मानवाधिकार

कोविड-19: प्रवासियों के मानवाधिकारों की रक्षा की पुकार

संयुक्त राष्ट्र के स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञों नें सभी देशों से प्रवासियों और उनके परिवारों के अधिकारों की रक्षा करने का आहवान किया है. उन्होंने ध्यान दिलाया कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान और उसके बाद भी प्रवासियों के दर्जे की परवाह किए बग़ैर उनके मानवाधिकार सुनिश्चित किए जाने होंगे.

कोविड-19: स्वास्थ्य मुश्किलों से परे भी जाती है आदिवासी समुदायों की पीड़ा

वैश्विक महामारी कोविड-19 के दन्श से दुनिया के आदिवासी समुदाय बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और इस बीमारी के नकारात्मक प्रभाव महज़ उनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले तात्कालिक असर तक ही सीमित नहीं है. आदिवासी व्यक्तियों के अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र के नए स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञ खोसे फ़्रांसिस्को काली ज़ाई ने सोमवार को उनकी मुश्किलों की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए बताया कि उनके जीवन-यापन के लिए ज़रूरी संसाधनों के लिए भी संकट खड़ा हो रहा है.

एलजीबीटीआई: भेदभाव व नफ़रत के ख़िलाफ़ एकजुटता का आहवान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोविड-19 महामारी के दौरान एलजीबीटीआई लोगों के साथ भेदभाव और नफ़रत की घटनाओं पर क्षोभ ज़ाहिर करते हुए उनके आज़ाद व समान अधिकारों के साथ जीवन के अधिकार के प्रति समर्थन जताया है. यूएन प्रमुख ने 'होमोफ़ोबिया, बाइफ़ोबिया और ट्राँसफ़ोबिया के ख़िलाफ़ अन्तरराष्ट्रीय दिवस' पर एलजीबीटीआई समुदाय के लिए गरिमामय जीवन सुनिश्चित करने और हिंसा व यातना से संरक्षण की पुकार लगाई है. 

पाबन्दियाँ हटाने में सावधानी, नहीं तो बढ़ सकता है विनाश

संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने कोविड-19 वायरस के फैलाव को नियन्त्रित करने के लिए लागू की गई पाबन्दियाँ और तालाबन्दी को हटाने के सम्भावित ख़तरों के प्रति आगाह किया है. ध्यान रहे कि कुछ देश ये पाबन्दियाँ और तालाबन्दी हटाने पर विचार कर रहे हैं.

भोपाल जैसी त्रासदियों की रोकथाम के लिए 'मानवाधिकारों पर काम करे' रसायन उद्योग जगत

संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ मानवाधिकार विशेषज्ञ बास्कुट तुनचक ने कहा है कि भारत में पिछले सप्ताह एक रासायनिक संयन्त्र (कैमिकल प्लान्ट) में घातक गैस का रिसाव होना रसायन उद्योग जगत को नीन्द से जगा देने वाली घण्टी है. उन्होंने आगाह किया है कि मानवाधिकारों का सम्मान करने के लिए व्यवसायों को अपनी ज़िम्मेदारी निभानी होगी. 7 मई को आन्ध्र प्रदेश राज्य के विशाखापट्टनम शहर के पास स्थित एक रसायन फ़ैक्ट्री से स्टायरीन गैस रिस जाने से 12 लोगों की मौत हो गई थी और एक हज़ार से ज़्यादा लोगों की तबीयत बिगड़ गई थी. 

कोविड-19: जवाबी कार्रवाई और वैश्विक एकजुटता में धर्मगुरुओं की अहम भूमिका

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 की आँच में झुलस रही दुनिया को राहत दिलाने में धार्मिक नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है. उन्होंने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन चार प्रमुख क्षेत्रों की ओर ध्यान आकृष्ट किया है जिनमें एकजुट कार्रवाई को बढ़ावा देने में धर्मगुरू अपना सहयोग दे सकते हैं. 

इसराइल संचालित जेलों में बन्दी फ़लस्तीनी बच्चों की रिहाई की पुकार

मध्य पूर्व क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र के तीन बड़े अधिकारियों ने इसराइल द्वारा संचालित जेलों में बन्द फ़लस्तीनी बच्चों को रिहा करने का आहवान किया है. उनका कहना है कि मौजूदा हालात में उन बच्चों का कोविड-19 महामारी के संक्रमण में आने की बहुत ज़्यादा आशंका है. इनका कहना है कि मार्च के अन्त तक के आँकड़ों के अनुसार 194 फ़लस्तीनी बच्चों को बन्दी बनाकर इसराइल द्वारा संचालित जेलों में रखा गया था.

'नाज़ियों की हार के 75 वर्ष बाद, आज भी बहुत से लोग युद्ध की विभीषिका में हैं'

संयुक्त राष्ट्र हर वर्ष 8 और 9 मई को उन लाखों लोगों को याद करता है जिनकी ज़िन्दगी दूसरे विश्व युद्ध के दौरान ख़त्म हो गई थी. उस भीषण तबाही वाले संघर्ष के बाद ही संयुक्त राष्ट्र वजूद में आया था. यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शुक्रवार, 8 मई को एक वीडियो संदेश में आगाह करते हुए कहा कि मतभेद अब भी मौजूद हैं, और उन्होंने एक ऐसी दुनिया बनाने की पुकार लगाई जिसकी बुनियाद शान्ति व एकता पर टिकी हो.

कोविड-19: नफ़रत भरी भाषा की 'सूनामी' को रोकना होगा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के साथ नफ़रत भरे संदेशों की ‘सूनामी’ भी तेज़ी से उभरी है जिसे रोकने के लिए वैश्विक स्तर पर एकजुट कार्रवाई की आवश्यकता है. उन्होंने चिंता जताई कि विदेशियों के प्रति डर व नापसंदगी और नस्लवाद बढ़ रहा है, साथ ही लोगों व समुदायों को बलि का बकरा बनाकर डर फैलाया जा रहा है. 

'हराना ही होगा नफ़रत को'

कोविड-19 का मुक़ाबला करने में सारी दुनिया के सामने असाधारण चुनौती है लेकिन फिर भी अनेक देशों में नफ़रत, कुछ ख़ास समूहों पर दोषारोपण या कलंकित करने के मामले भी सामने आए हैं जो बेहद चिन्ताजनक है. महासचिव ने एकजुट होकर नफ़रत को भी हराने का आग्रह किया है, बिल्कुल उसी तरह से जैसे वैश्विक महामारी से निपटने के लिए वैश्विक एकजुटता की ज़रूरत है. नफ़रत का फैलाव भी एक महामारी के रूप में ही सामने आया है. वीडियो सन्देश...