स्वास्थ्य

स्वच्छ एवँ सुरक्षित भोजन - स्वस्थ भविष्य का आधार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय कार्यालय ने ‘विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस’ पर भोजन-जनित बीमारियों के जोखिम की रोकथाम करने और उनसे निपटने के लिये पूर्ण-समाज के स्तर पर प्रयास किये जाने की पुकार लगाई है.

कोविड-19: वैक्सीन की 25 करोड़ ख़ुराकों को दान करने का आग्रह

कोरोनावायरस वैक्सीन की करीब दो अरब ख़ुराकों को अब तक वैश्विक स्तर पर वितरित किया जा चुका है, मगर इसका 0.5 फ़ीसदी ही निम्न आय वाले देशों को मिल पाया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शुक्रवार को कहा है कि ऐसे देशों में अग्रिम मोर्चे पर डटे स्वास्थ्यकर्मियों और बुज़ुर्गों को एक ख़ुराक भी नहीं मिल पाई है, जिसके मद्देनज़र, करोड़ों ख़ुराकों को दान किये जाने का आहवान किया गया है.

कोविड-19 का श्रम बाज़ार पर असर - बढ़ती बेरोज़गारी, निर्धनता और विषमता

वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण श्रम बाज़ार में उपजे संकट के ख़त्म होने के आसार फ़िलहाल नहीं है, और रोज़गार के अवसरों में होने वाली बढ़ोत्तरी, वर्ष 2023 तक इस नुक़सान की भरपाई नहीं कर पाएगी. अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) द्वारा बुधवार को जारी एक रिपोर्ट दर्शाती है कि वैश्विक संकट के कारण, 2022 तक बेरोज़गारों की संख्या बढ़कर 20 करोड़ 50 लाख हो जाएगी, और निर्धनों की संख्या में वृद्धि होने के साथ-साथ विषमता भी बढ़ेगी.  

महामारी की चपेट में एशिया-प्रशान्त - 'तत्काल, मज़बूत समर्थन की दरकार'

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने सचेत किया है कि एशिया-प्रशान्त क्षेत्र में कोविड-19 महामारी के फैलाव के बीच कोरोनावायरस वैक्सीन की क़िल्लत है, जिसके लिये आपूर्ति को बेहतर बनाया जाना होगा. इसके मद्देनज़र, कोविड-19 वैक्सीन की न्यायसंगत सुलभता के लिये स्थापित की गई, 'कोवैक्स' पहल को तत्काल, मज़बूत समर्थन प्रदान किये जाने का आहवान किया गया है. साथ ही, टीकाकरण मुहिम के दौरान, शरणार्थियों व शरण की तलाश कर रहे लोगों का ख़याल रखने की बात कही गई है.

महामारी के अन्त और वैश्विक पुनर्बहाली की योजना - वैक्सीन समता पर बल

अन्तरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF), विश्व बैन्क समूह (WBG), विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और विश्व व्यापार संगठन (WTO) के प्रमुखों ने मंगलवार को एक साझा वक्तव्य जारी करते हुए, देशों की सरकारों से 50 अरब डॉलर के रोडमैप को वित्तीय समर्थन देने का आग्रह किया है. कोविड-19 महामारी के अन्त और तेज़ पुनर्बहाली को सुनिश्चित किये जाने पर लक्षित इस योजना के ज़रिये विकासशील देशों में, वैक्सीनों, परीक्षणों और उपचारों की विषमता को दूर करना है.

कोविड-19: नेपाल के लिये समर्थन व एकजुटता की अपील

नेपाल में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रतिनिधि डॉक्टर राजेश पाण्डव ने देश में मौजूदा कोरोनावायरस संकट के मद्देनज़र, अन्य देशों से वैक्सीन की अतिरिक्त ख़ुराकों को नेपाल के साथ साझा किये जाने की अपील की है. वैश्विक महामारी कोविड-19 की भीषण लहर की चपेट में आए नेपाल में, संक्रमितों का आँकड़ा पाँच लाख को पार कर गया है और अब तक सात हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

महामारियों से निपटने की तैयारियों के लिये अन्तरराष्ट्रीय सन्धि की पुकार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सदस्य देशों को आगाह किया है कि यह मानना एक बड़ी भूल होगी कि वैश्विक महामारी कोविड-19 का संकट गुज़र चुका है. यूएन एजेंसी प्रमुख टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने मौजूदा कोरोनावायरस संकट से सबक़ लेते हुए एक अन्तरराष्ट्रीय समझौते का आग्रह किया है, ताकि भावी वैश्विक स्वास्थ्य ख़तरों के प्रति समय से पहले चेतावनी प्रणाली को बेहतर बनाया जा सके और वैक्सीनों, उपचारों व परीक्षणों को न्यायोचित ढँग से उपलब्ध कराना सम्भव हो.

कोविड-19: वैक्सीन उत्पादन बढ़ाने व न्यायसंगत वितरण के लिये तत्काल प्रयास ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सचेत किया है कि दुनिया, कोविड-19 वैक्सीन की न्यायसंगत उपलब्धता सुनिश्चित करने के लक्ष्य से बहुत दूर है. उन्होंने शुक्रवार को इन जीवनरक्षक उपायों की न्यायोचित सुलभता के विषय पर आयोजित एक ऑनलाइन चर्चा के दौरान ज़ोर देकर कहा कि इस त्रासदी से हर हाल में बचा जाना होगा.

भारत: कोविड-19 की दूसरी लहर ज़्यादा जानलेवा

भारत में संयुक्त राष्ट्र की रैज़िडेण्ट कोऑर्डिनेटर, रेनाटा डेज़ालिएन ने कहा है कि देश में कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर और वायरस के फैलाव की तेज़ रफ़्तार ने सभी को हैरान कर दिया है. उन्होंने सचेत किया है कि इससे सबक़ लेकर सम्भावित तीसरी लहर से निपटने के लिये स्वास्थ्य तैयारियों को पुख़्ता बनाना होगा. 

भारत: कोविड-19 की दूसरी लहर का रूप बहुत अलग, बहुत घातक

भारत में संयुक्त राष्ट्र की रैज़िडेण्ट कोऑर्डिनेटर, रेनाटा डेज़ालिएन ने कहा है कि देश में कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर और वायरस के फैलाव की तेज़ रफ़्तार ने सभी को हैरान कर दिया है. इससे सबक़ लेकर सम्भावित तीसरी लहर के लिये तैयारियों को पुख़्ता बनाना होगा. उन्होंने यूएन न्यूज़ के साथ एक ख़ास बातचीत में बताया कि मौजूदा संकट के दौरान यूएन एजेंसियाँ, स्वास्थ्य सेवा प्रणाली व टीकाकरण मुहिम को मज़बूती प्रदान करने और कोविड-19 से प्रभावित लोगों तक सहायता पहुँचाने, सभी मोर्चों पर सक्रिय हैं.