स्वास्थ्य

महामारियों से निपटने की तैयारियों के लिये अन्तरराष्ट्रीय सन्धि की पुकार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सदस्य देशों को आगाह किया है कि यह मानना एक बड़ी भूल होगी कि वैश्विक महामारी कोविड-19 का संकट गुज़र चुका है. यूएन एजेंसी प्रमुख टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने मौजूदा कोरोनावायरस संकट से सबक़ लेते हुए एक अन्तरराष्ट्रीय समझौते का आग्रह किया है, ताकि भावी वैश्विक स्वास्थ्य ख़तरों के प्रति समय से पहले चेतावनी प्रणाली को बेहतर बनाया जा सके और वैक्सीनों, उपचारों व परीक्षणों को न्यायोचित ढँग से उपलब्ध कराना सम्भव हो.

कोविड-19: वैक्सीन उत्पादन बढ़ाने व न्यायसंगत वितरण के लिये तत्काल प्रयास ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सचेत किया है कि दुनिया, कोविड-19 वैक्सीन की न्यायसंगत उपलब्धता सुनिश्चित करने के लक्ष्य से बहुत दूर है. उन्होंने शुक्रवार को इन जीवनरक्षक उपायों की न्यायोचित सुलभता के विषय पर आयोजित एक ऑनलाइन चर्चा के दौरान ज़ोर देकर कहा कि इस त्रासदी से हर हाल में बचा जाना होगा.

भारत: कोविड-19 की दूसरी लहर ज़्यादा जानलेवा

भारत में संयुक्त राष्ट्र की रैज़िडेण्ट कोऑर्डिनेटर, रेनाटा डेज़ालिएन ने कहा है कि देश में कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर और वायरस के फैलाव की तेज़ रफ़्तार ने सभी को हैरान कर दिया है. उन्होंने सचेत किया है कि इससे सबक़ लेकर सम्भावित तीसरी लहर से निपटने के लिये स्वास्थ्य तैयारियों को पुख़्ता बनाना होगा. 

भारत: कोविड-19 की दूसरी लहर का रूप बहुत अलग, बहुत घातक

भारत में संयुक्त राष्ट्र की रैज़िडेण्ट कोऑर्डिनेटर, रेनाटा डेज़ालिएन ने कहा है कि देश में कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर और वायरस के फैलाव की तेज़ रफ़्तार ने सभी को हैरान कर दिया है. इससे सबक़ लेकर सम्भावित तीसरी लहर के लिये तैयारियों को पुख़्ता बनाना होगा. उन्होंने यूएन न्यूज़ के साथ एक ख़ास बातचीत में बताया कि मौजूदा संकट के दौरान यूएन एजेंसियाँ, स्वास्थ्य सेवा प्रणाली व टीकाकरण मुहिम को मज़बूती प्रदान करने और कोविड-19 से प्रभावित लोगों तक सहायता पहुँचाने, सभी मोर्चों पर सक्रिय हैं.

दक्षिण एशिया में संक्रमण की जानलेवा लहर - स्वास्थ्य प्रणालियों पर भारी बोझ

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने चेतावनी जारी की है कि दक्षिण एशिया के देशों में कोरोनावायरस संक्रमण की जानलेवा लहर से जिस तरह के हालात पैदा हो रहे हैं, वैसा इस क्षेत्र में पहले कभी नहीं देखा गया. यूनीसेफ़ के मुताबिक कोरोनावायरस संकट के कारण बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर हुआ है, देशों की नाज़ुक स्वास्थ्य प्रणालियों पर भारी बोझ है और उनके ढह जाने की आशंका वास्तविक है.

विश्व स्वास्थ्य ऐसेम्बली: यूएन महासचिव का सन्देश

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व स्वास्थ्य ऐसेम्बली को सम्बोधित करते हुए कहा है कि कोविड-19 महामारी, अपने साथ पीड़ा की एक सुनामी लाई है. उन्होंने मौजूदा संकट से निपटने के लिये, विश्व नेताओं से कोरोनावायरस वैक्सीन, परीक्षण और उपचार की न्यायसंगत सुलभता को सुनिश्चित करने वाली एक वैश्विक योजना के साथ तत्काल आगे बढ़ने का आहवान किया है.

विश्व स्वास्थ्य ऐसेम्बली में महासचिव - वैक्सीन के लिये वैश्विक योजना का आहवान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सदस्य देशों से, मौजूदा कोरोनावायरस संकट का अन्त करने और सर्वजन के लिये एक सुरक्षित व स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करने के लक्ष्य के साथ, निडर निर्णय लिये जाने की पुकार लगाई है. यूएन प्रमुख ने सोमवार को विश्व स्वास्थ्य ऐसेम्बली के 74वें सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी  पर क़ाबू पाने के लिये वैक्सीन, परीक्षण और उपचार की न्यायसंगत सुलभता सुनिश्चित की जानी होगी.

भारत: कोविड-19 के दौरान स्वास्थ्य रक्षा के लिये सक्रिय युवा छात्राएँ

कोविड-19 महामारी की जानलेवा लहर से जूझ रहे भारत में एक दिन में संक्रमण के लाखों मामले सामने आ रहे हैं और बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो रही है. इन हालात में अग्रिम मोर्चे पर डटे स्वास्थ्य व अन्य सहायताकर्मी लोगों की ज़िन्दगियों की रक्षा करने में जुटे हैं. पिछले एक वर्ष में, कठिन हालात में किशोर स्कूली छात्राओं ने भी इस वायरस और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से अपने समुदायों की रक्षा करने में अपनी ज़िम्मेदारी निभाई है.

भूटान, टीकाकरण में अग्रणी देश: यूएन रैज़ीडेण्ट कोऑर्डिनेटर ब्लॉग

पर्वतों से घिरे देश, भूटान ने अभी तक कोविड-19 का सफलतापूर्वक सामना किया है, जबकि इसकी सीमाएँ भारत और चीन, दो ऐसे देशों से मिलती हैं जो वैश्विक महामारी से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. संयुक्त राष्ट्र के रैज़ीडेण्ट कोऑर्डिनेटर जेराल्ड डैली का कहना है कि भूटान अपनी 90 फ़ीसदी वयस्क आबादी का टीकाकरण पूरा करने की दिशा में अग्रसर है. इसे सम्भव बनाने में स्वैच्छिक कार्यकर्ताओं और संक्रमण की रोकथाम के लिये सरकार द्वारा की गई कार्रवाई का महत्वपूर्ण योगदान रहा है.

कोविड-19: प्रभावित देशों को सैकड़ों मीट्रिक टन चिकित्सा सामग्री की सहायता

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में कोविड-19 संक्रमण के मामलों में आए तेज़ उछाल के मद्देनज़र 340 मीट्रिक टन ज़रूरी चिकित्सा सामग्री और दवाएँ प्रदान की हैं. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी प्रभावित देशों को जवाबी कार्रवाई में हरसम्भव सहायता सुनिश्चित करते हुए मौजूदा ज़रूरतों का पूरा करने के लिये संगठित प्रयासों में जुटी है.