स्वास्थ्य

ख़ुराकों ने दिखाया असर, हैज़ा के मामलों में 60 फ़ीसदी कमी

दुनिया भर में हैज़ा को ख़त्म करने के उपायों में अच्छी कामयाबी मिलती नज़रआ रही है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गुरूवार को ख़बर दी है कि हैज़ा के ख़िलाफ़ चलाई गई अंतरराष्ट्रीय मुहिम की बदौलत इस बीमारी के मामलों में 2018 के मुक़ाबले वर्ष 2019 में 60 फ़ीसदी की कमी दर्ज की गई है.

धूम्रपान: पुरुष और लड़के छोड़ रहे हैं तंबाकू सेवन

विश्व भर में पिछले दो दशकों के दौरान तंबाकू सेवन के बढ़ते चलन के बाद अब हालात अच्छी तरफ़ मुड़ते नज़र आ रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ताज़ा और चौंकाने वाले आँकड़ों का आकलन करने के बाद कहा है कि अब पहले की तुलना में कम पुरुष और लड़के धूम्रपान कर रहे हैं.

कुपोषण से निपटने का अनोखा नुस्ख़ा

भारत के मध्य प्रदेश में महिलाओं ने कुपोषण से निपटने का एक अनोखा तरीक़ा अपनाया है. ये महिलाएँ अपने बाग़ीचों में सात अलग-अलग सब्ज़ियाँ उगाते हैं जिससे उन्हें पूरे सप्ताह खनिज और विटामिनों से भरपूर ताज़ा सब्ज़ियाँ मिलती हैं और बीमारियाँ दूर रहती हैं...

स्तन कैंसर के लिए किफ़ायती और असरदार दवाई

स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाओं के उपचार के लिए ट्रैस्टुज़ुमाब एक बेहद महत्वपूर्ण लेकिन महंगी दवाई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बुधवार को बताया कि इस दवाई के एक किफ़ायती संस्करण को शुरुआती मंज़ूरी मिल गई है यानी अब कम आय वाले देशों के लिए भी उन्हें ख़रीद पाना और मरीज़ों तक पहुंचाना आसान हो सकेगा.

अरबों बच्चे और व्यस्क - कम पोषण और मोटापे की चपेट में

निम्न और मध्यम आय वाले देशों में से हर तीन में से एक देश में कुपोषण की दो चरम सीमाएँ स्वास्थ्य के लिए गंभीर ख़तरा पैदा कर रही हैं. ये हैं – कम पोषण और मोटापा. संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी – विश्व स्वास्थ्य संगठन ने तेज़ी से बदलती खाद्य व्यवस्थाओं से निपटने के लिए नए तरीक़े अपनाने पर ज़ोर दिया है.  

हर महीने तीस लाख लोगों को निकालना होगा भुखमरी के चक्र से

एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अगर टिकाऊ विकास के 2030 एजेंडा के दूसरे लक्ष्य – भुखमरी का अंत – को वर्ष 2030 तक हासिल करना है तो क्षेत्र में अल्पपोषण से पीड़ित तीस लाख लोगों को हर महीने भुखमरी के चक्र से बाहर निकालना होगा. संयुक्त राष्ट्र की चार एजेंसियों की एक नई साझा रिपोर्ट में यह निष्कर्ष सामने आया है.

'सर्वजन के लिए-सर्वत्र स्वास्थ्य देखभाल' का वादा पूरा हो

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ‘अंतरराष्ट्रीय सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज दिवस’ पर अपने संदेश में विश्व नेताओं से ‘सर्वजन के लिए, सर्वत्र स्वास्थ्य देखभाल' के वादे को पूरा करने का आग्रह किया है. सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवेरज पर सितंबर 2019 में यूएन महासभा के वार्षिक सत्र के दौरान एक उच्चस्तरीय बैठक में यह संकल्प लिया गया था.  

ख़सरा के बढ़ते मामलों से बढ़ती चिंता

विश्व भर में ख़सरा के कारण वर्ष 2018 में एक लाख 40 हज़ार से ज़्यादा मौतें हुई हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने आशंका जताई है कि 2019 में इस बीमारी से होने वाली मौतों और संक्रमण के मामले पिछले साल की तुलना में कहीं अधिक हो सकते हैं. यूएन एजेंसी के मुताबिक़ विश्व की जनसंख्या में वैक्सीन कवरेज 95 फ़ीसदी से कम रहने पर बीमारी के व्यापक रूप से फैलने का जोखिम बना रहेगा.  

मलेरिया: बच्चों व गर्भवती महिलाओं की देखभाल पर ज़्यादा ज़ोर

संयुक्त राष्ट्र की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले के मक़ाबले अब कहीं ज़्यादा संख्या में महिलाएँ और बच्चे मलेरिया से बचाए जा रहे हैं लेकिन मलेरिया के ख़िलाफ़ त्वरित कार्रवाई और इसके लिए अंतरराष्ट्रीय एकजुटता सुनिश्चित करने के वास्ते और ज़्यादा धन की ज़रूरत है. 

जलवायु संकट: मानव स्वास्थ्य पर गंभीर असर, समुचित तैयारी की कमी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि चरम मौसम की घटनाओं – लू, चक्रवाती तूफ़ानों, बाढ़, सूखा – से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर का ख़तरा लगातार बढ़ रहा है लेकिन इसके बावजूद अधिकतर देश इस दिशा में अभी पर्याप्त स्तर पर प्रयास नहीं कर रहे हैं. वहीं यूएन की मौसम विज्ञान एजेंसी (WMO) ने कहा है कि वर्ष 2019 में समाप्त होने वाला दशक अब तक का सबसे गर्म दशक साबित होने की संभावना है.