स्वास्थ्य

दक्षिण एशिया में संक्रमण की तेज़ लहर – सहायता धनराशि के लिये अपील

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने निजी बचाव पोशाकों, कोविड-19 टैस्टिंग किटों सहित अन्य उपकरणों व सामग्री के इन्तज़ाम के लिये, 16 करोड़ 40 लाख डॉलर धनराशि की अपील की है. नेपाल और भारत सहित दक्षिण एशिया के देशों में कोरोनावायरस संक्रमण की जानलेवा लहर के मद्देनज़र स्वास्थ्य प्रणालियों पर भारी बोझ है और संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ, प्रभावित देशों में जीवनरक्षक जवाबी कार्रवाई में सहयोग कर रही हैं.

कोविड-19: 'वायरस के विरुद्ध युद्ध', जी20 टास्क फ़ोर्स के गठन का आहवान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व की सबसे धनी अर्थव्यवस्थाओं से आग्रह किया है कि कोविड-19 महामारी का अन्त करने के लिये उन्हें अग्रणी भूमिका निभाने की ज़रूरत है. यूएन प्रमुख ने शुक्रवार को रोम में जी20 समूह की वैश्विक स्वास्थ्य शिखर बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि हर एक व्यक्ति के लिये, हर स्थान पर वैक्सीन मुहैया कराए जाने के प्रयासों को मज़बूती प्रदान की जानी होगी.

आपबीती: 'एकजुटता और करुणा भाव से मिलेगी कोविड-19 पर कामयाबी'

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) के भारत कार्यालय में जल,साफ़-सफ़ाई और स्वच्छता (WASH) विभाग में सीनियर प्रोग्राम एसोसिएट के पद पर कार्यरत, जैसिण्डा मैथ्यू ने कोविड-19 महामारी के दौरान अपने व्यक्तिगत अनुभव को साझा किया है. उन्होंने अपने एक ब्लॉग में कहा कि जिस तरह लोग एक-दूसरे की मदद के लिये आगे आ रहे हैं, वो भरोसा जगाता है कि हम इस वायरस पर विजय हासिल करने में कामयाब होंगे...

कोविड-19: वैक्सीन वितरण में विषमता से देशों के बीच उभरती दरार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि कोविड-19 संक्रमण के मामलों और मृतक संख्या में लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट दर्ज की गई है, मगर विश्व में अब एक विभाजन भी उभरता दिखाई दे रहा है. ऐसा लगता है कि ज़्यादा टीकाकरण वाले देशों में महामारी को मोटे तौर पर ख़त्म माना जा रहा है, जबकि वैक्सीन की क़िल्लत से जूझ रहे देश, संक्रमण की तेज़ लहर की चपेट में हैं.

वैक्सीन की अतिरिक्त ख़ुराकें, ज़रूरतमन्द देशों को दान करने की ज़रूरत, यूनीसेफ़

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ की प्रमुख हेनरिएटा फ़ोर ने सोमवार को आगाह करने के अन्दाज़ में कहा है कि अगर कमज़ोर हालात वाले देशों को वैक्सीन उपलब्ध नहीं हुई तो कोविड-19 महामारी का ख़तरनाक फैलाव जिस तरह भारत में तेज़ी से हुआ है, उसी तरह अन्य देशों में भी फैल सकता है.

कोविड-19: वैश्विक महामारी का दूसरा वर्ष ज़्यादा 'जानलेवा'

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा है कि भारत सहित अनेक देशों में विकट हालात दर्शाते हैं कि वैश्विक महामारी कोविड-19 का दूसरा वर्ष पहले से कहीं अधिक घातक साबित हो रहा है. उन्होंने धनी देशों से अपील की है कि कोरोनावायरस वैक्सीन का टीकाकरण, बच्चों व किशोरों में करने में जल्दबाज़ी ना करते हुए, वो ख़ुराकें न्यायसंगत वैक्सीन वितरण के लिये स्थापित ‘कोवैक्स’ पहल के तहत दान कर दी जानी चाहिये.

वैश्विक महामारी के रोकथाम उपायों में व्यापक फेरबदल की पुकार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा नियुक्त एक पैनल ने अपनी रिपोर्ट में वैश्विक महामारियों के ख़तरों व विनाशकारी असर से निपटने के लिये निडर कार्रवाई का आग्रह किया है. महामारी की तैयारी एवँ जवाबी कार्रवाई के लिये अन्तरराष्ट्रीय पैनल (Independent Panel for Pandemic Preparedness and Response) ने अपनी रिपोर्ट में यूएन स्वास्थ्य एजेंसी को ज़्यादा अधिकार दिये जाने की आवश्यकता पर बल दिया है.

कोविड-19: भारत में फैल रहे कोरोनावायरस का वेरिएंट ‘चिन्ताजनक’

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि शुरुआती अध्ययन दर्शाते हैं कि भारत में मिले कोरोनावायरस का नया प्रकार (B.1.167)  ज़्यादा तेज़ी से फैलता है. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने कोरोनावायरस के इस वेरिएंट के वर्गीकरण में बदलाव करते हुए अब इसे चिन्ताजनक (Variant of concern) क़रार दिया है.

भारत: कोविड-19 पर जवाबी कार्रवाई में मदद के लिये WHO की अपील

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में कोविड-19 संक्रमण के मामलों व मृतक संख्या में तेज़ बढ़ोत्तरी जारी रहने पर चिन्ता जताई है. इस बीच, WHO फ़ाउण्डेशन ने कोरोनावायरस की दूसरी लहर से जूझ रहे भारत में, कोविड-19 पर जवाबी कार्रवाई को समर्थन देने के इरादे से सहायता धनराशि जुटाने की अपील जारी की है, जिसका उद्देश्य ऑक्सीजन, निजी बचाव सामग्री व दवाओँ की व्यवस्था सुनिश्चित करना है.

चीन की वैक्सीन को आपदा प्रयोग के लिये WHO की स्वीकृति

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शुक्रवार को घोषणा की है कि चीन में विकसित की गई एक कोविड-19 वैक्सीन को, आपदा प्रयोग की अनुमति दे दी गई है. साइनोफ़ार्म नामक इस वैक्सीन के आपदा प्रयोग को हरी झण्डी मिलने के बाद, इस वैक्सीन का प्रयोग, सम्भवतः उन देशों में किया जा सकेगा जहाँ अभी तक या तो वैक्सीन बिल्कुल भी नहीं पहुँची है या फिर कम मात्रा में पहुँची है.