स्वास्थ्य

अनौपचारिक रोज़गार पर गाज

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने कहा है कि कोविड-19 के कारण दुनिया भर में अनौपचारिक सैक्टर में काम करने वाले लगभग दो अरब लोगों की आजीविका पर संकट के बादल मँडराने लगे हैं. करोड़ों लोगों के भुखमरी के गर्त में चले जाने का भी ख़तरा है. एक वीडियो फ़ीचर...

दुष्प्रचार व नफ़रत से टक्कर

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने गुरुवार को ‘Verified’ यानि ‘प्रमाणिक’ मुहिम की शुरुआत की है जिससे डिजिटल माध्यमों पर भरोसेमन्द और सटीक जानकारी की मात्रा और पहुँच बढ़ाने के लिए ‘डिजिटल फ़र्स्ट रिस्पॉन्डर्स’ की एक टीम तैयार की जाएगी.  “हम अपने वर्चुअल माध्यमों में अपनी जगह उन लोगों के लिए नहीं छोड़ सकते जो झूठ, डर और नफ़रत फैलाते हैं.”

कोविड-19: कार्यस्थलों पर वापसी के लिए सुरक्षा व ऐहतियाती उपाय ज़रूरी

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने कहा है कि निकट भविष्य में कोविड-19 से निपटने की ही स्थिति में बहुत से लोग कामकाज पर वापिस लौटेंगे, इसके लिए कार्यस्थलों पर ठोस सुरक्षा उपाय करना बहुत ज़रूरी है. साथ ही ऐहतियाती उपायों के बारे में समुचित जानकारी मुहैया कराना भी बहुत अहम बताया गया है. देखिए वीडियो फ़ीचर...

लैगो रोबोट की हाथ सफ़ाई

जॉर्डन के ज़ैतारी शरणार्थी शिविर में नवीकरण का इस्तेमाल करके एक ऐसा लैगो रोबोट बनाया गया है जो हाथ लगाए बिना ही लोगों की हाथ सफ़ाई में मदद करता है. संक्रमण का फैलाव रोकने के प्रयासों के तहत इस तकनीक को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुँचाया जा रहा है. देखें वीडियो...

मानसिक स्वास्थ्य का बहुत ध्यान ज़रूरी

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोविड-19 महामारी ने दुनिया भर में इंसानों के ना केवल शारीरिक वजूद पर चोट की है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरी तरह हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि दुनिया भर में हर जगह, हर इंसान के मानसिक स्वास्थ्य का ख़याल रखा जाना बहुत ज़रूरी है और ये अभी के लिए नहीं, बल्कि महामारी पर क़ाबू पाए जाने के बाद के समय के लिए भी सुनिश्चित करना है. वीडियो सन्देश...

कोविड-19: मानसिक स्वास्थ्य संकट से निर्बलों को बचाने का आहवान

मानसिक स्वास्थ्य ज़रूरतों को पूरा करने वाली प्रणालियाँ दशकों से कम निवेश और उपेक्षा का शिकार रही हैं और वैश्विक महामारी कोविड-19 ने इन कमज़ोरियों को पूरी तरह उजागर  कर दिया है. संयुक्त राष्ट्र ने इन ख़ामियों, नशीली दवाओं के इस्तेमाल और आत्महत्या के बढ़ते मामलों से उपजी चिन्ता के बीच गुरुवार को सभी देशों से मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने के लिए महत्वाकाँक्षी संकल्प लेने का आहवान किया है. 

रोहिंज्या शिविरों में ऐहतियाती तैयारियाँ

म्याँमार में 2017 में भड़की हिंसा व सुरक्षा बलों के दमन से बचकर भागे लगभग साढ़े सात लाख रोहिंज्या शरणार्थी बांग्लादेश में शरणार्थी शिविरों में रह रहे हैं. वहाँ पहले से लाखों अन्य रोहिंज्या शरणार्थी भी रहे हैं जिन्हें मिलाकर ये विशालतम शरणार्थी बस्ती बन गई है. यूएन शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने इस भीड़ भरी बस्ती में कोविड-19 महामारी के फैलने की आशंका के बीच यूएन ख़ास तैयारियाँ की हैं. देखें वीडियो फ़ीचर...

विकलांग व्यक्तियों का साथ भी ज़रूरी

यूएन महासचिव ने कहा है कि कोविड-19 महामारी दुनिया के एक अरब विकलांग व्यक्तियों को भी बुरी तरह प्रभावित कर रही है. ऐसे में विकलांग लोगों को महामारी के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं और जीवनदायी प्रक्रिया का लाभ दिलाने के लिए समान अधिकारों की गारंटी देनी होगी. महासचिव ने तमाम देशों से आग्रह किया है कि वे कोविड-19 का मुक़ाबला करने और उबरने के प्रयासों में विकलांग व्यक्तियों का प्रमुखता से ध्यान रखें, उनकी राय जानने के साथ-साथ उनसे संपर्क बनाए रखें.  देखें वीडियो संदेश...

कोविड-19: शरणार्थियों की मदद

भारत में कोवड-19 के ख़िलाफ़ लड़ाई में शरणार्थी भी अपनी तरह की मदद कर रहे हैं. भारत में अफ़ग़ानिस्तान और म्याँमार से आए शरणार्थी कॉटन के मास्क बनाकर अपने स्तर का योगदान कर रहे हैं क्योंकि इस लड़ाई में सब साथ हैं. वीडियो फ़ीचर...

कोविड-19: स्वच्छ हाथ बने हथियार

वैश्विक महामारी कोविड-19 का अभी तक कोई इलाज नहीं है. केवल ऐहतियात व रोकथाम ही एक मात्र उपाय है. चूँकि संक्रमित हाथों के ज़रिए ही ये वायरस हमारे शरीर में दाख़िल हो सकता है इसलिए इस वायरस से बचने में हाथों को पूरी तरह स्वच्छ रखना बेहद ज़रूरी है. हाथ धोने का सही तरीक़ा इस वीडियो में देखें...