स्वास्थ्य

किशोर उम्र में आलस, दिन में एक घंटा भी कसरत नहीं

विश्व भर में किशोर उम्र में नियमित व्यायाम का घटता रुझान एक बड़ी समस्या के रूप में उभर रहा है जिससे वयस्क होने पर लोगों के स्वास्थ्य को एक बड़ा ख़तरा पैदा हो सकता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का एक नया अध्ययन दर्शाता है कि 11-17 वर्ष की उम्र में 80 फ़ीसदी से ज़्यादा किशोर प्रतिदिन 60 मिनट से भी कम शारीरिक गतिविधियों में बिता रहे हैं.

डेंगू पर क़ाबू पाने के लिए नई तकनीक परीक्षण के लिए तैयार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार मच्छरों से फैलने वाले डेंगू बुख़ार से आधी से ज़्यादा दुनिया को ख़तरा है. इसकी गंभीरता को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र इसे जड़ से मिटाने के वैश्विक प्रयासों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है. इन प्रयासों के तहत लाखों की संख्या में बधिया कीटों को छोड़े जाने के असर को मापने की घोषणा की गई है.

खुले में शौच से गरिमा और जीवन पर मंडराता है ख़तरा

शौच के बाद और भोजन करने से पहले साबुन से हाथ नहीं धोने जैसी स्वच्छता और साफ़-सफ़ाई की आदतें न होने से सालाना 8 लाख से ज़्यादा लोग मौत का शिकार हो जाते हैं – जोकि मलेरिया से होने वाली मौतों की संख्या  से भी अधिक है. खुले में शौच करना मनुष्य की गरिमा, स्वास्थ्य और कल्याण का अपमान है – ख़ासतौर पर लड़कियों और महिलाओं का.

नाईजीरिया में संयुक्त राष्ट्र का ख़सरा अभियान

नाईजीरिया के उत्तरी हिस्से में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों ने एक टीकाकरण अभियान शुरू किया है जिसके माध्यम से दो करोड़ 80 लाख से अधिक बच्चों को ख़सरा और मैनिनजाइटिस यानी दिमाग़ी बुख़ार से बचाया जाएगा. 16 नवंबर से शुरू हुए इस अभियान को राष्ट्रीय प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल विकास एजेंसी और यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने ‘गैवी, द वैक्सीन एलायंस’ (GAVI) के सहयोग से चलाया है.

सड़क सुरक्षा: विशालकाय मगर अदृश्य बन चुके संकट से निबटने की पुकार

सड़कों पर यातायात सुरक्षा में बेहतरी करके लोगों की ज़िंदगियाँ बचाना भी 2030 के टिकाऊ विकास एजेंडा में एक लक्ष्य के रूप में शामिल है. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए लोगों की याद में मनाए जाने वाले दिवस के मौक़े पर जारी अपने संदेश मे ये बात कही है. ये दिवस नवंबर के तीसरे रविवार को मनाया जाता है और 2019 में ये 17 नवंबर को मनाया गया.

अनगिनत ख़तरों से जूझने को मजबूर हैं हाथ से मैला ढोने वाले सफ़ाईकर्मी

संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि विकासशील देशों में स्वच्छता कर्मचारियों की दुर्दशा पर तात्कालिक कार्रवाई होनी चाहिए.  मंगलवार, 19 नवंबर, को 'विश्व शौचालय दिवस' से ठीक पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शौचालय, सीवर और सेप्टिक टैंक साफ़ करने वाले करोड़ों लोगों के लिए ख़तरों को उजागर किया है. यूएन एजेंसी ने कहा है कि सफ़ाई कर्मचारियों के अधिकार, उनका स्वास्थ्य और सम्मान ख़तरे में है. 

डायबिटीज़: प्राइमरी हैल्थ केयर और परिवारों की मज़बूती ज़रूरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि डायबिटीज़ पूरे दक्षिण पूर्वी एशिया क्षेत्र के देशों में लोगों के स्वास्थ्य के लिए एक प्रमुख ख़तरा है और इन देशों में लगभग 9 करोड़ 10 लाख लोग डायबिटीज़ के मरीज़ हैं. इनमें से आधे से भी ज़्यादा संख्या यानी क़रीब 4 करोड़ 90 लाख मरीज़ों को ये ही नहीं मालूम कि उन्हें डायबिटीज़ है भी. 

सस्ता इंसुलिन मिलेगा आसानी से, मरीज़ों की होगी बड़ी मदद

डायबिटीज़  यानी मधुमेह बीमारी को नियंत्रण में रखने के लिए ज़रूरी इंसुलिन की महंगी क़ीमत अब गुज़रे ज़माने की बात हो सकती है जिससे लाखों-करोड़ों मरीज़ों के जीवन में नया बदलाव लाने और इलाज में मदद मिलने की संभावना है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक नई योजना शुरू की है जिसके ज़रिए विश्व भर में सस्ते इंसुलिन का उत्पादन बढ़ाया जाएगा.

किसी भी अन्य बीमारी की तुलना में न्यूमोनिया है सबसे ज़्यादा घातक

न्यूमोनिया एक ऐसी बीमारी है जिसकी आसानी से रोकथाम की जा सकती है. इसके बावजूद विश्व में किसी अन्य बीमारी की तुलना में बच्चों की सबसे ज़्यादा मौतें इसी बीमारी से हो रही हैं – हर 39 सेकेंड में एक मौत. संयुक्त राष्ट्र और साझेदार संगठनों ने मंगलवार को ‘विश्व न्यूमोनिया दिवस’ पर चेतावनी जारी की है कि इन सर्वविदित तथ्यों के बावजूद बच्चों के जीवन की रक्षा के लिए पर्याप्त धनराशि का अभाव है.

कला से औषधि का काम: क्या आपने कभी आज़माया है!

ये जानना वाक़ई दिलचस्प है कि जन्म होने के पहले से और जीवन का अंत होने तक, नृत्य, गायन या पेंटिंग जैसी गतिविधियों से हमारे स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ता है. इस आर्ट थैरेपी यानी कला के विभिन्न रूपों द्वारा किए जाने वाले उपचार पारंपरिक तरीक़ों से भी ज़्यादा किफ़ायती साबित हो सकते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सोमवार को जारी एक ताज़ा रिपोर्ट में कला और सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लेने से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव पर एक रिपोर्ट जारी की है.