्ञों ने कहा है कि लोगों को शान्तिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है और सरकारों को मानवाधिकार क़ानूनों का सम्मान करते हुए अपने तय दायित्वों का निर्वहन करना चाहिये. 

उत्तर कोरिया: हिरासत में रखी गई महिलाओं की व्यथा को बयाँ करती नई रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) द्वारा मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में डेमोक्रेटिक पीपल्स रिपब्लिक ऑफ़ कोरिया (उत्तर कोरिया) छोड़कर जाने वाली और फिर देश को लौटने के लिये मजबूर की गईं ऐसी महिलाओं के बारे में विस्तृत जानकारी मुहैया कराई गई है जिन्हें यातना देने, उनके साथ यौन हिंसा व बुरा बर्ताव करने के अलावा उनके अन्य मानवाधिकारों का उल्लंघन किया गया.

जल और स्वच्छता के मानवाधिकारों की प्राप्ति के लिये तेज़ प्रयासों की पुकार

संयुक्त राष्ट्र ने पीने के लिये जल और साफ़-सफ़ाई की समुचित व्यवस्था को दस वर्ष पहले मानवाधिकारों के रूप में पहचान दी थी लेकिन आज भी अरबों लोगों को ये बुनियादी सेवाएँ उपलब्ध नहीं है. संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने चेतावनी जारी करते हुए आगाह किया है कि इन ज़रूरी सेवाओं के अभाव से कोविड-19 महामारी जैसी चुनौतियाँ और बड़ी त्रासदी का सबब बन सकती हैं. 

अमेरिका: प्रदर्शनकारियों व पत्रकारों के ख़िलाफ़ अनावश्यक बल प्रयोग से बचने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) ने कहा है कि अमेरिका में शान्तिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा ले रहे लोगों और उनकी कवरेज कर रहे पत्रकारों के ख़िलाफ़ ना तो ज़रूरत से ज़्यादा बल प्रयोग किया जाना चाहिये और ना ही उनके मानवाधिकारों का उल्लंघन होना चाहिये. 

समुद्र में फँसे नाविकों की व्यथा - “मेरे बच्चे पूछते हैं कि मैं घर कब आ रहा हूँ”

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के फैलाव से बचाव के लिये ऐहतियाती उपायों के मद्देनज़र यात्रा सम्बन्धी पाबन्दियाँ लागू की गई हैं जिनसे लाखों नाविक (Seafarers) भी प्रभावित हुए हैं. घर-परिवार से दूर समुद्र में फँसे नाविकों के लिये गहरी और लम्बी अनिश्चितता जल्द ख़त्म होती नज़र नहीं आती और मौजूदा हालात से उनका मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है.

नेलसन मण्डेला पुरस्कार 2020

मानवीय भलाई के कार्यों के लिये दिया जाने वाला दूसरा नेलसन मण्डेला पुरस्कार दो समाज सेवियों - मारियाना वी वार्दिनॉयानिस (ग्रीस) और डॉक्टर मॉरीसैण्डा कोयाते (गिनी) को दिया गया है. संयुक्त राष्ट्र महासभा ने नेलसन मण्डेला पुरस्कार का प्रस्ताव 2014 में पारित किया था और पहला पुरस्कार 2015 में नामीबिया की डॉक्टर हेलेना न्ड्यूमे और पुर्तगाल के होर्गे फ़र्नाण्डो सैम्पाइयो को दिया गया था. ये पुरस्कार हर पाँच वर्ष में एक महिला और एक पुरुष को दिया जाता है... वीडियो....

'असमानता हमारे दौर को परिभाषित करती है' – महासचिव का कड़ा 'मण्डेला दिवस सन्देश'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि असमानता एक ऐसा मुद्दा है जो हमारे दौर को परिभाषित करता है और इसके कारण दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं व समाजों के तबाह होने का जोखिम पैदा होता है. महासचिव ने शनिवार को नेलसन मण्डेला अन्तरराष्ट्रीय दिवस के मौक़े पर एक कड़े सन्देश में ये बात कही है.

नेलसन मण्डेला की याद में...

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि नेलसन मण्डेला ने हमेशा मानवता व समानता के आदर्शों और सिद्धान्तों के लिए संकल्प दिखाया और वो कहा करते थे कि जब तक दुनिया में ग़रीबी और असमानता बरक़रार है, तब तक हमे आराम नहीं मिल सकता. 18 जुलाई को नेलसन मण्डेला अन्तरराष्ट्रीय दिवस पर महासचिव का वीडियो सन्देश...

इसराइल द्वारा फ़लस्तीनियों को सामूहिक दण्ड - ‘ग़ैरक़ानूनी और न्याय का तिरस्कार’ 

संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने इसराइल से उन सभी कार्रवाइयों को तत्काल रोकने का आग्रह किया है जो फ़लस्तीनियों के लिये सामूहिक दण्ड के समान हैं. यूएन के विशेष रैपोर्टेयर माइकल लिन्क ने कहा कि लाखों निर्दोष  फ़लस्तीनियों को रोज़ाना कष्ट पहुँच रहा है जिससे तनाव के और भी ज़्यादा गहरा होने और हिंसा के लिये अनुकूल माहौल बनने के अलावा और कुछ हासिल नहीं होता. 

महिला क़ैदियों की संख्या वृद्धि और कोविड-19 के बचाव उपाय - सज़ा हुई और सख़्त

विश्व भर में सात लाख से ज़्यादा महिलाएँ जेलों में बन्द हैं और पुरुष क़ैदियों की तुलना में उनकी संख्या तेज़ी से बढ़ रही है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में कोविड-19 महामारी के दौरान हिरासत में रखे जाने के हालात और महिला बन्दियों की सुरक्षा के उपायों पर गुरूवार को एक चर्चा के दौरान यूएन मानवाधिकार कार्यालय ने सचेत किया है कि जेलों में भीड़-भाड़ बढ़ने से गम्भीर नुक़सान हुआ है.