स्वास्थ्य

खाद्य सुरक्षा: भोजन पकाते समय पोषक तत्व बनाए रखना

ये वीडियो विश्व खाद्य कार्यक्रम की एक परियोजना के लिए विकसित किये गए हैं, जो भारत सरकार की मिड-डे मील योजना के तहत पका हुआ, गरम भोजन तैयार करने वाले रसोइयों और कार्यकर्ताओं के बीच खाद्य सुरक्षा और साफ़-सफ़ाई बेहतर बनाने के लिए हैं. ये वीडियो स्थानीय गैर-सरकारी संगठनों/समुदाय आधारित संगठनों के लिए "खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता" पर बुनियादी मार्गदर्शन के रूप में बहुत उपयोगी जानकारी प्रदान कर रहे हैं, जो प्रवासी मज़दूरों, दैनिक मज़दूरी श्रमिकों, सड़क विक्रेताओं और अन्य कमज़ोर समूहों के लोगों को सामुदायिक रसोई के माध्यम से भोजन प्रदान करते हैं.

 

इस वीडियो में – भोजन में पोषक तत्वों को बचाए रखने के तरीक़ें के बारे में जानकारी...

खाद्य सुरक्षा और साफ़-सफ़ाई की अहमियत

ये वीडियो विश्व खाद्य कार्यक्रम की एक परियोजना के लिए विकसित किये गए हैं, जो भारत सरकार की मिड-डे मील योजना के तहत गरम, पका हुआ भोजन तैयार करने वाले रसोइयों और कार्यकर्ताओं के बीच खाद्य सुरक्षा और साफ़-सफ़ाई बेहतर बनाने के लिए हैं. ये वीडियो स्थानीय ग़ैर-सरकारी संगठनों/समुदाय आधारित संगठनों के लिए "खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता" पर बुनियादी मार्गदर्शन के रूप में बहुत उपयोगी जानकारी प्रदान कर रहे हैं, जो प्रवासी मज़दूरों, दैनिक मज़दूरी श्रमिकों, सड़क विक्रेताओं और अन्य कमज़ोर समूहों के लोगों को सामुदायिक रसोई के माध्यम से भोजन प्रदान करते हैं...

खाद्य सुरक्षा: भोजन दूषित होने से कैसे बचाएँ?

ये वीडियो विश्व खाद्य कार्यक्रम की एक परियोजना के लिए विकसित किये गए हैं, जो भारत सरकार की मिड-डे मील योजना के तहत पका हुआ, गरम भोजन तैयार करने वाले रसोइयों और कार्यकर्ताओं के बीच खाद्य सुरक्षा और साफ़-सफ़ाई बेहतर बनाने के लिए हैं. ये वीडियो स्थानीय गैर-सरकारी संगठनों/समुदाय आधारित संगठनों के लिए "खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता" पर बुनियादी मार्गदर्शन के रूप में बहुत उपयोगी जानकारी प्रदान कर रहे हैं, जो प्रवासी मज़दूरों, दैनिक मज़दूरी श्रमिकों, सड़क विक्रेताओं और अन्य कमज़ोर समूहों के लोगों को सामुदायिक रसोई के माध्यम से भोजन प्रदान करते हैं.

 

इस वीडियो में – भोजन को दूषित होने से कैसे बचाएँ – पर जानकारी...

कोविड-19: यूएन की जवाबी कार्रवाई पर रिपोर्ट जारी, पुनर्बहाली का रोडमैप 

वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण विश्व में भारी उथलपुथल हुई है और स्वास्थ्य के साथ-साथ आर्थिक व सामाजिक जीवन व्यापक स्तर पर प्रभावित हुआ है. संयुक्त राष्ट्र इन हालात में लोगों की ज़िन्दगियाँ बचाने, वायरस पर क़ाबू पाने और आर्थिक संकट के दंश को कम करने के लिए अनेक मोर्चों पर मज़बूती से प्रयासों में जुटा है. यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोरोनावायरस संकट पर यूएन द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई पर गुरूवार को रिपोर्ट जारी करते हुए ये जानकारी दी है.  रिपोर्ट डिजिटल माध्यमों से जारी की गई है. 

योग से शान्ति व सन्तुलन

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ़), न्यूयॉर्क में कार्यरत, सिल्के वॉन ब्रोकहौसन के अनुसार कोविड-19 से उत्पन्न संकट के इस समय में योग से उन्हें शान्त, सन्तुलित और संगठित रहने में मदद करता है. योग करने के लिए किसी ख़ासियत की दरकार नहीं है. योगाभ्यास की कुछ झलकियाँ...

योगाभ्यास: विश्व को भारत का अनुपम उपहार

योग मन, तन और आत्मा के बीच अदभुत तारतम्य बिठाता है जिससे अन्ततः अच्छा शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य हासिल किया जा सकता है. दुनिया को योग की अनुपम भेंट देने वाले भारत में संयुक्त राष्ट्र की रेज़िडेंट कोऑर्डिनेटर, रेनाटा डेज़ालिएन का छठे अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस पर सन्देश. कुछ योगाभ्यास झलकियों के साथ...

योगाभ्यास की एक झलक

इस वर्ष अन्तरराष्ट्रीय दिवस रविवार, 21 जून को मनाया गया. कोविड-19 महामारी के कारण ऐहतियाती उपायों के मद्देनज़र योग से सम्बन्धित ज़्यादातर गतिविधियाँ और आयोजन ऑनलाइन मंचों पर आयोजित किए गए. भारत के स्थाई उपप्रतिनिधि नागराज नायडू की योग गतिविधियाँ...

योग दिवस: कोविड-19 के दबावों से निपटने में विश्व को भारतीय भेंट की अहमियत

संयुक्त राष्ट्र 21 जून को छठा अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहा है जिस दौरान मानव स्वास्थ्य और बेहतर जीवन में इस प्राचीन और व्यापक प्रक्रिया की भूमिका की अहमियत को पहचान दी जा रही है. कोविड-19 महामारी से उत्पन्न अनेक तरह के दबावों और तनावों से निपटने के लिए भी योग को एक शक्तिशाली औज़ार समझा जाता है. 

अनौपचारिक रोज़गार पर गाज

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने कहा है कि कोविड-19 के कारण दुनिया भर में अनौपचारिक सैक्टर में काम करने वाले लगभग दो अरब लोगों की आजीविका पर संकट के बादल मँडराने लगे हैं. करोड़ों लोगों के भुखमरी के गर्त में चले जाने का भी ख़तरा है. एक वीडियो फ़ीचर...

दुष्प्रचार व नफ़रत से टक्कर

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने गुरुवार को ‘Verified’ यानि ‘प्रमाणिक’ मुहिम की शुरुआत की है जिससे डिजिटल माध्यमों पर भरोसेमन्द और सटीक जानकारी की मात्रा और पहुँच बढ़ाने के लिए ‘डिजिटल फ़र्स्ट रिस्पॉन्डर्स’ की एक टीम तैयार की जाएगी.  “हम अपने वर्चुअल माध्यमों में अपनी जगह उन लोगों के लिए नहीं छोड़ सकते जो झूठ, डर और नफ़रत फैलाते हैं.”