स्वास्थ्य

मानसिक स्वास्थ्य का बहुत ध्यान ज़रूरी

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोविड-19 महामारी ने दुनिया भर में इंसानों के ना केवल शारीरिक वजूद पर चोट की है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरी तरह हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि दुनिया भर में हर जगह, हर इंसान के मानसिक स्वास्थ्य का ख़याल रखा जाना बहुत ज़रूरी है और ये अभी के लिए नहीं, बल्कि महामारी पर क़ाबू पाए जाने के बाद के समय के लिए भी सुनिश्चित करना है. वीडियो सन्देश...

कोविड-19: मानसिक स्वास्थ्य संकट से निर्बलों को बचाने का आहवान

मानसिक स्वास्थ्य ज़रूरतों को पूरा करने वाली प्रणालियाँ दशकों से कम निवेश और उपेक्षा का शिकार रही हैं और वैश्विक महामारी कोविड-19 ने इन कमज़ोरियों को पूरी तरह उजागर  कर दिया है. संयुक्त राष्ट्र ने इन ख़ामियों, नशीली दवाओं के इस्तेमाल और आत्महत्या के बढ़ते मामलों से उपजी चिन्ता के बीच गुरुवार को सभी देशों से मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने के लिए महत्वाकाँक्षी संकल्प लेने का आहवान किया है. 

रोहिंज्या शिविरों में ऐहतियाती तैयारियाँ

म्याँमार में 2017 में भड़की हिंसा व सुरक्षा बलों के दमन से बचकर भागे लगभग साढ़े सात लाख रोहिंज्या शरणार्थी बांग्लादेश में शरणार्थी शिविरों में रह रहे हैं. वहाँ पहले से लाखों अन्य रोहिंज्या शरणार्थी भी रहे हैं जिन्हें मिलाकर ये विशालतम शरणार्थी बस्ती बन गई है. यूएन शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने इस भीड़ भरी बस्ती में कोविड-19 महामारी के फैलने की आशंका के बीच यूएन ख़ास तैयारियाँ की हैं. देखें वीडियो फ़ीचर...

विकलांग व्यक्तियों का साथ भी ज़रूरी

यूएन महासचिव ने कहा है कि कोविड-19 महामारी दुनिया के एक अरब विकलांग व्यक्तियों को भी बुरी तरह प्रभावित कर रही है. ऐसे में विकलांग लोगों को महामारी के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं और जीवनदायी प्रक्रिया का लाभ दिलाने के लिए समान अधिकारों की गारंटी देनी होगी. महासचिव ने तमाम देशों से आग्रह किया है कि वे कोविड-19 का मुक़ाबला करने और उबरने के प्रयासों में विकलांग व्यक्तियों का प्रमुखता से ध्यान रखें, उनकी राय जानने के साथ-साथ उनसे संपर्क बनाए रखें.  देखें वीडियो संदेश...

कोविड-19: शरणार्थियों की मदद

भारत में कोवड-19 के ख़िलाफ़ लड़ाई में शरणार्थी भी अपनी तरह की मदद कर रहे हैं. भारत में अफ़ग़ानिस्तान और म्याँमार से आए शरणार्थी कॉटन के मास्क बनाकर अपने स्तर का योगदान कर रहे हैं क्योंकि इस लड़ाई में सब साथ हैं. वीडियो फ़ीचर...

कोविड-19: स्वच्छ हाथ बने हथियार

वैश्विक महामारी कोविड-19 का अभी तक कोई इलाज नहीं है. केवल ऐहतियात व रोकथाम ही एक मात्र उपाय है. चूँकि संक्रमित हाथों के ज़रिए ही ये वायरस हमारे शरीर में दाख़िल हो सकता है इसलिए इस वायरस से बचने में हाथों को पूरी तरह स्वच्छ रखना बेहद ज़रूरी है. हाथ धोने का सही तरीक़ा इस वीडियो में देखें...

कोविड-19 के बारे में कुछ सवाल-जवाब

वैश्विक महामारी कोविड-19 का प्रकोप दुनिया भर में फैल गया है जिसके कारण बहुत सी भ्रान्तियाँ और उत्सुकताएँ भी जागी हैं. लेकिन इसकी रोकथाम और इलाज के बारे में अब भी बहुत से प्रश्न अनुत्तरित हैं. कुछ सवालों के जवाब न्यूयॉर्क सिटी स्थित एक डॉक्टर की ज़ुबानी... 

कोविड-19: सीआरपीएफ़ की अनोखी पहल

भारत के असम राज्य में सीआरपीएफ़ और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ने दिहाड़ी मज़दूरों को भोजन सामग्री वितरण के दौरान उनका हौसला बढ़ाने के लिए अनोखा तरीक़ा अपनाया. असम में कामरूप ज़िले के रानी में जवानों ने गीत गाकर उनके मानसिक स्वास्थ्य का भी ख़याल रखा. देखें वीडियो...

कोविड-19 और मानवाधिकार

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोविड-19 महामारी सिर्फ़ एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपदा नहीं है बल्कि एक मानवीय, आर्थिक और सामाजिक संकट है,और यह तेज़ी से मानवाधिकारों का संकट भी बनता जा रहा है. उन्होंने वैश्विक स्वास्थ्य आपदा से निपटने के उपायों में मानवाधिकारों की अहमियत को रेखांकित करते हुए मानव कल्याण और मानवाधिकारों को सर्वोपरि रखने को कहा है...

कोविड-19: WHO की रमज़ान गाइड

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनिया भर में कोविड-19 से पैदा हुई असाधारण परिस्थितियों में मुसलमानों के पवित्र महीने रमज़ान के दौरान रोज़ा (वृत) रखने और अन्य धार्मिक रीति-रिवाज़ पूरे करने के दौरान ऐहतियात बरते जाने के लिए कुछ नए दिशा-निर्देश व सिफ़ारिशें जारी की हैं.