स्वास्थ्य

कोविड-19: तथ्य और भ्रान्तियाँ, ऐहतियाती उपाय

कोरोनावायरस यानि कोविड-19 ने दुनिया भर में हड़कंप मचा दिया है. निसंदेह इस वायरस का संक्रमण बीमारी का कारण बन सकता है मगर इसका मुक़ाबला करने में लोग अक्सर भ्रांतियों व अफ़वाहों के भी शिकार हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि सही समझ, जागरूकता, एकजुटता व चिकित्सा सलाह का पालन करके इस विश्व स्वास्थ्य चुनौती का मुक़ाबला असरदार तरीक़े से किया जा सकता है. कुछ इसी तरह के सवाल-जवाब और तथ्यों व भ्रांतियों में अंतर यहाँ प्रस्तुत है...

कोविड-19: यूएन का कामकाज जारी, ‘सेवा के लिए प्रतिबद्धता अटल’

विश्व भर में कोरोनावायरस - कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने अपने कर्मचारियों और दुनिया भर में इसके कार्यालयों का इस्तेमाल करने वालों की सुरक्षा के उपाय बढ़ा दिए हैं. इसके साथ ही ये भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि इस विश्व संगठन का अपरिहार्य कामकाज सामान्य रूप से जारी रहे और इसे मिला मैंडेट पूरा होता रहे और ज़रूरतमंदों को जीवनरक्षक सहायता भी मुहैया कराई जाती रहे.

कोविड-19: सावधानी व सहानुभूति

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कोरोनावायरस कोविड-19 के ख़िलाफ़ एकजुट जंग छेड़ने और एक दूसरे का ख़याल रखने की पुकार लगाई है. उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों की सलाह पर अमल करते हुए ऐहतियाती उपाय मुस्तैदी से करने का भी आहवान किया है. साथ ही इस स्वास्थ्य आपदा का मुक़ाबला करने में  एक दूसरे का ख़याल रखने का भी ज़रूरत पर ज़ोर दिया है.

कोविड-19 के ख़िलाफ़ जंग छेड़ने की पुकार, रखें एक दूसरे का ख़याल

संयक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व को भरोसा दिलाते हुए कहा है कि कोरोनावायरस यानी कोविड-19 अपने चरम पर पहुँचेगा और विश्व अर्थव्यवस्था मंदी से उबर जाएगी, मगर तब तक, “हम सभी को इस वायरस के संक्रमण की रफ़्तार को धीमा करने के लिए एकजुट होकर काम करना होगा, और एक दूसरे का ख़याल रखना होगा.” उन्होंने कोविड-19 के संक्रमण के ख़िलाफ़ जंग छेड़ने का भी आहवान किया.